News That Matters

दिव्यांग जमनालाल ने बच्चों को देख तालाब में तैराकी सीखी… एक गोल्ड, 2 सिल्वर जीते




हौसला और जज्बे की कहानी हैं भाव की गुड़ा (इटुंदा) के जमनालाल बलाई। वह बचपन से एक हाथ से दिव्यांग हैं। इस कमजोरी को उन्होंने हावी नहीं होने दिया। गांव में प्राथमिक की पढ़ाई के दौरान बच्चों को तालाब में तैरते देखकर तय किया कि इसी में कॅरिअर बनाऊंगा। इसके बाद गांव में ही बच्चों को देखकर तैरना शुरू कर दिया। इसमें दोस्त इशाक मोहम्मद, घीसालाल, शंकरलाल आदि ने सहयोग किया। क्योंकि शुरुआत में एक हाथ से तैरने में परेशानी आ रही थी। 26 साल के जमनालाल एमए कर चुके हैं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में एक गोल्ड, दो सिल्वर, दो ब्रॉज व समुंद्र में भी तैराकी कर चुके हैं। फिलहाल वे नेशनल टूर्नामेंट के लिए तैयारी कर रहे हैं। इस पर महीने का 1500 रुपए का खर्चा आ रहा है, जिसके उनके पिता ब्याज पर पैसे लिए हैं। जमनालाल का कहना है कि प्रतियोगिता में जाने पर तो पैसे मिलते हैं, लेकिन जयपुर में रहने और तैयारी का खर्च देना पड़ता है।

जहाजपुर क्षेत्र के जमनालाल का लक्ष्य, अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में जाना लक्ष्य

समुंद्र में भी तैर चुके हैं… ब्याज पर पैसे लेकर पिता करवा रहे नेशनल की तैयारी

तैयारी | जयपुर में स्टेडियम में एक हजार रुपए जमा करवा कर गुर सीखे… जमनालाल ने बताया कि 2016 से एसएमएस स्टेडियम जयपुर में तैराकी सीखना शुरू किया। वहीं से समझा कि तैराकी के क्या नियम होते हैं और किस प्रकार प्रतियोगिताओं में तैराकी की जाती है। पहले तैराकी तो करता था, लेकिन बड़ी प्रतियोगिताओं में तैयारी की जानकारी नहीं थी। इसके लिए जयपुर की एकेडमी में एक हजार रुपए जमा करवाकर प्रवेश लिया। वहां कोच राजकुमार के पास तैराकी के गुर सीखे। अभी भी वहीं प्रेक्टिस कर रहा हूं।

लक्ष्य | अंतराराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड जीतकर साबित करना है कि दिव्यांग ताकतवर हाेते हैं… जमनालाल का कहना है कि मैं दिव्यांग हूं और पिता किसान हैं। पिताजी ब्याज पर पैसे लेकर मेरे सपने को पूरा करने में लगे हैं। मेरा लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड जीतकर यह साबित करना है कि दिव्यांग ताकतवर होते हैं। उनका कहना है कि यदि सरकारी सहायता मिल जाए तो तैराकी में आगे जाने में बड़ी मददगार हो सकती है। इस सिलसिले में कलेक्टर को भी अर्जी दे चुका हूं।

सफलता | गोल्ड मेडल जीतने के अलावा गुजरात के समुंद्र में पांच किमी तक की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया… जमनालाल बताया कि जोधपुर में 28 अक्टूबर 2016 में हुई राज्य स्तर प्रतियोगिता दो सिल्वर मेडल जीते। नवंबर में 2017 में राज्य स्तर प्रतियोगिता में एक गोल्ड व दो ब्राॅज मेडल जीते हैं। दिसम्बर 2017 में नेशनल प्रतियोगिता में 5वीं रैंक रही। जनवरी 2018 में पोरबंदर गुजरात समुंद्र में हुई तैराकी प्रतियोगिता में 2 किलोमीटर और 5 किलोमीटर में तैराकी प्रतियोगिता में भाग लिया। 29 नवंबर 2018 से 3 दिसंबर 2018 तक नॉनस्टॉप 5 दिन गोधरा स्पोर्ट्स केपलेकान गुजरात में मैराथन तैयारी मेें वर्ल्ड रिकॉर्ड लिम्का बुक और गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भारत के 12 तैराकी में भाग लिया।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


Bhilwara News – divyang jamnalal learned swimming in the lake watching the children won one gold 2 silver


Bhilwara News – divyang jamnalal learned swimming in the lake watching the children won one gold 2 silver

Dainik Bhaskar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *