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दूसरे दिन में पहुंची सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, सरकार ने बातचीत के लिए चंडीगढ़ बुलाया



पानीपत/चंडीगढ़। प्रदेशभर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन में प्रवेश कर गई, हालांकि सरकार ने गुरुवार को चंडीगढ़ में वार्ता के लिए न्यौता दे दिया है। इसके लिए विभाग के निदेशक की ओर से यूनियन अध्यक्ष नरेश शास्त्री को बुधवार को चिट्ठी भेजी गई है। वहीं शहरों में सफाई न होने से कूड़े के अंबार लग गया है। बता दें कि बुधवार को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के 32 हजार कर्मचारी तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल पर चले गए थे।

10 नगर निगमों, 16 नगर परिषदों व 61 पालिकाओं में काम काज ठप है। बड़ी बात यह है कि कर्मचारियों को ऑन रोल करने की फाइल नगर निकाय विभाग से वित्त विभाग के पास भेजी जा चुकी है लेकिन वहां से अभी पास न होने की वजह से कर्मचारियों की यह मांग अटकी हुई है। सरकार फायर ब्रिगेड के ठेके पर लगे कर्मचारियों को मंगलवार को ही एस्मा लगा चुकी है। नगर निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि कर्मचारियों की ज्यादातर मांगे मानी जा चुकी है। उनसे हम बातचीत करेंगे। इसके लिए उन्हें गुरुवार को यूनियन प्रतिनिधियों को चंडीगढ़ वार्ता के लिए बुलाया गया है।

सरकार ने जो वादे किए, वह पूरे करे
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने कर्मचारी, सरकार के एस्मा जैसे काले कानून व दमन एवं उत्पीड़न को झेलने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में जारी घोषणा पत्र में भाजपा ने सभी विभागों में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को पक्का करने,15 हजार न्यूनतम वेतनमान देने, आउटसोर्सिंग व ठेका प्रथा समाप्त करने का वादा किया था। लेकिन चार साल बीतने के बाद यह वादे पूरे नहीं किए गए।

आज से ग्रामीण सफाई कर्मचारी भी हड़ताल पर
सीटू से संबंधित ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष बसाऊराम व महासचिव विनोद कुमार ने पालिका कर्मियों की हड़ताल का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि 4 अक्टूबर से ग्रामीण सफाई कर्मचारी भी हड़ताल के समर्थन व अपनी बैंकों से वेतन देने और 15 हजार न्यूनतम वेतनमान देने आदि मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल करेंगे।

ज्यादातर मांगें मानी, वेतन-भत्ते बढ़ाए जा चुके हैं: मंत्री
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने कहा है कि सफाई कर्मचारियों की सभी मांगें माने जाने के बाद अधिकांश मांगों को लागू भी कर दिया गया है, ऐसे में कर्मचारियों की हड़ताल का कोई औचित्य नहीं है। समझौते के अनुसार सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों का न्यूनतम वेतन 13,500 रुपए प्रतिमाह, झाड़ू भत्ता 2 रुपए से 150 रुपए प्रतिमाह, सफाई भत्ता 350 से एक हजार रुपए प्रतिमाह, छुट्टियों के दिन काम के बदले भत्ता 600 से एक हजार रुपए और प्रति वर्ष वर्दी भत्ता 240 से 440 रुपए प्रतिमाह किया है।

ठेका आधार पर कार्यरत फायरमैनों की संख्या भर्ती होने वाले फायरमैनों के विज्ञापन से कम करके नई शर्तों अनुसार फायरमैनों को विशेष मुहिम चलाकर फायरफाइटिंग कोर्स विभाग द्वारा कराए गए। ठेका कमिर्यों का ईपीएफ व ईएसआई की राशि कर्मचारियों के खातों में समय पर जमा करवाना सुनिश्चित किया गया है।

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