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मुंह-पेट में अल्सर है तो कोल्ड कॉफी पीने से मिलती है राहत

कॉफी हर किचन में मिलती है लेकिन कम ही लोगों को पता है कि कॉफी के बहुत फायदे और थोड़े नुकसान भी हैं। कॉफी के दो मुख्य प्रकार हैं कोल्ड और हॉट कॉफी। जानते हैं इनके फायदे-नुकसान के बारे में-

हॉट कॉफी
इसमें कैफीन होती है जिससे थकान दूर होती है। मेटाबोलिज्म में सुधार होने से शुगर, बीपी व कोलेस्ट्रॉल लेवल सही रहता है। हॉट कॉफी फैटी एसिड बनाती है जिससे लिवर में इंफेक्शन से बचाव होता है। कॉफी में न्यूरोप्रोटेक्टिव कैमिकल्स होते हैं जो दर्द को कम करते हैं और तंत्रिका तंत्र को मजबूत बनाते हैं। कैफीन की अधिक मात्रा से माइग्रेन और अनिद्रा की समस्या हो सकती है। इसके अलावा घबराहट और मानसिक समस्याएं हो सकती हैं। कैफीन ज्यादा लेने से नसें कमजोर होने लगती हैं। इससे डिप्रेशन और न्यूरो से संबंधी परेशानी हो सकती है। गर्भवती महिलाएं कॉफी पीने से बचें। इससे भू्रण में मौजूद शिशु पर असर पड़ता है। प्रीम्चयोर डिलीवरी की भी आशंका रहती है।

कोल्ड कॉफी-
पेट में गैस और एसिडिटी होती है तो कोल्ड कॉफी पीना ठीक रहता है। ठंडा दूध एंटाएसिड होता है जो एसिडिटी को कम करता है। मुंह और पेट में छाले (अल्सर) हैं तो कोल्ड कॉफी पीना फायदेमंद होता है। इसमें क्लोरोजेनिक एसिड होता है। यह घाव भरने में मदद करता है। यदि आंखों में चोट या किसी बीमारी के कारण घाव है तो कोल्ड कॉफी पी सकते हैं। अगर छोटे बच्चे दूध पसंद नहीं करते हैं तो उसमें थोड़ी कॉफी मिलकर दे सकते हैं। इससे बच्चे आसानी से दूध पी लेते हैं और उनको दूध का लाभ मिल जाएगा। लेकिन जिन्हें साइनस या भूख न लगने की समस्या उन्हें कॉफी नहीं पीनी चाहिए। इससे उनकी समस्या बढ़ती है। इससे भूख खत्म हो जाती है। एक दिन में तीन-चार कप से अधिक कॉफी न पीएं। इसमें कैफीन की मात्रा शरीर में अधिक होने से कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं।
डॉ. मनोज शर्मा, डायटीशियन, जयपुर

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