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भारत में 75 फीसदी आबादी न्यू world सिंड्रोम से प्रभावित

भारत में 75 फीसदी आबादी न्यू world सिंड्रोम से प्रभावित

Health
देश में बहुत बड़ी आबादी New World सिंड्रोम से प्रभावित है। न्यू world सिंड्रोम कीटाणु या संक्रमण द्वारा होने वाली बीमारी नहीं बल्कि जीवनशैली व आहार संबंधी आदतों के कारण होने वाली बीमारियों का एक संयोजन है। न्यू world सिंड्रोम से प्रभावित लोग मोटापा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, दिल संबंधी रोग आदि गैर-संक्रमणीय बीमारियों से पीडि़त होते हैं। न्यू वल्र्ड सिंड्रोम पारंपरिक आहार और जीवनशैली में आए बदलाव के कारण होने वाली बीमारी है। न्यू वल्र्ड सिंड्रोम के लिए पश्चिमी भोजन खासतौर पर जिम्मेदार है। ये सभी खाद्य पदार्थ वसा, नमक, चीनी, कार्बोहाइड्रेट और परिष्कृत स्टार्च मानव शरीर में जमा हो जाते हैं और मोटापे का कारण बनते हैं। मोटापे के कारण ही मधुमेह मेलिटस, उच्च रक्तचाप, कार्डियोवैस्कुलर रोग, स्तन कैंसर और डिस्प्लिडेमिया आदि बीमारियां होती हैं।भारत में करीब 70 फीसदी शहरी आबादी मोटापे या अधिक वजन की श्रेण

World Organ Donation Day 2018: किसी को जीवन देता है अंगदान का संकल्प

India
भारत में ही हर साल लाखों लोगों की शरीर के अंग खराब होने के कारण मृत्यु हो जाती है। ऐसे लोगों को अंगदान कर नया जीवन दिया जा सकता है। Jagran Hindi News - news:national
Shah Rukh Khan meets childhood cancer survivors who will represent India at the World Children’s Winners games 2018 in Moscow

Shah Rukh Khan meets childhood cancer survivors who will represent India at the World Children’s Winners games 2018 in Moscow

Entertainment
Shah Rukh Khan meets childhood cancer survivors who will represent India at the World Children's Winners games 2018 in Moscow Impact Foundation at Tata Memorial Hospital supported by Shah Rukh Khan's Meer Foundation and Kolkata Knight Riders have taken up the initiative to support the kids who are all set to represent India in the ‘World Children’s Winners Games’ this year. The "Gift of Life Foundation" - founded by
Debonair, Dashing and Distinct – Sidharth Malhotra strikes a pose on the Man’s World!

Debonair, Dashing and Distinct – Sidharth Malhotra strikes a pose on the Man’s World!

Entertainment
Debonair, Dashing and Distinct - Sidharth Malhotra strikes a pose on the Man’s World! The Delhi lad, Sidharth Malhotra graduated as the Student Of The Year in 2012. With a promise of a smashing career ahead, this Karan Johar find astounded everyone with his engaging screen presence. His career trajectory features unconventional roles that speak volumes of his experimental streak but are also the ones that failed to rake

MRSPTU textile Department head Dr. Devanand Uttam attends 91st textile institute world conference 2018 at UK

Indian Education
IN ANOTHER significant achievement, Maharaja Ranjit Singh Punjab Technical University (MRSPTU), Textile Department Head, Dr. Devanand Uttam  attended  the the 91st Textile Institute World Conference 2018  held at United Kingdom (UK) and presented his research paper. The conference was organised by the University of Leeds, United Kingdom.
world breastfeeding week 2018 : जानें स्तनपान से जुड़ी कुछ भ्रांतियां

world breastfeeding week 2018 : जानें स्तनपान से जुड़ी कुछ भ्रांतियां

Health
मां का दूध बच्चे के लिए अमृत के समान होता है। बच्चे को पहला आहार ब्रेस्ट फीडिंग से ही मिलता है, जो बच्चे को स्वस्थ बनाए रखता है। साथ ही स्तनपान कराने से मां को भी फायदा होता है। यह नवजात और मां दोनों के लिए ही फायदेमंद है। बच्चे के जन्म के तुरंत बाद ब्रेस्ट से निकले हुए दूध को कोलोस्ट्रम कहते हैं। ये हल्के पीले रंग का होता है। इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, वसा और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है जो बच्चे के लिए बेहद जरूरी है। बच्चे को जन्म के एक घंटे के बाद ब्रेस्ट फीडिंग करा देनी चाहिए। आप जितनी ज्यादा ब्रेस्ट फीडिंग कराएंगी उतनी अधिक कैलोरी बर्न होगी। जानते हैं ब्रेस्ट फीडिंग से जुड़े मिथक और उनकी वास्तविकता के बारे में। मिथक : दूध खराब हो जाता है यदि वह स्तन में रहे या मां गुस्से में हो। वास्तविकता : दूध कभी ब्रेस्ट में खराब नहीं होता। यदि मां उदास है तो उसके दूध का बहाव धीमा हो जाता है
world breastfeeding week 2018 : मां के दूध से कम होती है एलर्जी की आशंका

world breastfeeding week 2018 : मां के दूध से कम होती है एलर्जी की आशंका

Health
अमरीकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार, मां को कम से कम छह माह तक स्तनपान अवश्य कराना चाहिए। नवजात शिशु को शुरुआती छह माह मां का दूध मिले तो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। उन्हें कई स्वास्थ्य रक्षक विटामिन व पोषक तत्त्व मिल जाते हैं। नवजात शिशु को स्तनपान करवाने से मां भी स्वस्थ रहती है। रोगों से बचाव चिकित्सकीय अनुसंधान का निष्कर्ष है कि जिन बच्चों को मां का दूध मिलता है, उनके आमाशय में वायरस, श्वसन संबंधी रोग, कान के इंफेक्शन और मेनिनजाइटिस जैसे रोगों का खतरा घट जाता है। वयस्क होने पर ऐसे बच्चे डायबिटीज, उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर और पेट के रोगों से भी बचते हैं। एलर्जी से बचाव नवजात शिशु के लिए वरदान है मां का दूध। जिन बच्चों को जन्म के बाद बाहर का दूध मिलता है, उनके एलर्जिक होने का खतरा ज्यादा रहता है। मां के दूध से शिशु के इंटेस्टाइन का बचाव होता है और वे कई किस्म की एलर्जी से बच