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Tag: मधुमेह

मधुमेह व हृदय रोगी भी रख सकते हैं रमजान के रोजे : विशेषज्ञ

मधुमेह व हृदय रोगी भी रख सकते हैं रमजान के रोजे : विशेषज्ञ

Health
रमजान के पवित्र महीने की शुरुआत होते ही रोजे रखने का ख्याल ही कई बार मधुमेह और हृदय रोगियों के मन में दुविधा भरे कई सवाल खड़े कर देता है। रोजों के दौरान लम्बे समय तक भूखा रहना पड़ता है। इस साल हमारे महाद्वीप में रोजों का समय औसत रूप से करीब 15 घंटों का रहेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि मधुमेह के रोगी पूर्ण जानकारी और उपयुक्त विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर सफलतापूर्वक अपने मधुमेह को नियंत्रित करते हुए रोजे रख सकते हैं। मरीजों को रोजों के दौरान अपने रक्त ग्लूकोस की नियमित जांच करनी चाहिए जिससे मधुमेह को अच्छी तरह से नियंत्रित किया जा सके। जो मरीज सिर्फ गोलियों के सहारे अपने मधुमेह का नियंत्रण करते हैं, उनको विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार दवाइयों के समय में बदलाव करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, रमजान के रोजे करते हुए मधुमेह के मरीजों को भारी एवं गरिष्ठ भोजन से बचना चाहिए। भजिया, पकोड़े, मिठाइ
मधुमेह रोगियों में हार्ट अटैक का खतरा कम करता है आयुर्वेद

मधुमेह रोगियों में हार्ट अटैक का खतरा कम करता है आयुर्वेद

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वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा विकसित आयुर्वेदिक दवा बीजीआर-34 मधुमेह रोगियों में हार्ट अटैक के खतरे को पचास फीसदी तक कम कर देती है। इस दवा के करीब 50 फीसदी सेवनकर्ताओं में ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन का स्तर नियंत्रित पाया गया। शोध में यह बात सामने आई है। जर्नल ऑफ ट्रडिशनल एंड कंप्लीमेंट्री मेडिसिन के ताजा अंक में इससे जुड़े शोध को प्रकाशित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार बीजीआर-34 मधुमेह रोगियों के लिए एक कारगर दवा के रूप में पहले से ही स्थापित है। मौजूदा एलोपैथी दवाएं शर्करा का स्तर तो कम करती हैं लेकिन इससे जुड़ी अन्य दिक्कतों को ठीक नहीं कर पाती हैं। बीजीआर में इन दिक्कतों को भी दूर करने के गुण देखे गए हैं। जर्नल के अनुसार भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशा-निर्देशों के तहत एक अस्पताल में 64 मरीजों पर चार महीने तक इस दवा का परीक्षण किया गया है। इस
गठिया, मधुमेह के मरीजों का जीवनसाथी से झगडऩा नुकसानदेह

गठिया, मधुमेह के मरीजों का जीवनसाथी से झगडऩा नुकसानदेह

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गठिया और मधुमेह से पीडि़त लोग यदि अपने जीवनसाथी के साथ झगड़ते हैं तो इससे उनका शारीरिक कष्ट और बढ़ सकता है। यह बात एक शोध के आधार पर कही गई है। 'एनल्स ऑफ बिहैवियोरल मेडिसिन' में प्रकाशित शोध के नतीजों के अनुसार, गठिया और मधुमेह से पीडि़त बुजुर्गों के दो अलग-अलग समूहों के मरीजों में जिन्हें अपने जीवनसाथी को लेकर ज्यादा तनाव महसूस होता था, उनकी तकलीफें ज्यादा बढ़ी हुई पाई गईं। शोध के सह-लेखक व अमरीका स्थित पेंसिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर लीन मार्टायर ने कहा, शोध के नतीजों से हमें यह जानने को मिला कि शादी से किस प्रकार स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। खासतौर से गठिया और मधुमेह जैसे रोगों से पीडि़त मरीजों को यह जानना आवश्यक है। शोधकर्ता ने बताया कि घुटनों की हड्डियों के रोग से पीडि़त मरीज बहुत जल्द अपंग बन जाते हैं और अनियंत्रित मधुमेह से पीडि़त मरीजों को ज्यादा खतरा बना रहता है। शोधक
मधुमेह के मरीजों का जीवनसाथी से झगड़ना होता है नुकसानदेह

मधुमेह के मरीजों का जीवनसाथी से झगड़ना होता है नुकसानदेह

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गठिया और मधुमेह से पीड़ित लोग यदि अपने जीवनसाथी के साथ झगड़ते हैं तो इससे उनका शारीरिक कष्ट और बढ़ सकता है। यह बात एक शोध के आधार पर कही गई है।  'एनल्स ऑफ बिहैवियोरल मेडिसिन' में प्रकाशित... Live Hindustan Rss feed
मधुमेह के इलाज में मदद कर सकता है विटामिन डी

मधुमेह के इलाज में मदद कर सकता है विटामिन डी

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वैज्ञानिकों का कहना है कि विटामिन डी मधुमेह के इलाज में मदद कर सकता है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि विटामिन डी अग्न्याशय में खराब बीटा कोशिकाओं का इलाज करने में मदद कर सकता है जो हार्मोन इंसुलिन का... Live Hindustan Rss feed