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हथियारों की खेप पकड़े जाने से अब ग्रेनेड हमले कर रहे आंतकी



बठिंडा.पंजाब में अलग-अलग कम्युनिटी को टारगेट कर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के इरादे से आईएसआई साजिश रच रही है। इसके लिए विदेशों से फंडिंग, पाक से हथियार और खालिस्तान आतंकी ग्रुप सक्रिय हैं। 2009, 2010 और 2017 में पाक से मंगवाई हथियारों की बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद अब आतंकी कश्मीर की तर्ज पर ग्रेनेड अटैक का सहारा ले रहे हैं।

इनके मनसूबों का खुलासा एक साल पहले नवंबर 2017 में पकड़े गए टारगेट किलिंग मॉड्यूल में शामिल आतंकियों से पूछताछ में हुआ था। इनमें कई संगठन इंग्लैंड, कनाडा, यूरोप, फ्रांस, इटली में बैठकर पाक बेस्ड आतंकी संगठनों के लिए फंड जुटा रहे हैं, ये संगठन आईएसआई की मदद से पंजाब में माहौल खराब कर रहे हैं। रविवार को अमृतसर में निरंकारी भवन अटैक में इस्तेमाल ग्रेनेड पाक आर्डीनेंस फैक्ट्री में बने होने की बात सामने आने के बाद यह साफ हो चुका है।

रोडे भी आतंक फैलाने को युवाओं को गुमराह कर रहा :
हाल ही में पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ के मुताबिक पाक में लाहौर की पीआईए डिफेंस कॉलोनी के मकान नंबर 20 में रहने वाला आतंकी हरमीत सिंह पीएचडी और लखबीर सिंह रोडे पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई की शरण में है और पंजाब में आतंक फैलाने के लिए युवाओं से संपर्क साध उन्हें स्काइप के जरिए बातचीत कर हथियार मुहैया करवाते हैं।

अमृतसर से छेहरटा के रहने वाले हरमीत पीएचडी ने 2009 में पंजाब में रहते हुए पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते हथियारों की खेप मंगवाई थी, मगर उसे रिसीव करते समय पुलिस की छापामारी में इसके साथी पकड़े गए थे मगर यह पाक भाग गया था और वहां खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के रणजीत सिंह नीटा की मदद से खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स के लिए काम करने लगा।

2008 से 2017 तक चार बार मंगवाए हथियार पुलिस ने पकड़े थे :
पटियाला में 1 नवंबर को पकड़े आतंकी शबनमदीप को हैंड ग्रेनेड भी आईएसआई के ऑफिसर जावेद खान ने मुहैया करवाया था। इसके बाद अब अमृतसर निरंकारी भवन पर ग्रेनेड अटैक में भी पाक आर्डीनेंस फैक्ट्री में बना ग्रेनेड इस्तेमाल होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में साफ है कि बड़ा आतंकी हमला करने की साजिश बार-बार नाकाम होने के बाद अब पाक बेस्ड आतंकी संगठन ग्रेनेड से हमले करवा आतंक फैलाने की स्ट्रैटजी पर काम कर रहे हैं।

  • 2008 में केएलएफ ने भी पाक के जरिए भारी मात्रा में आरडीएक्स पंजाब भेजा था, जिससे करनाल में डेरा मुखी पर अटैक किया था। इसमें शामिल मुख्य आरोपी बख्शीश सिंह बाबा को हरमिंदर मिंटू ने मलेशिया में शरण दिलाई थी।
  • 2009 में पीएचडी ने पाक से हथियारों की खेप मंगवाई थी, जो पकड़ी गई थी।
  • 2010 में आतंकियों ने पाक के जरिए पंजाब में फिर से आरडीएक्स और राइफलों की बड़ी खेप मंगवाई जो चार आतंकी मॉड्यूल से पकड़ी गई।
  • जुलाई 2017 में हथियारों की एक बड़ी खेप फिर पाक सीमा से तरनतारन क्षेत्र में भेजी गई जो पकड़ी गई।

पंजाब के ये भगौड़े आतंकी पाक में छुपे :
पाक में मौजूदा समय में पंजाब के भगौड़े आतंकी बब्बर खालसा इंटरनेशनल के वधवा सिंह बब्बर, खालिस्तान कमांडो फोर्स के परमजीत सिंह पंजवड़, दल खालसा के गजिंदर सिंह, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के रणजीत सिंह नीटा आईएसआई की शरण में हैं। मगर इन संगठनों की आपस में नहीं बनती। केएलएफ को पीएचडी चला रहा है, जिसे केजैडएफ का नीटा सहयोग दे रहा है।

महल सिंह बब्बर भी पाक में ही रह रहा है मगर इसकी भी वधावा सिंह से नहीं बनती। पहले यह यूरोप चला गया था, मगर वापस पाक लौटकर इसने वधवा सिंह की अधीनाता स्वीकार कर ली। मगर वधवा सिंह फिलहाल एक्टिव नहीं है।

विदेशों से ये लोग करवा रहे हैं फंडिंग :
टारगेट किलिंग में पकड़े गए आतंकियों की पूछताछ रिपोर्ट के मुताबिक आतंक के लिए इंग्लैंड में बैठा गंगानगर का गुशरणबीर, उसका भाई अमृतबीर, फ्रांस बैठा फगवाड़ा का गुरजिंदर शास्त्री, यूके बैठे मोहाली के परमजीत सिंह और प्यारा सिंह ने ग्रुप बनाया हुआ है। ये सभी पाक बेस्ड केएलएफ के आतंकियों के लिए फंडिंग करते हैं।

यही नहीं पाक में बैठे लखबीर सिंह रोडे का बेटा भगत सिंह और गुरप्रीत सिंह निवासी मोगा हाल आबाद कनाडा भी फंडिंग जुटाने में इनकी मदद करते हैं। इसके अलावा कनाडा में बैठा गुरजीत चीमा, हरप्रीत सिंह भी सक्रिय हैं, जिनके नाम कुछ माह पहले कनाडा सरकार को सौंपे थे, मगर इनकी गतिविधियां थमी नहीं हैं।

कम्युनिटी पर अटैक :

  • 25 फरवरी 2017 को पीएचडी ने पूर्व डीजीपी मुहम्मद इजहार आलम को मारने के लिए शूटर हरदीप शेरा और रमनदीप को मलेरकोटला भेजा था, लेकिन वह वहां नहीं मिले। यहीं से लौटते समय इन्होंने खन्ना के पास गांव जंगेड़ा के डेरे में दो डेरा प्रेमियों को मारा था। यह खुलासा दोनों ने पूछताछ में किया था।
  • 6 अगस्त 2016 को आरएसएस पंजाब प्रमुख ब्रिगेडियर गगनेजा को भी इसी लिए टारगेट किया गया ताकि सांप्रदायिक तनाव हो।
  • 17 अक्टूबर 2017 को इसी मंशा से लुधियाना में आरएसएस शाखा इंचार्ज रविंदर गोसाई की हत्या हुई। शाखा पर फायरिंग भी की गई।
  • 4 अप्रैल 2016 को नामधारी समुदाय की माता चंद कौर की हत्या की जांच सीबीआई कर रही है।
  • 14 जनवरी को लुधियाना में हिंदु तख्त के नेता अमित शर्मा और खन्ना में शिव सेना नेता दुर्गा प्रसाद की हत्या भी सांप्रदायिक तनाव के लिए करवाई गई थी।

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ISI conspiracy for creating communal tension

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