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रोबोटिक स्पाइनल सर्जरी है कारगर

रोबोटिक स्पाइनल सर्जरी है कारगर

Health
आजकल रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। जिसमें कमर और गर्दन में दर्द के मामले सबसे ज्यादा देखे जा रहे हैं। कुछ समय पहले इसे बढ़ती उम्र से जुड़ी समस्या मानते थे, लेकिन यह परेशानी आज युवाओं में ज्यादा देखी जा रही है। खासतौर पर 24-28 साल के आयुवर्ग के बीच के लोगों में यह कॉमन है। साथ ही ऐसे लोग जिन्हें कभी रीढ़ की हड्डी से जुड़ी दुर्घटना हुई हो, उन्हें रोबोटिक स्पाइनल सर्जरी राहत पहुंचा सकती है। अंतिम विकल्प सर्जरी रीढ़ की हड्डी के रोग के उपचार के लिए कई मेडिकल प्रक्रियाओं का प्रयोग किया जाता है। जैसे फिजियोथैरेपी, दर्द निवारक दवाएं, इंजेक्शन आदि। कई मामलों में ये उपाय कारगर साबित नहीं होते। ऐसी में सर्जरी ही अंतिम विकल्प बचती है। ओपन सर्जरी या पारंपरिक स्पाइन सर्जरी यूं तो मरीज की हालत में सुधार लाती है, पर इसमें कई जोखिम भी होते हैं। जैसे इंफे
स्पाइनल स्टेनोसिस तो नहीं पीठदर्द की वजह?

स्पाइनल स्टेनोसिस तो नहीं पीठदर्द की वजह?

Health
आजकल पीठदर्द आम बात है। किशोर से लेकर वृद्ध तक किसी न किसी रूप में पीठदर्द से परेशान हैं। ऐसा ही एक दर्द स्पाइनल स्टेनोसिस है। इस रोग की वजह से हमारे शरीर की ***** उभरने लगती है और ऊत्तक मोटे हो जाते हैं जिससे रीढ़ नलिका से जाने वाली नस सिकुडऩे लगती है व पीठ में दर्द होता है। यह है समस्या स्पाइनल स्टेनोसिस में हमारी रीढ़ की हड्डी में मौजूद खुले स्थान बंद होने लगते है जिससे स्पाइनल कॉर्ड और नसों पर दबाव पड़ता है। ज्यादातर मामलों में स्पाइन का सिकुडऩा, स्टेनोसिस होने के कारण ही होता है जिससे नर्व रूट दबने से पैरों में दर्द, थकान, अकडऩ व झनझनाहट महसूस होने लगती है। अचानक पीठदर्द इसका इलाज मुश्किल हो सकता है क्योंकि इस तरह के लक्षण किसी अन्य कारण से भी हो सकते हैं। जिन लोगों को स्टेनोसिस हो यह जरूरी नहीं की उन्हें पहले कभी पीठ में दर्द हो या कभी किसी तरह की चोट लगी हो। स्पाइनल स्टेनोसिस में अच