News That Matters

सबसे क्रूर डिलीवरी: कहीं रस्सी से पैर बांधकर बच्चे को गर्भ से बाहर खींचा तो कहीं ऑपरेशन में लापरवाही से कट गई गर्दन, पढ़ें देश-विदेश के 7 हॉरर केस



जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर के रामगढ़ सामुदायिक अस्पताल में एक महिला दीक्षा कंवर के डिलीवरी के दौरान चिकित्‍साकर्मियों ने बच्‍चे को इतनी जोर से खींचा कि उसका शरीर दो टुकड़ों में बंट गया। बच्चे का सिर तो मां की कोख में ही रह गया और धड़ बाहर आ गया। लेकिन ये क्रूर तरीके से डिलीवरी का कोई पहला मामला नहीं है। भारत से लेकर विदेशों तक में ऐसे मामले हैं अपने समय में सुर्खियों में रहे। आइए जानते हैं ऐसे मामले कब-कब और कहां हुए….

भारत में हुए ऐसे कुछ मामलों पर एक नजर

केस 1. अगस्त 2015 में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में 32 साल की गीता देवी को लेबर पेन होने पर उसके पति हेमंत ने भर्ती कराया था। डिलीवरी के दौरान गीता के बच्चे का सिर गर्भ में रह गया जबकि धड़ डॉक्टरों के हाथ में आ गया था। इसके बाद गीता को दूसरे हॉस्पिटल ले जाकर गर्भ से सिर निकाला गया। हालांकि गीता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। पुलिस जांच में सामने आया कि डिलीवरी करने वाले अस्पताल में पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।

केस 2. नवंबर 2015 उत्तर प्रदेश के रामपुर में पहली बार मां बनने जा रही 35 साल की महिला के साथ भी ऐसी घटना घटी। डॉक्टर ने डिलीवरी के दौरान गर्भ से बाहर आए बच्चे के पैरों को एक रस्सी से बांध दिया। इसके बाद रस्सी खींचकर बच्चे को बाहर लाने की कोशिश की। इसमें भी बच्चे का धड़ बाहर आ गया और सिर गर्भ में रह गया। इस मामले में डॉक्टर तैय्यब इकबाल और नर्स माधुरी को गिरफ्तार किया गया था।

केस 3. जुलाई 2017 में राजस्थान के झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में राजकीय कमरुद्दीन अस्पताल में ये घटना घटी। मुकेश मेघवाल नाम के शख्स ने यहां अपनी गर्भवती पत्नी को भर्ती कराया था। यहां डॉक्टर विष्णु कुमार गुप्ता ने महिला की डिलीवरी कराई, जिसमें नवजात का सिर अलग होकर हाथ में आ गया था। जबकि बच्चे का धड़ महिला के पेट में रह गया था, जिसे बाद में ऑपरेशन करके निकाला गया।

केस 4. मई 2018 में यूपी के बालमपुर निवासी सुनील सोनी की पत्नी की डिलीवरी सुल्तानपुर के जिला महिला अस्पताल में डॉक्टर आरके भट्ट करा रहे थे। जब नॉर्मल डिलीवरी नहीं हुई तो ऑपरेशन करने के लिए कहा गया। ऑपरेशन के ही दौरान पैदा हुए बच्चे की गर्दन में लापरवाही से औजार लग गया जिससे उसकी मौत हो गई। फैमिली ने कटी गर्दन देखकर अस्पताल में हंगामा कर दिया था।

विदेशों में भी हुए ऐसे मामले

केस 5. मार्च 2011 में यूएस के मिसूरी में अर्टेशिया बेट्स और ट्राविस अम्मोनेटे ने आरोप लगाया कि डॉ. सुजैन मूरे ने उन्हें बताया था कि बच्चा सिजेरियन तरीके से पैदा होगा। लेकिन डिलीवरी वाले दिन एक दूसरे डॉ. गिलबर्ट वेब ने इससे इनकार करते हुए नॉर्मल डिलीवरी कराने पर जोर दिया। हालांकि डिलीवरी के दौरान बच्चे का सिर धड़ से अलग हो गया।

केस 6. मार्च 2014 में स्कॉटलैंड में एक 30 साल की महिला की डिलीवरी के दौरान बच्चे का सिर धड़ से अलग हो गया था। इस मामले को लेकर कोर्ट केस भी चला। कोर्ट में इलाज करने वाली भारतीय मूल की डॉक्टर वैष्णवी लक्ष्मण ने माना कि उन्होंने महिला के मना करने के बावजूद डिलीवरी को जारी रखा, जिसके कारण ये घटना घटी।

केस 7. दिसंबर 2017 में अर्जेंटीना के टार्टागल में रेएना नातालिया नाम की महिला ने अस्पताल पर गलत ढंग से डिलीवरी कराने का आरोप लगाया था। रिपोर्ट्स में बताया गया कि डिलीवरी के दौरान प्रीमेच्योर बेबी का सिर धड़ से अलग हो गया था। इस बात को डॉक्टरों ने फैमिली से छिपा लिया। हालांकि जब महिला के पति ने वार्डब्वॉय को उनके बच्चे की बॉडी ले जाते हुए देखा तो मामले का खुलासा हो गया।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


baby split beheaded decapitated delivery cases in india

Dainik Bhaskar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *