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करूणानिधि के अंतिम संस्कार में विभिन्न नेताओं की उपस्थिति से द्रमुक की राजनीतिक ताकत झलकती है

नयी दिल्ली। तमिलनाडु के राजनीतिज्ञ कहे जाने वाले एम.करूणानिधि का मंगलवार शाम को लंबी बीमारी के बाद देहांत हो गया दक्षिण भारत के राजनीति के पितामह एम.करूणानिधि 94 साल के थे। एम. करूणानिधी का जन्म 3 जून, 1924 को हुआ था। करूणानिधि ने अपनी अंतिम सांस अस्पताल में ली। एम.करूणानिधि के निधन की खबर सुनते ही पूरे तमिलनाडु राज्य में शोक की लहर छा गई। राजनीति के इस पितामह ने राजनीति के अलावा साहित्य और सिनेमा जगत में अपनी अमिट छाप छोड़ी। अंतिम संस्कार से पहले दक्षिण के राजनीति के चाणक्य का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शनों के लिए राजाजी हॉल में श्रद्धांज​लि देने के लिए रखा।

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आपको बता दें की करूणानिधि के अंतिम संस्कार में विभिन्न नेताओं की उपस्थिति से इस दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में द्रमुक की राजनीतिक ताकत झलकती है। तमिलनाडु में लोकसभा की 39 सीटें हैं। इसके बारे में नेताओं का कहना है कि उनकी यात्रा का उद्देश्य द्रविड़ राजनीति के इस दिग्गज नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करना था लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इसके मायने इससे कुछ अधिक हैं।'

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सूत्रों के अनुसार कई नेताओं का मानना है कि विभिन्न क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दल करूणानिधि के उत्तराधिकारी एवं पार्टी प्रमुख एम के स्टालिन को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि सहानुभूति लहर के चलते पार्टी के अधिक बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।

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