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300 Cr की दौलत बनाने वाले डिप्टी कमिश्नर की अकड़ तो देखिए; ACB अफसरों को भी धमकाने से नहीं चूका, बोला – CBI में भी हो चुकी शिकायत, बाद में मुझे क्लीनचिट दे दी थी



कोटा. अफीम खेती में रिश्वत की खेती करने वाले नारकोटिक्स विभाग के डिप्टी कमिश्नर डॉ. सहीराम मीणा (Sahi Ram Meena) कार्रवाई के दौरान ACB अफसरों को भी धमकाने से नहीं चूका। आरोपी मीणा ने अफसरों को कहा- मेरे खिलाफ CBI में भी आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत हुई थी। तब जांच में कुछ भी नहीं मिला। सीबीआई ने मुझे क्लीनचिट दे दी थी। अब भी मैं पूरा हिसाब दे दूंगा। एसीबी अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि मीणा के खिलाफ कब शिकायत हुई थी। मीणा ने सरकार को सवाईमाधोपुर अपने गांव में 32 बीघा जमीन और अपने भाई व पत्नी के नाम से 2 प्लॉट दिखा रखे हैं। जबकि सर्च के दौरान 106 भूखंड, 25 दुकान और दिल्लीमुंबई में फ्लैट होने की बात सामने आई है। एसीबी इनका बाजार व डीएलसी रेट निर्धारित करेगी।

जांच में रोड़े अटका रहा मीणा

रिमांड पर चल रहा घूसखोर सहीराम मीणा एसीबी की पूछताछ में एक भी सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा। दोबारा रिमांड पर मिलने के बाद मंगलवार को पूरे दिन कोटा में एसीबी अधिकारी उससे पूछताछ करते रहे, लेकिन वह हर सवाल को टालता रहा। घर से मिली नकदी व करोड़ों की प्रॉपर्टी के डॉक्युमेंट्स के संबंध में पूछताछ के लिए एसीबी ने सहीराम से 100 से ज्यादा सवाल पूछे, लेकिन उसने एक भी सवाल का सटीक जवाब नहीं दिया। अधिकारी ज्यादा देर तक पूछताछ करने लगते तो वह चक्कर आने की बात कहकर चुप बैठ जाता।

पूछताछ में हुए अहम खुलासे

सहीराम व दलाल कमलेश ने एसीबी की पूछताछ में अहम खुलासे किए हैं। हालांकि, दोनों ने वॉयस सैंपल देने से इंकार कर दिया। फिलहाल, जांच में सामने आया कि आरोपी सहीराम ने मोतीलाल की जगह कमलेश के पिता नंदलाल को अफीम खेती का मुखिया बनाने के लिए जिला अफीम अधिकारी चित्तौड़गढ़ व निरीक्षक को धमकाया था। अफसरों ने जब नंदलाल को मुखिया बनाने को नियम विरुद्ध बताया तो सहीराम ने अफसरों को एसीआर खराब करने की धमकी दी थी। जिसके बाद अफसर कमलेश के पीछे-पीछे कई दिनों से उसके पिता को मुखिया बनाने के लिए घूम रहे थे। लेकिन मीणा के इशारे पर कमलेश अफसरों को तवज्जो नहीं दे रहा था।

कमलेश से 5 लाख में हुई थी सहीराम की डील

पड़ताल में सामने आया कि जिला अफीम अधिकारी के पास ही मुखिया बनाने का पावर होता है। ऐसे में मीणा ने जबरन फाइलें खुद के ऑफिस में मंगाई और अधिकारी को धमकी देकर नंदलाल को अफीम खेती के लिए एक ब्लॉक का मुखिया बनवाया। खास बात यह है कि कमलेश ने मीणा से खुद के पिता को मुखिया बनाने के लिए 5 लाख रुपए में सौदा तय किया था। लेकिन बाद में कमलेश ने एक लाख रुपए देने की बात कही और 4 लाख रुपए देने से इंकार कर दिया था। ऐसे में सहीराम मीणा ने उसे कहा कि मेरा इनाम 5 लाख बनता है। अगर तुझे कोई फायदा नहीं हो रहा है तो तू एक लाख रुपए ही दे। सर्विलांस के दौरान मीणा व कमलेश के बीच में हुए बातचीत में यह बात सामने आई है।

ब्लॉक बदलकर पट्टा लिया था, फिर भी मुखिया बना दिया

मोतीराम जिस ब्लॉक का मुखिया था, उस ब्लॉक में नंदलाल ने पट्टा लिया था। पहले वह दूसरे ब्लॉक में अफीम की खेती करता था। नियम है कि अगर कोई पट्टा दूसरे ब्लॉक में लेता है तो वह उस ब्लॉक का मुखिया नहीं बन सकता। ऐसे में अधिकारियों ने इसका विरोध किया था। लेकिन जब सहीराम ने एसीआर खराब करने की धमकी दी तो उन्होंने नंदलाल को मुखिया बना दिया।

सहीराम का बेटा-पत्नी भी बन सकते हैं आरोपी

एसीबी की जांच के दौरान मंगलवार को सहीराम की पत्नी के नाम से सीतापुरा स्थित कॉरपोरेशन बैंक में एक लॉकर और चार बैंक खाते मिले हैं। एसीबी ने लॉकर और खातों को फ्रीज करा दिया। एसीबी अब लॉकर की तलाशी लेगी। एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि जांच के बाद जल्द ही सहीराम और उसकी पत्नी व बेटे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज होगा।

चुनाव लड़ने के लिए बना रखा था बायोडाटा

सहीराम मीणा के घर पर सर्च के दौरान एक बायोडाटा मिला है। सहीराम ने चुनाव लड़ने के लिए यह बायोडाटा पार्टी से टिकट लेने के लिए तैयार किया था। बायोडाटा में सहीराम ने लिखा है कि वह राष्ट्र निर्माण के लिए एक अधिकारी के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन प्रभावी रूप से करेगा और विभिन्न संगठनों के माध्यम से गरीब वर्ग का उत्थान करने का कार्य करेगा।

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rajasthan news: Sahi Ram Meena told ACB officials that in CBI also complaints of Income More than Income was made but later on I got cleanchit

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