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रेड जोन में पहुंची दिल्ली; एक्यूआई गया 300 के पार, 23 तक यही रहेगा हाल



नई दिल्ली.शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में हुई सैकड़ों रावण दहन के आयोजनों का पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ा है। प्रदूषण का स्तर बहुत खराब स्थिति में पहुंच गया है। बीते 24 घंटे में एयर क्वालिटी इंडेक्स में 50 प्वाइंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जोकि बढ़कर 326 तक जा पहुंचा है। शुक्रवार को यह 276 था। सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बहुत खराब स्थिति में है। आने वाले दिनों में पर्यावरण सुधरने की कोई गुंजाइश नहीं दिखाई दे रही। बावजूद इसके एक्शन प्लान सख्ती से लागू नहीं हो रहा।

डॉक्टर्स की ओर से सलाह दी गई है कि ऐसे माहौल में घर से निकलना बंद कर दें। हार्ट केयर फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि एक्यूआई 300 के पार जाना खतरे की घंटी है। मॉर्निंग वॉक और प्राणायाम तत्काल बंद कर दें। के लिए पार्क में जा रहे हैं तो उसे भी तब तक के लिए रोक दें जब कि प्रदूषण का स्तर कम न हो जाए। इस स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को खास ध्यान रखने की जरूरत है।

केंद्र सरकार ने हाल ही में प्रदूषण की भविष्यवाणी करने वाला सिस्टम तैयार किया था। इसकी मदद से मौसम विज्ञान विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी की जा रही है। आईएमडी ने अगले तीन दिन की भविष्यवाणी की है। उसके मुताबिक 23 अक्टूबर तक दिल्ली ‘रेड’ जोन में ही रहने वाली है। कुछ इलाकों में एक्यूआई 450 तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

मथुरा रोड इलाके में रविवार को एक्यूआई 447 तक जा सकता है। यहां 23 अक्टूबर तक एक्यूआई 400 के पार रहने की संभावना जताई जा रही है। जब एक्यूआई 201 से 300 के बीच हो, तभी अगर कुछ उपाय कर लिए जाएं तो खराब स्थिित से बचा जा सकता है। इसमें कूड़ा जलाने पर रोक लगाना, ऐसा करने वाले पर भारी जुर्माना लगाना, कंस्ट्रक्शन वाली जगहों पर धूल रोकना आदि शामिल है।

सख्ती से नहीं हो रहा जीआरएपी का पालन, कूड़ा जलाने पर भी नहीं लग पा रही रोक :राजधानी में प्रदूषण का स्तर बहुत खराब स्थिति में पहुंच गया है। मगर यहां ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का पालन सख्ती से होता नजर नहीं आ रहा। प्रदूषण का स्तर बहुत खराब पहुंचने की स्थिति में कूड़ा तो बिल्कुल भी कहीं नहीं जलना चाहिए, जोकि अभी भी जहां-तहां जलता दिख रहा है। धुआं फेंकने वाले वाहन सड़क पर नजर न आएं, उन पर सख्त कार्रवाई हो, मगर अभी भी सड़क पर बहुत सी गाड़ियों धुआं फेंकते हुए निकल रही है, उन्हें कोई रोकने वाला नजर नहीं आ रहा।

हालांकि सरकार कुछेक वाहनों का चालान कर इस काम की इतिश्री जरूर कर देती है। वहीं इस स्थिति में लोग अपने वाहनों का कम इस्तेमाल करें इसके लिए पार्किंग चार्ज चार गुणा तक बढ़ा दिया जाना, मगर अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है। और भी अनेक काम हैं जो इस स्थिति में होने चाहिए, मगर नहीं हो रहे।

घर के अंदर के प्रदूषण पर भी रखें नजर :डॉ. अग्रवाल ने कहा कि बाहर के प्रदूषण के लिए तो लोग सावधानी बरत लेते हैं लेकिन घर के प्रदूषण को नजरअंदाज करते हैं। अब वातावरण प्रदूषित हो रहा है, ऐसे में घर के प्रदूषण को भी न बढ़ने दें।

यह है रेड जोन का अर्थ :जब एक्यूआई का स्तर 301-400 के बीच रहता है तो इसे बहुत खराब स्थिति में माना जाता है। सीपीसीबी इसे रेड कलर से दर्शाता है।

बदतर हाेते जा रहे हैं हालात :सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक शनिवार को दिल्ली में ज्यादातर इलाकों का एक्यूआई बहुत खराब स्थिति में रहा।

  • एक्यूआई 300 के पार जाने पर यह किए जाने चाहिए उपाय
  • डीजल से चलने वाले जेनरेटर सेट नहीं चलने चाहिए। पार्किंग शुल्क चार गुना तक बढ़ाया जाना चाहिए।
  • बस-मेट्रो की सर्विस बढ़ाई जानी चाहिए।
  • होटल और खुले में खानपान के स्थानों पर कोयला और लकड़ी का प्रयोग बंद होना चाहिए।
  • आरडब्लूए और स्थानीय निवासी सुरक्षा गार्डों को बिजली के हीटर देंगे ताकि वे आग न जलाएं। ऐसा होने पर धुआं कम निकलेगा।
  • अखबार और टीवी पर जनता को सलाह जारी की जाए कि सांस की बीमारी से ग्रसित लोग प्रदूषित जगहों पर न जाएं।

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