News That Matters

Tag: लक्षण

लक्षण दिखने से पहले ही जानलेवा बीमारियों का पता लगा लेगा ये ब्लड टेस्ट

लक्षण दिखने से पहले ही जानलेवा बीमारियों का पता लगा लेगा ये ब्लड टेस्ट

Health
अमेरिका के हार्वर्ड मेडिकल स्कूल ने एक ऐसी तकनीक ईजाद की है जिसकी मदद से पांच जानलेवा बीमारियां का उनके लक्षण दिखने से पहले ही पता लगाया जा सकेगा। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस तकनीक से जन्म के समय ही... Live Hindustan Rss feed

छत्तीसगढ़ में डेंगू का कहर, 12 की मौत, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय

India
डॉ सर्वेश्वर भुरे की अध्यक्षता में तीन विभागों के अफसरों की संयुक्त टीम गठित कर दी गई है, जो अस्पतालों में इलाज पर निगरानी व समन्वय स्थापित करेगी। Jagran Hindi News - news:national
बच्चे की शैतानी कहीं बीमारी के लक्षण तो नहीं?

बच्चे की शैतानी कहीं बीमारी के लक्षण तो नहीं?

Health
क्या आपका बच्चा आजकल जरूरत से ज्यादा शैतान हो गया है, कोई भी काम टिक कर नहीं करता, बात-बात पर चिड़चिड़ा हो जाता है तो मम्मी आप इसे नजरअंदाज ना करें क्योंकि विशेषज्ञों के अनुसार यह अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) के लक्षण हो सकते हैं। आइए जानते हैं क्या है एडीएचडी और इस समस्या से कैसे बच सकते हैं। बा ल रोग विशेषज्ञों के अनुसार देश के छह फीसदी से ज्यादा बच्चे अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) की चपेट में हैं। यह समस्या आम होती जा रही है। एडीएचडी दिमाग की एक ऐसी अवस्था है, जिसके चलते बच्चे का किसी भी चीज पर ध्यान देना कम हो जाता है। वह न तो ठीक से पढ़ पाता है, न ही खेल पाता है और हमेशा जल्दबाजी में रहता है।   उम्र के साथ यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती जाती है, जिसकी वजह से बच्चा स्कूल व समाज में अन्य बच्चों की तुलना में पिछड़ता चला जाता है। यह समस्या ६ से १२ सा
पेट से जुड़े कैंसर के लक्षण व उपचार

पेट से जुड़े कैंसर के लक्षण व उपचार

Health
भारत में सामान्य गेस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) कैंसर में पेट का कैंसर, भोजन नलिका का कैंसर, पित्ताशय का कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर, लिवर व पाचन ग्रंथि का कैंसर शामिल है। दुनियाभर में कैंसर से होने वाली मौतों के मामले में इसका स्थान तीसरे नंबर पर है। जानते हैं इसके लक्षणों और इलाज के बारे में। पेट का कैंसर इस कैंसर का पता चलने की औसत आयु 60 वर्ष है और यह पुरुषोंं को ज्यादा होता है। भूख ना लगना, वजन घटना, थकान व एनीमिया इसके प्रमुख लक्षण हैं। पित्त ग्रंथि कैंसर पेटदर्द, वजन घटना या पीलिया होना इसके प्रमुख लक्षण हैं। इस कैंसर का पता बहुत बाद में चलता है इसलिए महज 15 से 20 फीसदी रोगियों में ही सर्जरी की संभावना बचती है, जो इसका एकमात्र इलाज भी है। लिवर कैंसर यह लिवर की पुरानी बीमारी या फिर सिरोसिस में होता है। इस रोग में कुछ रोगियों के पेट में ऊपरी हिस्से में हल्का दर्द, वजन घटना, जल्दी पेट भर जाना
यदि आपकी हड्डियों में होता है दर्द और यह हैं लक्षण तो फौरन डाक्टर से सलाह लें, क्योंकि हो सकती है ये खतरनाक बीमारी

यदि आपकी हड्डियों में होता है दर्द और यह हैं लक्षण तो फौरन डाक्टर से सलाह लें, क्योंकि हो सकती है ये खतरनाक बीमारी

Health
शरीर में अक्सर जोड़ों के दर्द पर ही ध्यान दिया जाता है। शरीर में अन्य स्थानों की हड्डियों पर होने वाले दर्द को भी नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन इस दर्द को नजरअंदाज करना आपके लिए घातक हो सकता है। क्योेकि इन हड्डियों में कैंसर भी हो सकता है। सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है हड्डियों का दर्द, खिंचा-खिंचा महसूस होना और एक या एक से अधिक हड्डियों में दर्द महसूस होना घातक बीमारी के लक्षण हैं। सीनियर ज्वांइट रिपलेसमेंट सर्जन डॉ धीरज दुबे कर का कहना है कि हड्डी औऱ जोड़ों का दर्द से जुड़ी कुछ समस्याओं से निजात पाने के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। मेटास्टासाइजेज भी बड़ी वजहदुबे का कहना है कि हड्डियों का दर्द, जोड़ों के दर्द की तुलना में कम पाया जाता है। हड्डियां टूटने के साथ ही हड्डियों तक कैंसर फेल जाने यानि मेटास्टासाइजेज भी बड़ी वजह हो सकता है। अगर दर्द के कारणों की बात करें तो जोड़ों का दर्द चोट
मुंह से दुर्गंध आना भी है डायबिटीज का लक्षण

मुंह से दुर्गंध आना भी है डायबिटीज का लक्षण

Health
मुंह से दुर्गंध आने की समस्या डायबिटीज के कारण भी हो सकती है। हमारे दांत की एलविओलर हड्डी और मसूढ़े मांसपेशियों से जुड़े होते हैं। ऐसे में डायबिटीज के मरीजों में शुगर लेवल अनियंत्रित होने पर उनके मसूढ़े कमजोर हो जाते हैं। इससे दांतों के बीच खाली जगह बनने लगती है जहां भोजन के दौरान खाने के अवशेष फंस जाते हैं। इनमें धीरे-धीरे कीटाणु पनपने लगते हैं जो मुंह में बदबू की वजह बनते हैं। रोगी माउथवॉश या जेल का प्रयोग न करें क्योंकि इनमें अल्कोहल हो सकता है जिससे मुंह में बदबू की समस्या बढ़ सकती है। दांत की तकलीफें करती इशारा दांत से जुड़ी तकलीफें मधुमेह के रोगियों में ज्यादा होती हैं। ऐसे में उनमें पायरिया का खतरा बढ़ जाता है। दांत कमजोर होने के साथ मसूढ़ों में सूजन व तेज दर्द होता है। इनमें संक्रमण के कारण दांतों का रंग बदलने लगता है जिससे इनमें हल्का सा कालापन आ सकता है। मसूढ़ों में होने वाले छोट
डेंगू की तरह होते हैं स्क्रब टाइफस के लक्षण

डेंगू की तरह होते हैं स्क्रब टाइफस के लक्षण

Health
आज कल स्क्रब टाइफस नाम की बीमारी के कई मामले सामने आ रहे हैं। पिस्सुओं के काटने से होने वाली इस बीमारी में भी डेंगू की तरह प्लेटलेट्स की संख्या घटने लगती है। यह खुद तो संक्रामक नहीं लेकिन इसकी वजह से शरीर के कई अंगों में संक्रमण फैलने लगता है।   कैसे फैलता है : पिस्सू के काटते ही उसके लार में मौजूद एक खतरनाक जीवाणु रिक्टशिया सुसुगामुशी मनुष्य के रक्त में फैल जाता है। सुसुगामुशी दो शब्दों से मिलकर बना है जिसका अर्थ होता है सुसुगा : छोटा व खतरनाक और मुशी मतलब माइट। इसकी वजह से लिवर, दिमाग व फेफड़ों में कई तरह के संक्रमण होने लगते हैं और मरीज मल्टी ऑर्गन डिसऑर्डर के स्टेज में पहुंच जाता है। इन्हें ज्यादा खतरा : पहाड़ी इलाके, जंगल और खेतों के आस-पास ये पिस्सू ज्यादा पाए जाते हैं। लेकिन शहरों में भी बारिश के मौसम में जंगली पौधे या घने घास के पास इस पिस्सू के काटने का खतरा रहता है। लक्षणों
लक्षण दिखने से पहले ही पकड़ में आ जाएंगे 10 तरह के कैंसर

लक्षण दिखने से पहले ही पकड़ में आ जाएंगे 10 तरह के कैंसर

Health
वैज्ञानिकों ने एक ऐसा तरीका ईजाद किया है जिससे लक्षण नजर आने से काफी पहले एक-दो नहीं कम से कम 10 तरह के कैंसर पकड़ में आ सकते हैं। विशेषज्ञ इसे कैंसर रिसर्च का होली ग्रेल करार दे रहे... Live Hindustan Rss feed
जानें क्या हैं जानलेवा Nipah वायरस के लक्षण और बचाव के उपाय

जानें क्या हैं जानलेवा Nipah वायरस के लक्षण और बचाव के उपाय

Health
निपाह वायरस (NiV) के इंसानों में संक्रमण का पता चिकित्सीय जांचों द्वारा लगाया जा सकता है। निपाह के संक्रमण की जांच शुरुआती दौर से लेकर श्वसनतंत्र के गंभीर रूप से प्रभावित होने और जानलेवा... Live Hindustan Rss feed
गर्मी में दिखें ये लक्षण तो तुरंत लें डॉक्टर की सलाह

गर्मी में दिखें ये लक्षण तो तुरंत लें डॉक्टर की सलाह

Health
तापमान का चढ़ता पारा और तेज धूप सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है। गर्मी की वजह से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन होता है। जिस वजह से तकलीफ शुरू होती है। इलेक्ट्रोलाइट्स से ही शरीर के सभी अंग ठीक से काम करते हैं। इलेक्ट्रोलाइट्स सोडियम, पोटैशियम, क्लोराइड, बाई-कार्बोनेट, मैग्नीशियम क्लोराइड का मिश्रण होता है जो दिल से लेकर दिमाग और किडनी तक को सुरक्षित रखने का काम करता है। शरीर में पानी या सोडियम की कमी होने से चिड़चिड़ेपन की शिकायत होती है। ब्लड प्रेशर का स्तर तेजी से कम होता है। किडनी में सोडियम होता है जिसका स्तर 135 से 140 के बीच होता है। सोडियम का लेवल 135 से कम होने पर दिमाग में सूजन आने लगती है जिससे व्यक्ति को झटके आने शुरू होते हैं। इसका स्तर 110 के नीचे पहुंच गया तो व्यक्ति कोमा तक में जा सकता है। इसी तरह पोटैशियम का काम है जो खून में दो फीसदी और 98 फीसदी शरीर की कोशिकाओं में हो