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Tag: एमआरआई 

कई बीमारियां बताती एमआरआई

कई बीमारियां बताती एमआरआई

Health
एमआरआई स्कैन का इस्तेमाल मस्तिष्क, हड्डियों व मांसपेशियों, सॉफ्ट टिश्यू, चेस्ट, ट्यूमर-कैंसर, स्ट्रोक, डिमेंशिया, माइग्रेन, धम नियों के ब्लॉकेज और जेने टिक डिस्ऑर्डर का पता लगाने में होता है । बीमारी की सटीक जान कारी के लिए यह जांच होती है । पहली बार एम आर आई का प्रयोग वर्ष १९७७ में कैंस र की जांच में हुआ था । क्या है एम आर आई मैग्ने टिक रेजोनेंस इमेजिंग (एम आर आई) मशीन बॉडी को स्कैन कर अंग के किस हिस्से में दिक्कत है, की जान कारी देती है । इसमें मैग्ने टिक फील्ड व रेडियो तरंगों का इस्ते माल किया जाता है जो शरीर के अंदर के अंगों की विस्ता र से इमेज तैयार करती हैं । क्या है तकनीक शरीर में सबसे अधिक पानी होता है । पानी के हर मॉलिक्यूल में दो हाइ ड्रोजन प्रोटोन होते हैं । एम आर आई स्कैनिंग के दौरान पावर फुल मैग्ने टिक फील्ड बनता है । हाइड्रो जन के प्रोटोन मैग्ने टिक फील्ड से जुडक़र शरीर के अंग
एसएमएस अस्पताल की एमआरआई मशीन खराब, मरीजों को दी जा रही वेटिंग

एसएमएस अस्पताल की एमआरआई मशीन खराब, मरीजों को दी जा रही वेटिंग

Rajasthan
एसएमएस अस्पताल की एमआरआई मशीन पिछले तीन दिन से खराब है। नतीजतन मरीजों को जांच के लिए खासा परेशान होना पड़ रहा है। फिलहाल रूटीन मरीजों को वेटिंग दी जा रही है और इमरजेंसी केस ही अस्पताल में किए जा रहे हैं। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें दैनिक भास्कर
खुशखबरी: कांबो डिवाईस से हार्ट के मरीजों की हो सकेगी एमआरआई 

खुशखबरी: कांबो डिवाईस से हार्ट के मरीजों की हो सकेगी एमआरआई 

Rajasthan
उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर में ह्दय रोगियों को विशेष कांबो डिवाईस (सीआरटीडी) लगाने सुविधा शुरु होने से अब राज्य के दक्षिण क्षेत्र के इन मरीजों की एमआरआई हो सकेगी। पुष्कर मेला: आकर्षण का केंद्र बने दूल्हा-दुल्हन बने विदेशी पर्यटक जीबीएच अमरीकन अस्पताल के कोर्डियेक निदेशक डॉ. अमित खंडेलवाल ने शनिवार बताया कि अस्पताल के कार्डियेक एवं वेस्क्यूलर सेंटर में हृदयघात रोगियों को सीआरटीडी लगाने से अब उनकी एमआरआई हो सकेगी। उन्होंने बताया कि ह्रदयघात से बचाव के लिए मरीज को तत्काल सीपीआर की जरूरत होती है तथा कई मरीजों को सीआरटीडी की भी जरूरत होती हैं। ट्रांसफार्मर हादसा: नहीं थमा मौंत का सिलसिला, मृतकों की संख्या 17 पहुंची उन्होंने बताया कि इस जीवन रक्षक प्रक्रिया में एमआरआई सेफ कांबो डिवाइस मरीजों के लिए नया वरदान साबित होगा। इस डिवाइस की सुविधा अब तक अहमदाबाद, जयपुर, मुंबई एवं दिल्ली जैसे