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हृदय की धमनियों की सिकुडऩ दूर करने के लिए करें ये आसन

हृदय की धमनियों की सिकुडऩ दूर करने के लिए करें ये आसन

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जाड़े में ठंडी हवाओं से सर्दी, जुकाम व खांसी होना आम बात है। इनके लंबे समय तक बने रहने व जो लोग अस्थमा या हृदय रोग से पहले से पीडि़त हैं उनमें हृदय की धमनियों में सिकुडऩ की परेशानी हो जाती है। कुछ योगासन व प्राणायाम मददगार हो सकते हैं। जानते हैं इनके बारे में- मृत संजीवनी मुद्राहृदयरोगियों में यह हृदयाघात की आशंका को घटाकर इस अंग को ताकत देता है। यह सर्दी में खासतौर पर नसों व धमनियों पर होने वाले दबाव को कम करता है। साथ ही ब्लड प्रेशर को सामान्य रखता है। ऐसे करें: शांत जगह पालथी लगाकर बैठें। तर्जनी अंगुली को अंगूठे के निचले भाग पर लगाएं। फिर मध्यमा और अनामिका अंगुली को अंगूठे से छुएं। कनिष्ठिका अंगुली को सीधा रखें। ध्यान रखें: इस मुद्रा में दिन में दो बार १०-१५ मिनट के लिए ही इसे करें। गोमुखासन :इस आसन को करने के दौरान शरीर की जो मुद्रा बनती है वह गाय के मुख के जैसी होती है। इसलिए इसे गोमु
रोगों को भगाने के लिए करें योग

रोगों को भगाने के लिए करें योग

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सांस लेने का सही तरीका और एक्सरसाइज का कॉम्बिनेशन यानी योग, कई बीमारियों को जड़ से खत्म कर सकता है। शरीर की अलग-अलग समस्याओं और रोगों के अनुसार अलग-अलग योग क्रियाएं होती हैं जिन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है। साथ ही शरीर को लचीला, ऊर्जावान और मजबूत बनाए रखने के लिए भी योग करना जरूरी है। यहां हम कुछ ऐसे ही योग की चर्चा कर रहे हैं जिनसे न सिर्फ आप फिट रह सकते हैं बल्कि रोग को दूर भी भगा सकते हैं। थायराइडज्यादातर लोग इन दिनों इस बीमारी से जूझ रहे हैं। हमारे शरीर की उपापचयी क्रियाओं को एडम्स एप्पल नियंत्रित करता है लेकिन जब हॉर्मोन का स्त्राव अनियंत्रित हो जाता है तो थायराइड संबंधित बीमारियां शुरू हो जाती हैं। थायराइड कम या ज्यादा होने पर अलग-अलग समस्याएं सामने आने लगती हैं। ऊर्जा का कम होना, त्वचा संबंधित परेशानियां, चिंता, तनाव, गर्दन में सूजन, बालों का झडऩा और कब्ज जैसे लक्षण इस
लाइफ के ये नियम आपको रखेंगे फिट

लाइफ के ये नियम आपको रखेंगे फिट

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दैनिक जीवन की छोटी-छोटी आदतों पर हम अक्सर ध्यान नहीं देते लेकिन ये हमारे स्वास्थ्य को काफी प्रभावित करती हैं। इनमें सुधार करके आसानी से स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। रोजाना एक छोटी कटोरी दही खाने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 28 फीसदी तक घट सकता है। बिना सहारे उठें कुर्सी से: कुर्सी से उठने के लिए अक्सर हम हत्थों का प्रयोग करते हैं लेकिन नए साल से ऐसा न करने का निश्चय करें। कुर्सी से उठते वक्त पैरों को दृढ़तापूर्वक जमीन पर टिकाएं, पेट की मसल्स टाइट करें और बिना सहारे खड़े हो जाएं। इससे कमर के निचले हिस्से की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। रोजाना एक कटोरी दही खाएं: कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के मुताबिक डेयरी प्रोडक्ट्स डायबिटीज से बचाते हैं। रोजाना एक छोटी कटोरी दही खाने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 28 फीसदी तक घटाया जा सकता है। इसमें मौजूद बैक्टीरिया पाचनतंत्र के लिए फायदेमंद होते
कैंसर से बचा सकती हैं ये आदतें

कैंसर से बचा सकती हैं ये आदतें

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कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसके पूरी तरह ठीक होने की संभावना कम ही होती है । साथ ही एक बार उपचार के बाद भी इसके दोबारा होने का खतरा रहता है । ऐसे में कुछ आदतों को अपनाकर इसके खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है- फल व सब्जी खाएं इनमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर व अन्य पोषक तत्त्व पाए जाते हैं । फाइबर कैंसर पैदा करने वाले फ्री-रेडिकल्स को गेस्ट्रोइन्टेस्टाइनल ट्रैक तक नहीं पहुंचने देते जिससे इसके होने की आशंका कम हो जाती है । पर्याप्त मात्रा में फल, हरी सब्जियां खाने से आहार नली में कैंसर का खतरा घटता है । कार्बोहाइड्रेट फूड्स कम लें कार्बोहाइड्रेट फूड्स जैसे सफेद चावल, पास्ता व शक्कर शरीर में ऊर्जा व ग्लूकोज के स्त्रोत होते हैं, लेकिन इन्हें ज्यादा खाने से बचना चाहिए । ये खाद्य पदार्थ शरीर में ब्लड शुगर का लेवल बढ़ाने के साथ ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी बढ़ाते हैं । वजन नियंत्रित रखें अत्यधिक वजन स
सेहत का खजाना है योग

सेहत का खजाना है योग

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व्यायाम से दूरी, बिगड़ी लाइफस्टाइल और जंकफूड से बढ़ता लगाव न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक रोगों का कारण भी बन रहा है। बच्चों में वजन बढऩे, कमजोर एकाग्रता व याद्दाश्त के मामले सामने आ रहे हैं। युवाओं में बढ़ते तनाव और महिलाओं में खूबसूरती के लिए ब्यूटी प्रोडक्ट्स के प्रयोग के परिणाम भी ज्यादातर नकारात्मक ही रहते हैं। डायबिटीज, अस्थमा और हाई ब्लड प्रेशर जैसे रोग बेहद आम होते जा रहे हैं। इनका समाधान योग में छिपा है। विशेषज्ञों के मुताबिक योग से अधिकतर बीमारियों को खत्म किया जा सकता है। कई बार जानकारी के अभाव में किए गए गलत तरीके से योग के अच्छे परिणाम सामने नहीं आ पाते। ऐसे में वे इससे दूरी बनाने लगते हैं। लेकिन योग विशेषज्ञों के अनुसार सही तरीके से नियमित किया गया योग हमेशा सकारात्मक असर दिखाता है। जानते हैं कि योग से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में- २१ जून २०१५ को योग को बढ़ावा देने के लिए प
तन-मन स्वस्थ रखता विशेष अष्टांग योग

तन-मन स्वस्थ रखता विशेष अष्टांग योग

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भारत की दो हजार वर्ष पुरानी योग विद्या की विश्व स्तर पर अपनी महत्ता है, यह वजह है कि आज विश्व के 193 देशों ने आधिकारिक रूप से योग को स्वीकारा है। आयुर्वेद शास्त्रों में योग का विस्तृत वर्णन है जिसके अनुसार यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि, ये योग के आठ अंग है जिनका अपना अपना महत्व है। यमअहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह, ये पांच मनोभाव यम हैं। इनका पालन करने से सद्भाव, भ्रातृत्व भाव, शांति स्थापना, क्रोध, लोभ, मोह, आदि दुर्गुणों से मुक्त रहकर हम सुखमय जीवन की ओर बढ़ते हैं। आज के प्रतिस्पर्धी युग में ईष्र्या, राग, द्वेष, क्रोध, दंभ व अहंकार आदि के कारण मनोरोगों का अनुपात बढ़ रहा है। यम पालना से मनोविकृतियां निश्चित तौर पर दूर रहती हैं। नियमशौच, संतोष, तप, स्वाध्याय और ईश्वर प्रणिधान, ये 5 नियम हैं। ये नियम भी सदाचरण पर चलने के माध्यम के साथ-साथ आत्म शुद
तन-मन स्वस्थ रखता विशेष अष्टांग योग

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भारत की दो हजार वर्ष पुरानी योग विद्या की विश्व स्तर पर अपनी महत्ता है, यह वजह है कि आज विश्व के 193 देशों ने आधिकारिक रूप से योग को स्वीकारा है। आयुर्वेद शास्त्रों में योग का विस्तृत वर्णन है जिसके अनुसार यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि, ये योग के आठ अंग है जिनका अपना अपना महत्व है। यमअहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह, ये पांच मनोभाव यम हैं। इनका पालन करने से सद्भाव, भ्रातृत्व भाव, शांति स्थापना, क्रोध, लोभ, मोह, आदि दुर्गुणों से मुक्त रहकर हम सुखमय जीवन की ओर बढ़ते हैं। आज के प्रतिस्पर्धी युग में ईष्र्या, राग, द्वेष, क्रोध, दंभ व अहंकार आदि के कारण मनोरोगों का अनुपात बढ़ रहा है। यम पालना से मनोविकृतियां निश्चित तौर पर दूर रहती हैं। नियमशौच, संतोष, तप, स्वाध्याय और ईश्वर प्रणिधान, ये 5 नियम हैं। ये नियम भी सदाचरण पर चलने के माध्यम के साथ-साथ आत्म शुद
कॉरपोरेट सेक्टर के 35% युवा योग को तरजीह देते हैं

कॉरपोरेट सेक्टर के 35% युवा योग को तरजीह देते हैं

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देश के कॉरपोरेट सेक्टर में कार्यरत और फिटनेस के प्रति सचेत करीब 35 प्रतिशत युवा अन्य तरीके के बनिस्पत योग को तरजीह देता है। एसोचैम सोशल डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा एक औचक सर्वेक्षण में सामने आया... Live Hindustan Rss feed
लेफ्टी लोगों के मेंटल हेल्थ ट्रीटमेंट के लिए चाहिए अलग नजरिया : रिसर्च

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आम मानसिक बीमारियों का इलाज लोगों के लिए काफी प्रभावी हो सकता है जो लेफ्टी होते हैं। ऐसा मानना है कि दिमाग की भावनाओं अध्ययन करने वाले एक मॉडल तैयार करने वाले वैज्ञानिकों का। 1970 के बाद जितने भी... Live Hindustan Rss feed