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Tag: डेंगू

डेंगू की तरह होते हैं स्क्रब टाइफस के लक्षण

डेंगू की तरह होते हैं स्क्रब टाइफस के लक्षण

Health
आज कल स्क्रब टाइफस नाम की बीमारी के कई मामले सामने आ रहे हैं। पिस्सुओं के काटने से होने वाली इस बीमारी में भी डेंगू की तरह प्लेटलेट्स की संख्या घटने लगती है। यह खुद तो संक्रामक नहीं लेकिन इसकी वजह से शरीर के कई अंगों में संक्रमण फैलने लगता है।   कैसे फैलता है : पिस्सू के काटते ही उसके लार में मौजूद एक खतरनाक जीवाणु रिक्टशिया सुसुगामुशी मनुष्य के रक्त में फैल जाता है। सुसुगामुशी दो शब्दों से मिलकर बना है जिसका अर्थ होता है सुसुगा : छोटा व खतरनाक और मुशी मतलब माइट। इसकी वजह से लिवर, दिमाग व फेफड़ों में कई तरह के संक्रमण होने लगते हैं और मरीज मल्टी ऑर्गन डिसऑर्डर के स्टेज में पहुंच जाता है। इन्हें ज्यादा खतरा : पहाड़ी इलाके, जंगल और खेतों के आस-पास ये पिस्सू ज्यादा पाए जाते हैं। लेकिन शहरों में भी बारिश के मौसम में जंगली पौधे या घने घास के पास इस पिस्सू के काटने का खतरा रहता है। लक्षणों
डेंगू के साथ दिल्ली में नहीं फैलने पाए निपाह वायरस : हाईकोर्ट

डेंगू के साथ दिल्ली में नहीं फैलने पाए निपाह वायरस : हाईकोर्ट

Delhi
डेंगू के साथ दिल्ली में नहीं फैलने पाए निपाह वायरस : हाईकोर्टनई दिल्ली | हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्र, दिल्ली सरकार और तीनों एमसीडी को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि इस... आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें दैनिक भास्कर
सावधान: एक ही मच्छर डेंगू, चिकनगुनिया-जीका फैला रहा!

सावधान: एक ही मच्छर डेंगू, चिकनगुनिया-जीका फैला रहा!

Health
सावधान! एक ही मच्छर आपको एक साथ तीन जानलेवा बीमारियों का शिकार बना सकता है। राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) पुणे के शोध में इस बात की पुष्टि हुई है कि डेंगू फैलाने वाला मच्छर ही चिकनगुनिया... Live Hindustan Rss feed
एडीज मच्छर से होती है डेंगू बीमारी

एडीज मच्छर से होती है डेंगू बीमारी

Health
डेंगू एडीज इजिप्टी नामक मच्छर के कारण होने वाला रक्तस्रावी बुखार है। 1950 के दशक में सबसे पहले फिलीपींस और थाईलैंड में डेंगू संक्रमण का पहला मामला दर्ज किया गया। अब भारत सहित कई एशियाई और लैटिन अमरीकी देशों में डेंगू एक महामारी की तरह फैल रहा है। डेंगू को ‘ब्रेक बोन’ बुखार के नाम से भी जाना जाता है। तेज सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, जी घबराना, उल्टी आदि लक्षणों के साथ तेज बुखार डेंगू का संकेत हो सकते हंै। संक्रमित मच्छर के काटे जाने के चार से दस दिन के भीतर ये लक्षण पैदा हो सकते हैं। डेंगू को लेकर कई तरह के मिथक प्रचलित हैं, लेकिन उनमें सच्चाई कम और हमेशा की तरह बीमारी को भयावह बनाने के तथ्य ज्यादा शामिल हैं। ऐसे ही १० मिथकों और उनकी सच्चाई पर डालें एक नजर और रहें सतर्क। मिथक डेंगू एक संक्रामक बीमारी है और संपर्क से फैलती है। डेंगू केवल बारिश के मौसम में फैलता है डेंगू के उपचार के
मच्छरों से सावधान! एम्स, कुतुबमीनार जाने वाले हैं तो कहीं डेंगू न डंक मार दे

मच्छरों से सावधान! एम्स, कुतुबमीनार जाने वाले हैं तो कहीं डेंगू न डंक मार दे

Delhi
मच्छरों से सावधान! एम्स, कुतुबमीनार जाने वाले हैं तो कहीं डेंगू न डंक मार देतरुण सिसोदिया | नई दिल्ली tarun.kumar6@dbcorp.in यदि आप एम्स में इलाज कराने जा रहे हैं या किसी सगे संबंधी का हाल जानने के लिए... आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें दैनिक भास्कर
डेंगू एवं मलेरिया के खात्मे के लिए स्वास्थ्य विभाग ने छप्पड़ों में छोड़ी गंबूजिया मछली

डेंगू एवं मलेरिया के खात्मे के लिए स्वास्थ्य विभाग ने छप्पड़ों में छोड़ी गंबूजिया मछली

Punjab
डेंगू एवं मलेरिया के खात्मे के लिए स्वास्थ्य विभाग ने छप्पड़ों में छोड़ी गंबूजिया मछलीअलावलपुर | स्वास्थ्य विभाग पंजाब एवं सिविल सर्जन जालंधर के दिशा निर्देशों पर सीनियर मेडिकल ऑफिसर सीएचसी आदमपुर... आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें दैनिक भास्कर
मच्छरों से सावधान ! एम्स, कुतुबमीनार जाने वाले हैं तो कहीं डेंगू न डंक मार दे

मच्छरों से सावधान ! एम्स, कुतुबमीनार जाने वाले हैं तो कहीं डेंगू न डंक मार दे

Delhi
नियमित जांच के दौरान डेंगू का लार्वा मिला। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें दैनिक भास्कर
गिलोय और पीपल के पत्तों का रस डेंगू में लाभदायक

गिलोय और पीपल के पत्तों का रस डेंगू में लाभदायक

Health
आयुर्वेद में डेंगू के रोग को ‘मज्जा धातु गत ज्वर’ कहा जाता है क्योंकि यह बोनमैरो पर हमला कर प्लेटलेट्स की संख्या को कम कर देता है। डेंगू से बचाव के लिए आयुर्वेद में गिलोय के रस और पीपल के पत्तों से तैयार रस को काफी महत्व दिया गया है। इसके अलावा इस पद्धति में अन्य उपाय भी बताए गए हैं। जानते हैं उनके बारे में। अश्वगंधा क्षीर पाक : एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण को एक कप दूध के साथ सुबह नाश्ते में लेने से रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) में इजाफा होता है जिससे आप डेंगू जैसे रोगों की चपेट में नहीं आते।ब्रह्मरसायन: इसके एक चम्मच चूर्ण को एक कप दूध के साथ लेने से भी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। डेंगू का उपचार: इसके इलाज के लिए मरीज की पित्त शमन चिकित्सा की जाती है। जिसमें मरीजों को ‘ज्वर हर क्वाथ’ का काढ़ा पीने के लिए दिया जाता है। यह काढ़ा त्रिफला, गिलोय, पिप्पली, धनिया, चिरायता
तरल पदार्थ बढ़ाते है डेंगू से लडऩे की ताकत

तरल पदार्थ बढ़ाते है डेंगू से लडऩे की ताकत

Health
डेंगू एक वायरस जनित रोग है जो एडीज मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर साफ पानी में पनपता है जो दिन के समय ज्यादा काटता है। इस मच्छर के काटने पर ३-14 दिनों में इसके लक्षण दिखने लगते हैं। डेंगू रोग की तीन अवस्थाएं होती हैं। पहली, क्लासिकल जिसमें सिरदर्द व बुखार होता है। दूसरी अवस्था, डेंगू हेमरेजिक फीवर की होती है जिसमें प्लेटलेट्स तेजी से गिरने पर रक्तस्राव की आशंका बढ़ जाती है। तीसरी स्थिति, डेंगू शॉकिंग सिंड्रोम होती है जिसमें ब्लड प्रेशर तेजी से गिरने पर मरीज की जान भी जा सकती है। लक्षणों को पहचानें डेंगू के रोगी को लगभग पांच दिनों तक तेज बुखार के साथ अधिक सर्दी लगती है। सिरदर्द, कमरदर्द, जोड़ों का दर्द, बुखार, थकावट, कमजोरी, हल्की खांसी, गले में खराश और उल्टी होने के साथ ही शरीर पर लाल रंग के दाने दिखाई देते हैं। ये दाने दो चरणों में शरीर पर उभरते हैं। पहली बार शुरू के दो से तीन दिन मे

डेंगू पर सियासत से दिव्यांग हुआ आहत, मुंडवा दिए अपने बाल

Rajasthan
डेंगू अपने पैर पसार रहा है। एक के बाद एक मौतें हो रही है और सियासी बयानबाजी भी नहीं रुक रही है। Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala