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बेबी में अस्थमा के लिए विटामिन-ए है जिम्मेदार

गर्भावस्था के दौरान मां के शरीर में विटामिन-ए की कमी और प्रसव के बाद बच्चों में अस्थमा के लक्षण के बीच पहली बार महत्वपूर्ण संबंध पाया है। विटामिन-ए पर्याप्त मात्रा में न मिलने से नवजात की मांसपेशियां इस तरह से विकसित हो जाती हंै कि फेफ ड़ों को पूरी तरह से ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और अस्थमा का जोखिम बढ़ जाता है। बच्चे में इस रोग की आशंका से बचने के लिए गर्भावस्था में मां को विटामिन-ए से युक्त चीजें जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, शकरकंदी, शिमला मिर्च, ब्रोकली और खरबूजा आदि अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

खुराक का ध्यान –
अस्थमा से बचाव के लिए बच्चे की विटामिन-ए की खुराक का ध्यान रखना चाहिए। छह महीने के अंतराल में पांच साल तक यह खुराक दी जाती है। अगर बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो या खांसी सात महीने तक बनी रहे तो ये अस्थमा के लक्षण हो सकते हैं, ऐसे में डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।

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