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Tag: सर्जरी

टेस्ट विकेटकीपर रिद्धिमान साहा के कंधे की सर्जरी, एनसीए रिहैबिलिटेशन पर उठा सवाल

Indian Sports
कोलकाता। अंगूठे में चोट के कारण एनसीए में रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम से गुजर रहे भारतीय टेस्ट विकेटकीपर बल्लेबाज रिद्धिमान साहा फिजियो की कथित गलती के कारण करियर प्रभावित करने वाली कंधे की समस्या से जूझ रहे हैं। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि साहा ... खेल-संसार

कैंसर के कारण क्रिकेटर रिचर्ड हैडली की फिर होगी सर्जरी

Indian Sports
वेलिंगटन। न्यूजीलैंड के महान क्रिकेटर रिचर्ड हैडली की दूसरे दौर की सर्जरी होगी, क्योंकि कैंसर उनके यकृत तक फैल गया है। हैडली की पत्नी डियाने ने यह जानकारी दी। खेल-संसार
दायें की जगह कर दी थी बायें पैर की सर्जरी, 14 साल बाद मिला न्याय

दायें की जगह कर दी थी बायें पैर की सर्जरी, 14 साल बाद मिला न्याय

Health
डॉक्टर की एक लापरवाही की वजह से पंजाब से इलाज कराने दिल्ली आई एक लड़की की जिंदगी तबाह हो गई। अस्पताल ने लकवा से पीड़ित हरप्रीत कौर की दायें पैर की सर्जरी की तैयारी की, लेकिन ऑपरेशन थियेटर... Live Hindustan Rss feed

इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर बायकॉट के दिल की बाईपास सर्जरी हुई

Indian Sports
लंदन। इंग्लैंड के अपने जमाने के दिग्गज बल्लेबाज ज्योफ्री बायकॉट दिल की बाईपास सर्जरी से उबर रहे हैं। उनके परिजनों ने यह जानकारी दी। इस 77 वर्षीय क्रिकेटर की लीड्स में 27 जून को सर्जरी की गई और वह दस दिन तक गहन चिकित्सा में रखा गया। खेल-संसार
रोबोटिक स्पाइनल सर्जरी है कारगर

रोबोटिक स्पाइनल सर्जरी है कारगर

Health
आजकल रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। जिसमें कमर और गर्दन में दर्द के मामले सबसे ज्यादा देखे जा रहे हैं। कुछ समय पहले इसे बढ़ती उम्र से जुड़ी समस्या मानते थे, लेकिन यह परेशानी आज युवाओं में ज्यादा देखी जा रही है। खासतौर पर 24-28 साल के आयुवर्ग के बीच के लोगों में यह कॉमन है। साथ ही ऐसे लोग जिन्हें कभी रीढ़ की हड्डी से जुड़ी दुर्घटना हुई हो, उन्हें रोबोटिक स्पाइनल सर्जरी राहत पहुंचा सकती है। अंतिम विकल्प सर्जरी रीढ़ की हड्डी के रोग के उपचार के लिए कई मेडिकल प्रक्रियाओं का प्रयोग किया जाता है। जैसे फिजियोथैरेपी, दर्द निवारक दवाएं, इंजेक्शन आदि। कई मामलों में ये उपाय कारगर साबित नहीं होते। ऐसी में सर्जरी ही अंतिम विकल्प बचती है। ओपन सर्जरी या पारंपरिक स्पाइन सर्जरी यूं तो मरीज की हालत में सुधार लाती है, पर इसमें कई जोखिम भी होते हैं। जैसे इंफे
नए जमाने का इलाज रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी

नए जमाने का इलाज रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी

Health
मेडिकल जगत की उच्च तकनीकों में रोबोटिक सर्जरी को क्रंातिकारी माना जा रहा है। भारत में जहां मरीजों की तुलना में डॉक्टरों का अनुपात कम है, ऐसे में रोबोटिक सर्जरी फायदेमंद हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार गलतियों व संक्रमण की आशंका को कम करने वाली यह सर्जरी भविष्य में इलाज की नई तस्वीर पेश करेगी। इन बीमारियों के लिए उपयोगी छाती, फेफड़े, सांसनली, छोटी व बड़ी आंत, किडनी, गॉलब्लैडर, पैनक्रियाज फूड पाइप, थाइमस (हृदय व रक्तवाहिकाओं के ऊपर स्थित ग्रंथि) व पेट आदि अंगों में कैंसर, इनकी कार्यप्रणाली में गड़बड़ी या ट्यूमर होने की दशा में रोबोटिक सर्जरी की सलाह दी जाती है। इसके अलावा मोटापा घटाने के लिए बैरिएट्रिक सर्जरी में भी रोबोट का सहारा लिया जाता है। ऑपरेशन से पहले की कवायद रोबोटिक सर्जरी करने से पहले ब्लड टैस्ट, हार्ट व लंग्स की फंक्शनिंग, ब्लड प्रेशर व ब्लड शुगर संबंधी जांचें की जाती हैं। रिपोट

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में शुमार हेडली को कैंसर, सर्जरी कर ट्यूमर निकाला गया

Indian Sports
वेलिंगटन। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में शुमार न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर सर रिचर्ड हेडली कैंसर से पीड़ित हो गए हैं लेकिन उनका ऑपरेशन कर ट्यूमर निकाल दिया गया है। उनकी पत्नी डियाने हेडली के मुताबिक, रिचर्ड पिछले महीने अपने नियमित चेकअप के ... खेल-संसार
कार्डिएक सर्जरी के बाद ऐसी हो आपकी डाइट

कार्डिएक सर्जरी के बाद ऐसी हो आपकी डाइट

Health
असंतुलित लाइफ स्टाइल के कारण लिपिड प्रोफाइल गड़बड़ होने के साथ साथ डायबिटीज, ब्लडप्रेशर, और मोटापा आदि बीमारियां देह में डेरा डाल लेती हैं। इसकी परिणति कोरोनरी हार्ट डिजीज के रूप में होती है। हार्ट डिजीज के इलाज के लिए कई बार कार्डिएक सर्जरी जरूरी हो जाती है। लेकिन कार्डिएक सर्जरी के बाद भी जीवनशैली में सुधार न किया जाए तो बहुत जल्दी ब्लॉकेज आदि की समस्याएं हो सकती हैं और कई बार तो ये सर्जरी से पहले वाली स्थिति से भी बुरी सिचुएशन उपस्थित कर सकती है। इसलिए कार्डिएक सर्जरी के बाद आपको अपने खानपान में बहुत सावधानी से काम लेना चाहिए। कार्डिएक सर्जरी के बादजब भी खाएं सामान्य मात्रा में खाएं। एक बार में अधिक न खाकर बार-बार कम मात्रा में खाएं इससे आपकी मेटाबोलिज्म दर बढ़ेगी। रंग बिरंगे फल जैसे पपीता, खरबूजा, संतरा, बेर, आलू बुखारा, पीच, चकोतरा, कीवी, नाशपाती आदि हार्ट को प्रोजेक्ट करते हैं। लेकिन