News That Matters

Tag: समीक्षा

सत्यमेव जयते : फिल्म समीक्षा

Entertainment
मिलन मिलाप ज़वेरी ने 'सत्यमेव जयते' नामक फिल्म उस दर्शक वर्ग के लिए बनाई है जो बड़े परदे पर सिर्फ माराकूटी देखना पसंद करता है। उसे कहानी, अभिनय, निर्देशन या लॉजिक से कोई मतलब नहीं होता है। घिसी-पिटी कहानी और बासी हो चुके फॉर्मूलों में जकड़ी सत्यमेव ... मनोरंजन

गोल्ड : फिल्म समीक्षा

Entertainment
रीमा कागती द्वारा निर्देशित फिल्म 'गोल्ड' में आधी हकीकत और आधा फसाना को दर्शाया गया है। लेखन के बजाय निर्देशक के रूप में रीमा कागती का काम बेहतर है। अक्षय कुमार की भूमिका थोड़ी अजीब है। उनके पास करने को ज्यादा कुछ नहीं था, लेकिन सबसे लंबा रोल उन्हें ... मनोरंजन

विश्वरूप 2 : फिल्म समीक्षा

Entertainment
कमल हासन ने महसूस किया कि 'विश्वरूप' की कहानी को वे ढाई घंटे में नहीं दिखा सकते इसलिए उन्होंने इसे दो भागों में बनाने का फैसला लिया। पहले भाग में उन्हें 60 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था बावजूद इसके उन्होंने दूसरा भाग बनाने की हिम्मत दिखाई। मनोरंजन

मुल्क : फिल्म समीक्षा

Entertainment
सभी मुस्लिम आतंकवादी नहीं होते। इस लाइन को अंडरलाइन करते हुए कई फिल्में बनी हैं। अनुभव सिन्हा की 'मुल्क' भी इस बात को जोर-शोर से उठाती है, लेकिन साथ ही यह कई बातें और भी करती हैं। फिल्म को देखते हुए कई तरह के सवाल उठते हैं और इनमें से ज्यादातर के ... मनोरंजन

कारवां : फिल्म समीक्षा

Entertainment
कहा जाता है कि एक यात्रा आपको दस किताबों जितना सिखा देती है। इस बात पर कई फिल्में बनी हैं जिनमें यात्रा करते हुए किरदार की वर्षों से उलझी हुई पहेलियां सुलझ जाती हैं। वे अपने आपको भी खोज लेते हैं। आकर्ष खुराना द्वारा निर्देशित फिल्म 'कारवां' भी इसी ... मनोरंजन

फन्ने खां : फिल्म समीक्षा

Entertainment
अच्छी फिल्मों का रीमेक बनाना आसान बात नहीं है और कई बार इनके बिगड़े रूप देखने को मिले हैं। ऑस्कर में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म श्रेणी में नॉमिनेट हुई 'एवरीबडी इज़ फेमस' को हिंदी में 'फन्ने खां' नाम से बनाया गया है। यह एक ऐसी टीनएज लड़की लता शर्मा ... मनोरंजन

साहेब बीवी और गैंगस्टर 3 : फिल्म समीक्षा

Entertainment
साहेब बीवी और गैंगस्टर 3 का संगीत बेदम है। एडिटिंग बेहद लूज़ है। सिनेमाटोग्राफी और अन्य तकनीकी पक्ष औसत दर्जे के हैं। साहेब बीवी और गैंगस्टर 3 देखने से बेहतर है इसका पहला पार्ट फिर एक बार देख लिया जाए। मनोरंजन

धड़क : फिल्म समीक्षा

Entertainment
मराठी में बनी सुपरहिट फिल्म 'सैराट' का हिंदी रीमेक 'धड़क' नाम से बनाया गया है। जिन्होंने 'सैराट' देखी है उन्हें तो 'धड़क' निराश करती ही है और जिन्होंने नहीं भी देखी है उन्हें भी 'धड़क' प्रभावित नहीं कर पाती। धड़क के निर्देशक शशांक खेतान रीमेक में ... मनोरंजन

हनुमान वर्सेस महिरावण : फिल्म समीक्षा

Entertainment
हनुमान वर्सेस महिरावरण एक रात की कहानी है। दिन का युद्ध खत्म होने पर रावण को प्रभु श्रीराम कहते हैं कि वे उसका अगले दिन वध कर देंगे। रावण चिंताग्रस्त हो जाता है। ऐसे समय उसे अपने सौतेले भाई महिरावण की याद आती है जो मायावी राक्षस है। मनोरंजन

संजू : फिल्म समीक्षा

Entertainment
राजकुमार हीरानी जैसे ऊंचे कद के निर्देशक के लिए संजय दत्त जैसा विषय स्तर से नीचे है। आखिर संजय दत्त के जीवन में ऐसा क्या है कि हीरानी को उस पर फिल्म बनाने की जरूरत महसूस हो। नि:संदेह संजय के जीवन में कई ऐसे उतार-चढ़ाव हैं जिस पर कमर्शियल फिल्म बनाई ... मनोरंजन