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कल तक यह बच्चा खेलता था, आज इस मासूम को जिसने देखा वो रो पड़ा,  माता-पिता गए थे मजदूरी करने, घर लौटे तो इस हाल में मिला बेटा



हनुमानगढ़ (राजस्थान)।गुरुवार दोपहर डेढ़ वर्षीय एक मासूम बच्चे की खेलते समय खुले नाले में गिरने से मौत हो गई। हैरानी की बात है कि नगरपरिषद की ओर से नाले पर चेंबर तो लगाए गए, लेकिन नाले की सफाई के बाद उनको ढकने की बजाए खुला ही छोड़ दिया गया। इसी लापरवाही के कारण खुले नाले में गिरने से मासूम की मौत हो गई। जिस समय यह घटना हुई, उस समय बच्चे के माता-पिता भी घर नहीं थे। डेढ़ घंटे बाद मां घर पहुंची और बच्चे को संभाला तो वह नाले में मृत मिला। घटना के बाद आसपास के लोगों ने परिषद प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रोष जताया।

जिला अस्पताल में किसी तरह की कानूनी कार्रवाई से इंकार करने पर पुलिस ने बच्चे का शव बिना पोस्टमार्टम परिजनों को सौंप दिया। जानकारी के अनुसार राजू यादव निवासी गांव सरसा जिला समस्तीपुर बिहार हाल टिब्बी रोड वार्ड 28 दिहाड़ी मजदूरी करता है। गुरुवार सुबह वह दिहाड़ी मजदूरी के लिए घर से चला गया। इस बीच उसकी पत्नी भी मजदूरी करने के लिए चली गई। पीछे से उसके दोनों बच्चे घर में अकेले थे। खेलते समय डेढ़ वर्षीय बेटा धीरज घर के बाहर खुले नाले में गिर गया। थोड़ी देर बाद उसकी मां लोगों के घरों में काम करने के बाद वापिस लौटी तो मासूम धीरज घर पर नहीं मिला।इस बीच वह आसपड़ौस में इधर-उधर ढूंढती रही। करीब डेढ़ घंटे बाद मासूम धीरज घर के बाहर गंदे नाले में नजर आया। इस पर उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजन और आसपास के लोग आक्रोशित हो गए। जिला अस्पताल में बच्चे को मृत घोषित करने पर परिजनों ने पुलिस कार्रवाई से इंकार कर शव ले गए। इससे पहले घटना की सूचना पाकर स्वच्छता निरीक्षक जगदीश सिराव सहित अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए आयुक्त को सूचित किया। लोगों ने कहा कि सफाई के बाद नाला ढका होता तो यह हादसा नहीं होता।

इनका काम मॉनिटरिंग का, लेकिन वार्डों में उद्घाटनों और लोकार्पण तक सीमित रहे (राजकुमार हिसारिया, सभापति)
– यह करना था… शहर में नगरपरिषद से संबंधित कार्यों में आमजन को कोई परेशानी नहीं हो इसलिए मॉनिटरिंग के साथ ही अगर कहीं कमी हैं, वहां सुधार के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देशित कर आमजन को राहत दिलाना जिम्मेदारी है।
– यह किया…शहर के वार्डों में उद्घाटनों और लोकार्पण तक ही सीमित रहे। कहीं नाला खुला है या चेंबर ढका हुआ नहीं है और पार्कों में कहीं चेंबर खुला है इसकी कभी मॉनिटरिंग नहीं की और न ही कर्मचारियों को निर्देशित किया।

अब यह बोले…घटना दुखद, किस स्तर पर हुई लापरवाही जांच कराएंगे
नाले में गिरने से बच्चे की मौत की घटना दुखद है। इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई है इसकी जांच कराई जाएगी। अगर किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

परिषद से अपील- चेंबर व होद खुले नहीं छोड़ें ताकि नहीं गंवानी पड़े किसी मासूम को जान

अपने घर के आसपास या किसी पार्क में कोई चेंबर या होद खुला नहीं छोड़ें। अगर इस तरह का होद या चेंबर खुला नजर आता है तो जिम्मेदार संबंधित विभाग या व्यक्ति को उसे बंद कराने के लिए कहें ताकि किसी और मासूम को जान नहीं गंवाने पड़े। अगर कोई कहने के बाद भी चेंबर या होद नहीं ढ़कता है तो इसकी जिला प्रशासन या सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करें।

शर्मनाक- इस तरह की यह तीसरी घटना, जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं

शर्मनाक यह भी है कि इस तरह की घटना की पुनरावृति नहीं हो, इसकी जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं हैं। गत दिसंबर माह में जंक्शन की दुर्गा कॉलोनी स्थित पार्क में खुले वाटर वकर्स के चेंबर में डूबकर चार वर्षीय आलिम की डूबकर मौत हो गई थी। आलिम अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वहीं गत 25 फरवरी को टाउन की पारीक कॉलोनी में खाली भूखंड में नींव भरने के बाद खुले छोड़े गए होद में डूबने से एक मासूम की मौत हो गई थी।

लापरवाही की तस्वीर…यही वो नाला है, जिसमें गिरने से डेढ़ साल के धीरज की जान गई। लोगों ने बताया कि सफाई के लिए कई दिन पहले फेरो कवर हटाए गए थे, लेकिन आज तक वापस नहीं लगाए गए। यह हाल अकेले इसी वार्ड का नहीं, कई अन्य इलाकों का भी है।

मुख्य काम शहर का राउंड ले सफाई व अन्य समस्याएं देखना, लेकिन बैठकों में व्यस्त रहे (शैलेंद्र गोदारा, आयुक्त)

– यह करना था… जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन, सफाई व्यवस्था से लेकर अन्य व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन की जिम्मेदारी है। इसमें शहर का राउंड लेकर समस्याओं को चिन्हित कर निस्तारण कराना भी शामिल है।

– यह किया… यहां ज्वाइन करने के बाद अधिकांश तौर पर कलेक्ट्रेट में बैठकों में ही व्यस्त रहे। शहर का पूरी तरह से राउंड भी नहीं ले पाए। मॉनिटरिंग के अभाव में शहर में सफाई के बाद नाले के चेंबर खुले छोड़े जा रहे हैं।

अब यह बोले…भविष्य में इस तरह की घटना न हो, यह ध्यान रखेंगे
भविष्य में इस तरह की दुखद घटना की पुनरावृति नहीं हो इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इस घटना में अगर किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो एक्शन लिया जाएगा।
लापवाही…3 माह में तीसरा हादसा, 3 जानें गई, कार्रवाई किसी पर भी नहीं

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Hanumangarh Rajasthan News in Hindi: One and half year old child dies due to falling in the drain

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