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Tag: ‘सेहत

इंटरनेट पर सेहत के टिप्स सावधानी से अपनाएं

इंटरनेट पर सेहत के टिप्स सावधानी से अपनाएं

Health
सोशल साइट्स जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर उपलब्ध सेहत से जुड़ी जानकारी हर बार पूरी तरह सही नहीं होती। इन्हें बिना डॉक्टर की सलाह से मानना आपके लिए कई समस्याएं पैदा कर सकता है। हाल ही इससे जुड़े मामले सामने आए हैं। इनमें सही जानकारी के अभाव मेंं व्यक्ति की सेहत बिगड़ सकती है। जानिए क्यों इनसे दूरी बनाएं और क्या हैं तर्क...। एलोपैथी बिना डॉक्टरी सलाह के ली जाने वाली दवाएं ‘ओवर द काउंटर’ असर करती हैं। ऐसे में रोग से अनजान होकर केवल लक्षणों को महसूस कर व्यक्ति दवाओं का चयन करता है। इससे कई बार व्यक्ति को जिस रोग के लिए दवा लेनी चाहिए उसकी दवा वह नहीं लेता जिससे उसे स्थायी रूप से तो राहत मिलती है लेकिन साइड इफेक्ट लंबे समय तक रहते हैं। कई बार एक समस्या का हल तो होता है लेकिन दूसरी नई दिक्कत होने की आशंका रहती है। दवा की हर डोज शारीरिक संरचना और रोग की गंभीरता पर निर्भर करती है। एलौप
बनानी है सेहत तो ट्रेडमिल छोड़ पेड़ों पर चढि़ए जनाब

बनानी है सेहत तो ट्रेडमिल छोड़ पेड़ों पर चढि़ए जनाब

Health
गांवों में आज भी बच्चे पेड़ों पर चढ़कर खूब खेलते हैं। शहरों की आधुनिक जिंदगी में यह खेल फिट नहीं बैठता है। मगर एक शोध में कहा गया है कि पेड़ों पर चढ़ने के खेल से शरीर की सभी मांसपेशियां टोन होती... Live Hindustan Rss feed
दिल की सेहत अच्छी रखने के लिए खाएं रसभरी

दिल की सेहत अच्छी रखने के लिए खाएं रसभरी

Health
यह छोटा सा, मुंह में रखते ही घुल जाने वाला फल दिल की सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। इसे खाने से दिल तक खून पहुंचाने वाली नसें स्वस्थ रहती हैं। रसभरी पर ब्रिटेन में हुए शोध में कहा गया है इसे खाने से... Live Hindustan Rss feed
सावधानी के साथ संवारें अपनी सेहत को

सावधानी के साथ संवारें अपनी सेहत को

Health
सामाजिक, मानसिक और शारीरिक रूप के अलावा हर स्तर पर व्यक्ति का स्वस्थ और सेहतमंद होना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए डब्ल्यूएचओ हर वर्ष वल्र्ड हैल्थ डे 07 अप्रेल को सेलिबे्रट करता है ताकि लोगों को सेहत के लिए सकारात्मक कदम उठाने के प्रेरित कर सके। इन आदतों को अपनाएंफिजिकल फिटनेसआधुनिकता और व्यस्त दिनचर्या के कारण लोगों में बीमारियों की बढ़ती संख्या का एक प्रमुख कारण है शारीरिक रूप से सक्रिय न होना। ऐसे में जब भी किसी बीमारी के इलाज के लिए जाते हैं तो विशेषज्ञ दिनभर में कम से कम ३० मिनट शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की सलाह देते हैं। इसके लिए आप वर्कआउट के अलावा योग, प्राणायाम या वॉक आदि करके भी फिट रहकर बीमारियों से बचे रह सकते हैं। अच्छा खानपानबच्चे हों या बड़े सभी को अक्सर खाने में किसी न किसी चीज को लेकर न नुकुर करते देखा जाता है। कई आहार विशेषज्ञों की मानें तो संतुलित भोजन मे
फूड पॉयजनिंग : बारिश में सेहत को बिगड़ने से यूं बचाएं

फूड पॉयजनिंग : बारिश में सेहत को बिगड़ने से यूं बचाएं

Health
बारिश में भले ही धूप और लू से राहत मिल जाती है, पर नमी, उमस और चिपचिपाहट पीछा नहीं छोड़ते। यही वजह है कि सेहत के लिहाज से यह मौसम बड़ा संवेदनशील होता है। हवा में नमी का स्तर हानिकारक बैक्टीरिया को... Live Hindustan Rss feed
सुनिए, जीभ सेहत के बारे में कुछ कह रही है!

सुनिए, जीभ सेहत के बारे में कुछ कह रही है!

Health
हमारी जीभ एक बेहतरीन इंस्ट्रूमेंट है जो सेहत के बारे में सटीक जानकारी देती है। जीभ का रंग-रूप देखकर बहुत कुछ समझ आ जाता है इसलिए डॉक्टर चेकअप के दौरान सबसे पहले मरीज से इसे दिखाने को कहते हैं। आइए जानें, जीभ के रंग से रोगों के बारे में और उनके उपाय...। सफेद पैचेज या धब्बेनुमा रचनाएं संकेत : जीभ पर कैंडिडा नाम की फफूंद का जमना। ये यीस्ट प्रजाति की होती है और बहुत ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाती। उपाय : एंटीफंगल दवा से कुल्ला करने या दवा खाने से ठीक हो सकती है। टंग क्लीनर से जीभ रोजाना साफ करें। कालापन और बाल जैसी संरचना संकेत : ये रंग-रूप भी फफूंद का इंफेक्शन, डायबिटीज, कीमोथैरेपी या मुंह की ठीक से देखभाल न होना बताती है। उपाय : डॉक्टर को दिखाएं और मुंह-जीभ को हमेशा साफ रखें। साथ ही कुछ भी खाने के बाद कुल्ला जरूर करेंं। हल्के लाल और सफेद स्पॉट्स संकेत : ये जीभ का सबसे सामान्य रूप है। सफेद धब्बे
फूलों से खिली-खिली रहेगी आपकी सेहत

फूलों से खिली-खिली रहेगी आपकी सेहत

Health
फूल सजावट और पूजा-पाठ के अलावा औषधीय गुणों से भी भरपूर होते हैं। जानिए कैसे.. जैसमीन (चमेली) इसमें एंटीऑक्सी डेंट्स भर पूर मात्रा में होते हैं जो वाटर रिटें शन की सम स्या में भी फाय देमंद होता है। कुछ अध्य यनों से पता चला है कि जैस मीन की चाय शरीर में अच्छे कोले स्ट्रॉल का स्तर बढ़ाती है और बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करती है । मन शांत रखने में भी इसका उपयोग किया जाता है । लोटस (कमल) विटामिन-बी, सी और फॉस्फो रस का अच्छा स्त्रोत कमल का फूल एसि डिटी, अल्सर, हाई ब्लड प्रेशर, एंजायटी आदि समस्याओं के साथ ही लिवर रोगों में भी फायदेमंद है । कमल की जड़ ब्रेन हेमरेज से होने वाले रक्तस्त्राव में लाभदायक होती है । इसे खाने से खून के थक्के जल्दी बनते हैं और रक्तस्त्राव रुक जाता है । ईवनिंग प्रिमरोज ईवनिंग प्रिमरोज ऑयल मेडिकल स्टोर्स पर आसानी से उपलब्ध हैं । आमतौर पर इनका उपयोग महिलाओं में हार्मोन के बदलाव
दिल की सेहत सुधारने में मददगार नहीं मल्टीविटामिन

दिल की सेहत सुधारने में मददगार नहीं मल्टीविटामिन

Health
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमारे खानपान में अक्सर पोषण की कमी रह जाती है। इसलिए विशेषज्ञ अक्सर मल्टीविटामिन का सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। अमेरिका की यूनीवर्सिटी ऑफ अलबामा में हुए एक अध्ययन... Live Hindustan Rss feed
चीनी कम खाने के फायदे अच्छी सेहत और नींद भी

चीनी कम खाने के फायदे अच्छी सेहत और नींद भी

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चीनी अधिक खाने से शरीर में कैलोरी की मात्रा बढऩे से मेटाबोलिज्म (ट्राइग्लिसराइड्स) बढ़ जाता है। इससे मोटा पा के साथ स्ट्रोक और हार्ट डिजीज का जोखिम बढ़ता है। रिफाइंड शुगर के कारण मीठे के प्रति मोह बढ़ता है। मिठाई वजन बढ़ाती है। इसलिए वेट कम करने से पहले चीनी कम करने या छोडऩे की सलाह दी जाती है। बढ़ती है इम्युनिटीचीनी क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन का कारक है। इससे इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। इस कारण यह सर्दी जुकाम के बैक्टीरिया से प्रभावी मुकाबला नहीं कर पाता है। चीनी कम करके आप एल र्जी और अस्थ मा के साथ श्वसन संबंधी समस्या ओं से बच सकते हैं। देरी से आता बुढ़ापा शुगर कम करने से ब्लड में शुगर यानी ग्लू कोज का लेवल कम होता है। इससे समय पूर्व एजिंग यानी बुढ़ापे की सम स्या से बचा जा सकता है। क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन के कारण स्किन पर झुर्रियां और ढीला पन भी आता है। विशेष ज्ञों की मानें तो चीनी छोडऩे के कु छ स
जानिए ड्रेसिंग सेंस से सेहत का कनेक्शन

जानिए ड्रेसिंग सेंस से सेहत का कनेक्शन

Health
क्या आपने सोचा है कि आपका ड्रेसिंग सेंस आपकी हेल्थ को इफेक्ट करता है। दरअसल, अलग-अलग शोधों के जरिए वैज्ञानिकों ने आपके कपड़ों से आपके मूड और स्वभाव का पता लगाने की कोशिश की है और शोध बताते हैं कि किस तरह कपड़े व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करते हैं। कपड़ों की अहमियत ही है कि डिफरेंट फील्ड के लिए कुछ खास ड्रेस कोड भी निश्चित कर दिया गया है, जैसे पायलट के लिए अलग यूनिफॉर्म, तो डॉक्टर के लिए अलग ड्रेस कोड। डॉक्टर की ड्रेस से बढ़ता कॉन्फिडेंस नॉर्थ-वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के एक शोध के मुताबिक डॉक्टर्स की ड्रेस पहनने से कॉन्फिडेंस बढ़ता है। दरअसल, शोधकर्ताओं ने डॉक्टर और पायलट के यूनिफॉर्म को बुद्धिमत्ता से जोडक़र देखा है। उनका मानना है कि इस ड्रेस को पहनकर व्यक्ति आत्म-विश्वास से लबरेज रहता है। एथलीट सूट से मोटिवेशनशोध में यह बात सामने आई है कि वर्कआउट के लिए पहना जाने वा