News That Matters

Tag: चीजों

ब्रेस्टफीडिंग वीक 2018 : प्रसव बाद डेढ़ माह खट्टी चीजों से करें परहेज

ब्रेस्टफीडिंग वीक 2018 : प्रसव बाद डेढ़ माह खट्टी चीजों से करें परहेज

Health
डिलीवरी के तुरंत बाद नवजात को मां का पीला गाढ़ा दूध पिलाना चाहिए। इससे शिशु में रोग प्रतिरोधकता बढ़ती है। प्रसव बाद महिला को सामान्य अवस्था में आने में डेढ़ माह लगते हैं। तब तक खट्टे फल, नींबू, अचार, इमली की चटनी या खट्टी चीजें खाने से बच्चे को भी दिक्कत हो सकती है। कोल्ड ड्रिंक्स, चाय और कॉफी के प्रयोग से बचें। स्तनपान से शिशु मृत्युदर में 20 फीसदी की कमी लाई जा सकती है। प्रसव बाद बच्चे को दूध पिलाने के लिए प्रोलैक्टिन और ऑक्सीटॉसिन हार्मोन बनते हैं। पहले दूध को कोलोस्ट्रम कहते हैं। यह शिशु को पीलिया से रक्षा करता है। ब्रेस्टमिल्क बढ़ाने के लिए दूध, चावल की खीर लें। जीरे को हल्का भूनें। सुबह-शाम खाने के बाद इसे तांबें के बर्तन में पानी के साथ आधा चम्मच लेने से दूध की गुणवत्ता बढ़ती है। आयुर्वेद में शतावरी, विदारीकंद मिलाकर 5 ग्राम सुबह-शाम दूध के साथ लेने से दूध की मात्रा बढ़ती है। Myth &
GST Effect : एक हफ्ते के अंदर घट जाएंगे इन चीजों के दाम

GST Effect : एक हफ्ते के अंदर घट जाएंगे इन चीजों के दाम

India
उप मुख्यमंत्री एवं जीएसटी मंत्री समूह के संयोजक सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जीएसटी की घटी हुई दर का फायदा उपभोक्ताओं को एक सप्ताह में मिलने लगेगा। जीएसटी काउंसिल ने एक मुश्त 100 से ज्यादा उपभोक्ता... Live Hindustan Rss feed
निर्जीव चीजों से बेइंतहा प्यार तो नहीं?

निर्जीव चीजों से बेइंतहा प्यार तो नहीं?

Health
ऑब्जेक्टम सेक्सुएलिटी के शिकार लोग निर्जीव वस्तु से जुड़ी कहानियां बुनते हुए फंतासी दुनिया में जीते हैं और इन्हें आभासी दुनिया में सुकून मिलता है। ऑब्जेक्टम सेक्सुएलिटी कभी-कभी लोग गुडिय़ा, कम्प्यूटर, टेडी बियर या किसी भी निर्जीव वस्तु के साथ बेहद जुड़ाव महसूस करने लगते हैं और किसी भी हाल में उन चीजों से अलग नहीं होना चाहते। ऐसे लोग ऑब्जेक्टम सेक्सुएलिटी रोग से पीडि़त होते हैं। आ पको जानकर ताज्जुब होगा कि कई महिलाएं और पुरुष निर्जीव वस्तुओं से दीवानेपन की हद तक प्यार कर बैठते हैं। मनोवैज्ञानिक डॉ. संजय गर्ग के पास ऐसे तीन मामले आ चुके हैं। इन दिनों वे प्रमिला बैनर्जी (नाम परिवर्तित) की काउंसलिंग कर रहे हैं। एमबीए डिग्रीधारी 24 वर्षीय प्रमिला ऑफिस में अच्छा परफॉर्मेंस दे रही हैं। मध्यमवर्गीय परिवार की सदस्य प्रमिला की शादी माता-पिता ने चार्टेड अकाउंटेंट अंशुमान से तय कर दी। प्रमिला अंशुमान स
शिशु को इन चीजों से रखें दूर तो बने बात

शिशु को इन चीजों से रखें दूर तो बने बात

Health
घर में नए मेहमान के आने पर माता-पिता वॉकर, फीडिंग बोतल और डाइपर आदि ले लेते हैं। लेकिन इनका प्रयोग शिशु के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है। टीथर और चुसनी : 5-6 माह की उम्र में बच्चा हर चीज मुंह में लेना चाहता है। ऐसे में चुसनी व टीथर की ठीक से सफाई न हो पाने सेे इंफेक्शन का डर रहता है। इनकी जगह पर बच्चे को अच्छी क्वालिटी व गहरे रंग के टीथिंग रिंग या प्लास्टिक की चूडिय़ां दे सकते हैं। लेकिन देने से पहले हर बार इन्हें अच्छे से धोएं। ग्राइप वॉटर : इसके फायदे या नुकसान का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है इसलिए इन्हें न देना ही बेहतर है। वॉकर: छोटे बच्चों को वॉकर देने से पूरी तरह बचें। इससे उनका संतुलन बिगडक़र गिरने का डर रहता है साथ ही उसके प्राकृतिक रूप से चलने में बाधा आती है जिससे कई बार वह देर से चलना सीखता है। सॉफ्ट टॉय' ये भी ठीक से साफ नहीं हो पाते इसलिए इनसे बच्चे को एलर्जी या संक्रमण हो सकता है
कैंसर इलाज के दौरान ठंडी चीजों से करें परहेज

कैंसर इलाज के दौरान ठंडी चीजों से करें परहेज

Health
आयुर्वेद में कैंसर को अर्बुद कहते हैं। इसमें मरीज की शारीरिक एवं मानसिक स्थिति कमजोर होती है जिस कारण उसकी हालत अचानक से खराब होने लगती है। शुरुआती अवस्था में इसकी पहचान हो जाए तो आयुर्वेदिक औषधियों एवं योगासनों से इलाज संभव है। आयुर्वेद में कैंसर के इलाज के दौरान रोगी को खानपान में ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए क्योंकि ये चीजें जठराग्नि को शांत करती हैं। जिससे पाचनतंत्र गड़बड़ाता है। हजारों साल पहले भी सर्जरीआयुर्वेद के अनुसार हजारों साल पहले भी कैंसर के इलाज के लिए सर्जरी की जाती थी। सुश्रुत संहिता के १८वें अध्याय में कैंसर रोग के अलावा औषधियों, शल्य चिकित्सा और अग्निकर्म का भी वर्णन है। आचार्य धातु के औजारों को गर्मकर कैंसर कोशिकाओं को जलाते थे ताकि कैंसर दोबारा न हो । खराब आहार-विहारइस रोग के कई कारण हैं। आयुर्वेद में खराब आहार-विहार, प्रदूषित वातावरण, धूम्रपान व तंबाकू चबाने की लत, आ
जानिए दूध के बाद किन चीजों का सेवन करना होता है खतरनाक

जानिए दूध के बाद किन चीजों का सेवन करना होता है खतरनाक

Health
दूध में कईं मिनरल व विटामिन होते हैं। जो कि शरीर और दिमाग के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं। लेकिन हमारे आयुर्वेद के अनुसार दूध के बाद कुछ चीजों का सेवन करना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए दूध... Live Hindustan Rss feed
इन तीनों चीजों का संतुलन बिगड़ जाए तो होगें कईं रोग

इन तीनों चीजों का संतुलन बिगड़ जाए तो होगें कईं रोग

Health
शरीर में वात-पित्त-कफ समान रूप से होने पर व्यक्ति स्वस्थ रहता है। यदि शरीर में इन तीनों का संतुलन बिगड़ जाए तो कई रोग हो जाते हैं। यहां प्रस्तुत हैं वात से होने वाले 80 रोग। 1. नखभेद : नाखूनों का टूटना।2. विपादिका : हाथ-पैर फटना। 3. पादशूल : पैरों में दर्द होना। 4. पादभ्रंश : पैरों पर नियंत्रण न हो पाना।5. पादसुप्तता : पैरों का सुन्न होना।6. वात खुड्डता : पैर व जांघ की संधियों में वात जन्य वेदना का होना, पिंडली वाली दो हड्डियां, घुटनों के नीचे वाली दो हड्डियों (जंघास्थि और अनुजंघास्थि) टखने से एड़ी तक के हिस्से केजोड़ों में दर्द और लंगड़ापन। 7 गुल्फ ग्रह : (गुल्फ प्रदेश का जकड़ जाना)- एड़ी के आसपास सात हड्डियों के समूह को गुल्फ प्रदेश कहते हैं।8. पिडिकोद्वेष्टन : पैर की पिंडलियों में ऐंठन जैसा दर्द। 9. ग्रध्रसि : सायटिका का दर्द। इसमें कमर से कूल्हे की हड्डी में होकर पैर तक एक सायटिका नाड़