News That Matters

Tag: रोबोटिक

रोबोटिक स्पाइनल सर्जरी है कारगर

रोबोटिक स्पाइनल सर्जरी है कारगर

Health
आजकल रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। जिसमें कमर और गर्दन में दर्द के मामले सबसे ज्यादा देखे जा रहे हैं। कुछ समय पहले इसे बढ़ती उम्र से जुड़ी समस्या मानते थे, लेकिन यह परेशानी आज युवाओं में ज्यादा देखी जा रही है। खासतौर पर 24-28 साल के आयुवर्ग के बीच के लोगों में यह कॉमन है। साथ ही ऐसे लोग जिन्हें कभी रीढ़ की हड्डी से जुड़ी दुर्घटना हुई हो, उन्हें रोबोटिक स्पाइनल सर्जरी राहत पहुंचा सकती है। अंतिम विकल्प सर्जरी रीढ़ की हड्डी के रोग के उपचार के लिए कई मेडिकल प्रक्रियाओं का प्रयोग किया जाता है। जैसे फिजियोथैरेपी, दर्द निवारक दवाएं, इंजेक्शन आदि। कई मामलों में ये उपाय कारगर साबित नहीं होते। ऐसी में सर्जरी ही अंतिम विकल्प बचती है। ओपन सर्जरी या पारंपरिक स्पाइन सर्जरी यूं तो मरीज की हालत में सुधार लाती है, पर इसमें कई जोखिम भी होते हैं। जैसे इंफे
नए जमाने का इलाज रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी

नए जमाने का इलाज रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी

Health
मेडिकल जगत की उच्च तकनीकों में रोबोटिक सर्जरी को क्रंातिकारी माना जा रहा है। भारत में जहां मरीजों की तुलना में डॉक्टरों का अनुपात कम है, ऐसे में रोबोटिक सर्जरी फायदेमंद हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार गलतियों व संक्रमण की आशंका को कम करने वाली यह सर्जरी भविष्य में इलाज की नई तस्वीर पेश करेगी। इन बीमारियों के लिए उपयोगी छाती, फेफड़े, सांसनली, छोटी व बड़ी आंत, किडनी, गॉलब्लैडर, पैनक्रियाज फूड पाइप, थाइमस (हृदय व रक्तवाहिकाओं के ऊपर स्थित ग्रंथि) व पेट आदि अंगों में कैंसर, इनकी कार्यप्रणाली में गड़बड़ी या ट्यूमर होने की दशा में रोबोटिक सर्जरी की सलाह दी जाती है। इसके अलावा मोटापा घटाने के लिए बैरिएट्रिक सर्जरी में भी रोबोट का सहारा लिया जाता है। ऑपरेशन से पहले की कवायद रोबोटिक सर्जरी करने से पहले ब्लड टैस्ट, हार्ट व लंग्स की फंक्शनिंग, ब्लड प्रेशर व ब्लड शुगर संबंधी जांचें की जाती हैं। रिपोट