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Tag: कैंसर

आधे पुरुषों को नहीं मिलती प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने वाली MRI स्कैन की सुविधा

आधे पुरुषों को नहीं मिलती प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने वाली MRI स्कैन की सुविधा

Health
एक खोज में सामने आया है कि प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने में सबसे सक्षम एमआरआई स्कैन आधे पुरुषों को नहीं मिल पाता। जिससे प्रोस्टेट कैंसर के सही समय पर पता नहीं लग पाता और ये खतरनाक रूप ले लेता है।... Live Hindustan Rss feed
ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम करता है विटामिन डी

ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम करता है विटामिन डी

Health
शरीर में विटामिन डी की कमी होने से हमारा शरीर कई बीमारियां की चपेट में आ जाता है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ कि खून में विटामिन डी का स्तर जितना ज्यादा होगा, ब्रेस्ट कैंसर होने... Live Hindustan Rss feed
कोलोरेक्टल कैंसर से बचने के लिए करें विटामिन डी का सेवन

कोलोरेक्टल कैंसर से बचने के लिए करें विटामिन डी का सेवन

Health
एक अंतरराष्ट्रीय शोध में पाया गया है कि शरीर में विटामिन डी का उच्च स्तर होने से कोलोरेक्टल कैंसर होने की संभावना कम हो जाती है। यह शोध हार्वर्ड टीएच चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ द्वारा किया गया जिसमें... Live Hindustan Rss feed
इनसे सीखें: सीआरपीएफ जवानों ने तोड़ा रोजा, कैंसर मरीज के लिए किया रक्तदान

इनसे सीखें: सीआरपीएफ जवानों ने तोड़ा रोजा, कैंसर मरीज के लिए किया रक्तदान

India
कश्मीर घाटी में तैनात सीआरपीएफ के दो जवानों ने गुरुवार रोजा तोड़कर कैंसर पीड़ित महिला को रक्तदान किया। अधिकारियों ने बताया सीआरपीएफ की ‘मददगार’ हेल्पलाइन पर कुछ दिन पहले किश्तवाड़ निवासी... Live Hindustan Rss feed

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में शुमार हेडली को कैंसर, सर्जरी कर ट्यूमर निकाला गया

Indian Sports
वेलिंगटन। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में शुमार न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर सर रिचर्ड हेडली कैंसर से पीड़ित हो गए हैं लेकिन उनका ऑपरेशन कर ट्यूमर निकाल दिया गया है। उनकी पत्नी डियाने हेडली के मुताबिक, रिचर्ड पिछले महीने अपने नियमित चेकअप के ... खेल-संसार

न्यूज़ीलैंड के महान तेज़ गेंदबाज़ रहे सर रिचर्ड हेडली को हुआ कैंसर, निकाला गया ट्यूमर

Indian Sports
1980 के समय हेडली इमरान खान, इयान बॉथम और कपिल देव जैसे बड़े नामों की तरह ही हरफनमौला खिलाड़ी के रूप में टीम शामिल थे। Jagran Hindi News - cricket:headlines
तंबाकू की लत बना रही है आपको कैंसर का शिकार

तंबाकू की लत बना रही है आपको कैंसर का शिकार

Health
बदलती जीवनशैली और वातावरण में मौजूद विषाक्त कणों के कारण आज के समय में कैंसर जैसी बीमारी तेजी से सामने आ रही है। महिलाएंं भी इससे अछूती नहीं हैं। कैंसर के कई कारण हैं इनमें से एक प्रमुख कारक तंबाकू है। नेशनल इंस्टीटयूट ऑव कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च (एनआईसीपीआर) के अनुसार भारत में करीब 35 फीसदी वयस्क तंबाकू का सेवन करते हैं। वहीं युवा वर्ग में भी इसका आंकड़ा 30 फीसदी तक पहुंच चुका है। तम्बाकू में चार हजार तरह के कैमिकल मौजूद होते हैं जिसमें कई कैंसर कारक कैमिकल भी शामिल हैं। इन कैमिकल में निकोटिन नामक मुख्य कैमिकल मौजूद होता है जिसका सेवन करने पर व्यक्ति शारीरिक और मानसिक तौर पर इस कैमिकल का आदी हो जाता है। तंबाकू से महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरमुंह का कैंसरगले का कैंसरस्वर नलिका का कैंसर गर्भाशय ग्रीवा का कैंसरमस्तिष्क का कैंसरभोजन नलीफेफड़े का कैंसर तंबाकू से होने वाले अन्य रोगहदय र
दो तरह से लौट सकता है कैंसर

दो तरह से लौट सकता है कैंसर

Health
कैंसर के मरीजों में इलाज के बावजूद बीमारी के फिर से होने का खतरा रहता है। तीसरी बार कैंसर लौटने के कारण बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार आदेश श्रीवास्तव का कुछ समय पहले निधन हो गया था। आदेश प्लाज्मा सेल्स के कैंसर मल्टीपल मायलोमा (ब्लड कैंसर) से पीडि़त थे। दूसरी बार का कैंसर दो तरह से- पहले वाले ट्यूमर से भिन्न शरीर में उसी जगह या किसी नए स्थान पर फैल सकता है। जानते हैं इस रोग के विभिन्न पहलुओं को- पहली और दूसरी बार की बीमारी से जुड़े कारण : १. खराब जीवनशैली यदि यह पहली बार कैंसर की वजह थी तो ठीक होने के बाद भी इसे बड़ा खतरा माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्व में एक तिहाई मरीजों की मौत का यही कारण है। लिवर, किडनी, पेट का कैंसर फैलने की बड़ी वजह खराब जीवनशैली मानी जाती है। इनसे बचें: धूम्रपान, शराब, तंबाकू या कोई अन्य नशा अथवा व्यसन, अनियमित व खराब खानपान, शारीरिक श्रम की कमी व प्
ब्रेस्ट कैंसर में पोषक तत्त्वों की कमी से भी होती है गांठ

ब्रेस्ट कैंसर में पोषक तत्त्वों की कमी से भी होती है गांठ

Health
स्तन कैंसर तेजी से बढ़ती और गंभीर समस्या है। भारत में कम उम्र की महिलाएं इससे अधिक ग्रस्त हैं। सही जानकारी, मामूली सावधानी और समय पर लक्षणों की पहचान और इलाज से इससे बचा जा सकता है। यह ब्रेस्ट के ऊतकों खासकर दुग्ध नलिकाओं में गांठ के रूप में होने वाला कैंसर है जिनमें सूजन आ जाती है। प्रमुख लक्षणब्रेस्ट में गांठ व इसका आकार धीरे-धीरे बढऩा, ब्रेस्ट का असामान्य तरीके से बढऩा, बगल में सूजन, निप्पल का लाल पडऩा या उनसे खून आना, स्तन में कोई उभार या असामान्य मोटाई, स्तन में झुर्रियां पडऩा या लालिमा, बिना किसी चोट के स्तन पर खरोंच, दर्द, निप्पल अंदर धंसना व बुखार आना अहम लक्षण हैं। ब्रेस्ट में दर्द या गांठ जरा-सा भी महसूस हो तो डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। कई बार इनमें दर्द नहीं होता लेकिन छूने पर महसूस होती हैं। लक्षण किसी भी उम्र में दिख सकते हैं इसलिए नजरअंदाज न करें। जांचें व इलाज40 साल की उम्र के
कैंसर इलाज के दौरान ठंडी चीजों से करें परहेज

कैंसर इलाज के दौरान ठंडी चीजों से करें परहेज

Health
आयुर्वेद में कैंसर को अर्बुद कहते हैं। इसमें मरीज की शारीरिक एवं मानसिक स्थिति कमजोर होती है जिस कारण उसकी हालत अचानक से खराब होने लगती है। शुरुआती अवस्था में इसकी पहचान हो जाए तो आयुर्वेदिक औषधियों एवं योगासनों से इलाज संभव है। आयुर्वेद में कैंसर के इलाज के दौरान रोगी को खानपान में ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए क्योंकि ये चीजें जठराग्नि को शांत करती हैं। जिससे पाचनतंत्र गड़बड़ाता है। हजारों साल पहले भी सर्जरीआयुर्वेद के अनुसार हजारों साल पहले भी कैंसर के इलाज के लिए सर्जरी की जाती थी। सुश्रुत संहिता के १८वें अध्याय में कैंसर रोग के अलावा औषधियों, शल्य चिकित्सा और अग्निकर्म का भी वर्णन है। आचार्य धातु के औजारों को गर्मकर कैंसर कोशिकाओं को जलाते थे ताकि कैंसर दोबारा न हो । खराब आहार-विहारइस रोग के कई कारण हैं। आयुर्वेद में खराब आहार-विहार, प्रदूषित वातावरण, धूम्रपान व तंबाकू चबाने की लत, आ