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Tag: हृदय

भारत में हर वर्ष होती है दो लाख किडनी, 50 हजार हृदय और इतने ही लीवर की दरकार!

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अंगदान की पूर्वघोषणा के बावजूद मृत व्यक्ति के निकटतम संबंधी की पुन: अनुमति अनिवार्य है। अंगदान की आयुसीमा नहीं है। Jagran Hindi News - news:national

लीवर से लेकर हृदय रोग और स्ट्रोक के खतरे से बचाव में कारगर है मूली

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ताजा मूली खाने से पाचनशक्ति बढती है। मूली में प्रोटीन, कैल्शियम, आयोडीन और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। मूली में विटामिन ए, बी और सी भी होता है। Jagran Hindi News - news:national
जोड़ों में दर्द से हृदय, फेफेड़ों को हो सकता है खतरा

जोड़ों में दर्द से हृदय, फेफेड़ों को हो सकता है खतरा

Health
क्या आपको कमर में अकडऩ, पीठ और जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती है, जिसके कारण आप रात में ठीक से सो नहीं पाते हैं? अगर जोड़ों के दर्द के कारण रात में तीन-चार बजे आपकी नींद खुल जाती है और आप असहज महसूस करते हैं, तो जल्द डॉक्टर से सलाह लीजिए क्योंकि आपको स्पांडिलाइटिस की शिकायत हो सकती है। स्पांडिलाइटिस से हृदय, फेफड़े और आंत समेत शरीर के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। स्पांडिलाइटिस को नजरंदाज करने से गंभीर रोगों का खतरा पैदा हो सकता है। इससे बड़ी आंत में सूजन यानी कोलाइटिस हो सकता है और आंखों में संक्रमण हो सकता है। स्पांडिलाइटिस एक प्रकार का गठिया रोग है। इसमें कमर से दर्द शुरू होता है और पीठ और गर्दन में अकडऩ के अलावा शरीर के निचले हिस्से जांघ, घुटना व टखनों में दर्द होता है। रीढ़ की हड्डी में अकडऩ बनी रही है। स्पांडिलाइटिस में जोड़ों में इन्फ्लेमेशन यानी सूजन और प्रदाह के कारण असह्य पीड़ा
हृदय संबंधी रोग भी बनाते एऑर्टिक डिस्सेक्शन की स्थिति

हृदय संबंधी रोग भी बनाते एऑर्टिक डिस्सेक्शन की स्थिति

Health
एऑर्टिक डिस्सेक्शन हृदय से जुड़ी ऐसी बीमारी है जिसमें ५० प्रतिशत मरीजों की समय पर इलाज न मिलने पर अगले २४-४८ घंटों में मौत हो जाती है। किसी सडक़ दुर्घटना में सीने पर आए दबाव या हृदय से जुड़े रोगों के कारण इसके मामले भी काफी देखे जाते हंै जिसके लिए सर्जिकल इमरजेंसी बेहद जरूरी है। रोग के कारण शरीर की सबसे बड़ी धमनी ‘एऑर्टा’ ऑक्सीजनयुक्त रक्त को सर्कुलेटरी सिस्टम तक पहुंचाने का काम करती है। एऑर्टा डिस्सेक्शन की समस्या में इस धमनी की आंतरिक दीवार क्षतिग्रस्त हो जाती है। ऐसे में रक्त का प्रवाह धमनी के बाहर होने लगता है। यह दो तरह से प्रभावित होती है। टाइप-ए (धमनी के ऊपरी हिस्से का क्षतिग्रस्त होना) और टाइप-बी (धमनी के निचले हिस्से का चोटिल होना)। जटिलताएं इस रोग की वजह से अंदरुनी रक्तस्त्राव से व्यक्तिकी मौत हो सकती है। साथ ही आंतों की कार्यप्रणाली बिगडऩे, किडनी फेल होने, स्ट्रोक व अ

निर्मल हृदय की ओर से 52 हजार में बेचा गया चौथा बच्चा बरामद

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बच्चे को निर्मल हृदय की सफाईकर्मी अनिमा इंदवार, सिस्टर कांसिलिया सहित अन्य कर्मियों की मिलीभगत से 52 हजार रुपये में बेचा गया था। Jagran Hindi News - news:national
हृदय की धमनियों की सिकुडऩ दूर करने के लिए करें ये आसन

हृदय की धमनियों की सिकुडऩ दूर करने के लिए करें ये आसन

Health
जाड़े में ठंडी हवाओं से सर्दी, जुकाम व खांसी होना आम बात है। इनके लंबे समय तक बने रहने व जो लोग अस्थमा या हृदय रोग से पहले से पीडि़त हैं उनमें हृदय की धमनियों में सिकुडऩ की परेशानी हो जाती है। कुछ योगासन व प्राणायाम मददगार हो सकते हैं। जानते हैं इनके बारे में- मृत संजीवनी मुद्राहृदयरोगियों में यह हृदयाघात की आशंका को घटाकर इस अंग को ताकत देता है। यह सर्दी में खासतौर पर नसों व धमनियों पर होने वाले दबाव को कम करता है। साथ ही ब्लड प्रेशर को सामान्य रखता है। ऐसे करें: शांत जगह पालथी लगाकर बैठें। तर्जनी अंगुली को अंगूठे के निचले भाग पर लगाएं। फिर मध्यमा और अनामिका अंगुली को अंगूठे से छुएं। कनिष्ठिका अंगुली को सीधा रखें। ध्यान रखें: इस मुद्रा में दिन में दो बार १०-१५ मिनट के लिए ही इसे करें। गोमुखासन :इस आसन को करने के दौरान शरीर की जो मुद्रा बनती है वह गाय के मुख के जैसी होती है। इसलिए इसे गोमु
विमानों के शोर से बढ़ता है हृदय रोगों का खतरा

विमानों के शोर से बढ़ता है हृदय रोगों का खतरा

Health
शोधकर्ताओं ने शरीर की सूजन कोशिकाओं में स्थित एंजाइम की पहचान की है जो विमानों के शोर के कारण संवहनी (वैस्कुलर) क्षति के लिए जिम्मेदार है। विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि विमानों के शोर में... Live Hindustan Rss feed
आहार में छह चीजें हृदय रोग से रखेंगी दूर

आहार में छह चीजें हृदय रोग से रखेंगी दूर

Health
भारत समेत दुनियाभर में हृदय रोग सबसे बड़ी चिंता बनते जा रहे हैं। दुनिया में सर्वाधिक मौतें भी दिल की बीमारियों से होती हैं। बदलती जीवनशैली व खराब खानपान इसके मरीज बढऩे की प्रमुख वजह हंै। नियमित योग, व्यायाम व जीवनशैली संबंधी बदलाव के साथ खानपान संबंधी कुछ आदतों में सुधार करके इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जानते हैं उन छह तरह की चीजों के बारे में जिन्हें अपनी डाइट में शामिल कर हृदय रोगों से बच सकते हैं- हार्ट फ्रेंडली सोयाबीन 50 ग्राम सोयाबीन सभी को अपने आहार में शामिल करना चाहिए। यह ओमेगा-3 फैट्स और फाइबर का अच्छा स्त्रोत होने के साथ शरीर में कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखता है। इसलिए इसे हार्ट फ्रेंडली भी कहा जाता है। मेथी दाने के फायदे करीब २ चम्मच मेथी दानानियमित रूप से लेने पर कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है। इसे पानी के साथ या सब्जी में प्रयोग किया जा सकता है। ईसबगोल की भूसी रेश
मोटापा व हृदय रोगों से बचाता लौकी का रस

मोटापा व हृदय रोगों से बचाता लौकी का रस

Health
इन दिनों शरीर की बढ़ती चर्बी और हृदय रोगों के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसका कारण खानपान में हैल्दी चीजों का न लेना है। ऐसे में लौकी का रस या जूस शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह शरीर में पानी की कमी पूरी करने के साथ पोषक तत्व की भी पूर्ति करता है। जानते हैं इसे कैसे तैयार किया जाए और क्या हैं इसके फायदे.... ऐसे करें तैयारसबसे पहले लौकी को छीलकर धो लें। फिर उसके छोटे-छोटे टुकड़े कर लें। अब एक ब्लेंडर में लौकी के टुकड़े डाल कर साथ में पुदीने की पत्तियां मिलाकर ब्लेंड करें। जब जूस बन जाए तब उसमें जीरा पाउडर, नमक और काली मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं। अब बर्फ डालकर सर्व करें। ये हैं फायदे पाचनतंत्र दुरुस्तलौकी में घुलनशील फाइबर अधिक पाया जाता है जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। इसे नियमित तौर पर पीने से कब्ज ठीक होता है और एसिडिटी जैसी समस्या से छ
पैदल और साइिकल से चलने वालों को हृदय रोग का खतरा कम

पैदल और साइिकल से चलने वालों को हृदय रोग का खतरा कम

Health
एक अध्ययन में पाया गया है कि कार से चलने वाले लोगों की बजाय साइकिल चलाने वालों और पैदल चलने वाले व्यक्तियों को हृदय रोग का खतरा कम होता है। पैदल चलने और साइकिल चलाने जैसी शारीरिक गतिविधियां हृदय रोग... Live Hindustan Rss feed