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जालंधर कैंट का एमईएस मुलाजिम पाक को व्हाट्सएप से बताता था सेना की मूवमेंट, अरेस्ट




भास्कर न्यूज | अमृतसर/जालंधर

छह साल से मिलिट्री में काम करते हुए खुफिया जानकारियां पाकिस्तान में बैठे आईएसआई अधिकारियों को पहुंचाने वाले जालंधर कैंट में रह रहे राम कुमार को वीरवार स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सैल (एसएसओसी) ने ब्यास मिलिट्री स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है। एसएसओसी टीम ने आरोपी कुमार को खुफिया कागजात, फौजी दस्तावेजों की नकल, फोटोज, नक्शों व गुप्ता जानकारियों के साथ पकड़ा है। कुमार से दो मोबाइल और 4 सिम कार्ड भी मिले हैं। फिलहाल, एसएसओसी टीम ने आरोपी को शुक्रवार कोर्ट में पेश करके 4 दिन के रिमांड पर लिया है। जासूसी के बदले रामकुमार को हवाला के जरिए पेमेंट की जाती थी। हाल में भी रकम ट्रांसफर हुई थी।

राम कुमार 2013 से मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेस (एमईएस) मेट इक्लेट्रिशयन जालंधर कैंट में काम रहा था। राम कुमार फाजिल्का का रहने वाला है, लेकिन जॉब के लिए वह जालंधर में था। एफबी के जरिए राम कुमार के लिंक पाक के आईएसआई से जुड़े लोगों से हुए। उसे लालच दिया गया और उसने धीरे-धीरे आर्मी मूवमेंट, बॉर्डर पर लगी सुरक्षा टुकड़ियों, बॉर्डर के पास आर्मी बटालियनों, आर्मी कैंट के नक्शे आदि खुफिया जानकारियां टेलीफोन, फेसबुक, ई-मेल के माध्यम से भेजना शुरू कर दिया था। पुलवामा अटैक के बाद से वह काफी सक्रिय था और बॉर्डर पर हो रही आर्मी मूवमेंट पर भी उसकी नजर थी। रामकुमार जालंधर छावनी स्थित एमईएस क्वार्टर्स में पिछले 6 साल से रह रहा था। एजेंसियां की पूछताछ में जासूस राम ने माना कि सूचना देने के बाद वह डेटा डिलीट कर देता था।

जासूस से सेना से जुड़े कई दस्तावेज, मोबाइल व सिम बरामद

ब्यास मिलिट्री बेस के पास आया था डॉक्यूमेंट देने… एसएसओसी अधिकारियों ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी ब्यास मिलिट्री बेस के पास किसी को गुप्ता सूचना देने आया है, जहां से एसएसओसी टीम ने मिलिट्री स्टेशन के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

भास्कर न्यूज | अमृतसर/जालंधर

छह साल से मिलिट्री में काम करते हुए खुफिया जानकारियां पाकिस्तान में बैठे आईएसआई अधिकारियों को पहुंचाने वाले जालंधर कैंट में रह रहे राम कुमार को वीरवार स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सैल (एसएसओसी) ने ब्यास मिलिट्री स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है। एसएसओसी टीम ने आरोपी कुमार को खुफिया कागजात, फौजी दस्तावेजों की नकल, फोटोज, नक्शों व गुप्ता जानकारियों के साथ पकड़ा है। कुमार से दो मोबाइल और 4 सिम कार्ड भी मिले हैं। फिलहाल, एसएसओसी टीम ने आरोपी को शुक्रवार कोर्ट में पेश करके 4 दिन के रिमांड पर लिया है। जासूसी के बदले रामकुमार को हवाला के जरिए पेमेंट की जाती थी। हाल में भी रकम ट्रांसफर हुई थी।

राम कुमार 2013 से मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेस (एमईएस) मेट इक्लेट्रिशयन जालंधर कैंट में काम रहा था। राम कुमार फाजिल्का का रहने वाला है, लेकिन जॉब के लिए वह जालंधर में था। एफबी के जरिए राम कुमार के लिंक पाक के आईएसआई से जुड़े लोगों से हुए। उसे लालच दिया गया और उसने धीरे-धीरे आर्मी मूवमेंट, बॉर्डर पर लगी सुरक्षा टुकड़ियों, बॉर्डर के पास आर्मी बटालियनों, आर्मी कैंट के नक्शे आदि खुफिया जानकारियां टेलीफोन, फेसबुक, ई-मेल के माध्यम से भेजना शुरू कर दिया था। पुलवामा अटैक के बाद से वह काफी सक्रिय था और बॉर्डर पर हो रही आर्मी मूवमेंट पर भी उसकी नजर थी। रामकुमार जालंधर छावनी स्थित एमईएस क्वार्टर्स में पिछले 6 साल से रह रहा था। एजेंसियां की पूछताछ में जासूस राम ने माना कि सूचना देने के बाद वह डेटा डिलीट कर देता था।

और कौन-कौन है, कहां से आता था पैसा, पता लगाने में जुटी पुलिस

पुलिस अब अगले 4 दिन तक आरोपी राम को जॉइंट इंटरोगेशन सेंटर में रखने वाली है, जहां आरोपी से पूछताछ की जाएगी। पुलिस इन 4 दिनों में आरोपी से उस अधिकारी की जानकारी भी हासिल करेगी, जो इस जासूस को दस्तावेज उपलब्ध करवाता था। इसके अलावा पाकिस्तान में खुफिया जानकारी किन साधनों से भेजी जाती थी, की जानकारी हासिल करना भी बहुत जरूरी है। इसके अलावा आरोपी को पैसे कहां-कहां से आते थे कि जानकारी हासिल करना पुलिस के लिए सबसे जरूरी है।

रात में ड्यूटी, दिन में करता था जासूसी…पढ़े पंजाब पेज

भास्कर न्यूज | अमृतसर/जालंधर

छह साल से मिलिट्री में काम करते हुए खुफिया जानकारियां पाकिस्तान में बैठे आईएसआई अधिकारियों को पहुंचाने वाले जालंधर कैंट में रह रहे राम कुमार को वीरवार स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सैल (एसएसओसी) ने ब्यास मिलिट्री स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है। एसएसओसी टीम ने आरोपी कुमार को खुफिया कागजात, फौजी दस्तावेजों की नकल, फोटोज, नक्शों व गुप्ता जानकारियों के साथ पकड़ा है। कुमार से दो मोबाइल और 4 सिम कार्ड भी मिले हैं। फिलहाल, एसएसओसी टीम ने आरोपी को शुक्रवार कोर्ट में पेश करके 4 दिन के रिमांड पर लिया है। जासूसी के बदले रामकुमार को हवाला के जरिए पेमेंट की जाती थी। हाल में भी रकम ट्रांसफर हुई थी।

राम कुमार 2013 से मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेस (एमईएस) मेट इक्लेट्रिशयन जालंधर कैंट में काम रहा था। राम कुमार फाजिल्का का रहने वाला है, लेकिन जॉब के लिए वह जालंधर में था। एफबी के जरिए राम कुमार के लिंक पाक के आईएसआई से जुड़े लोगों से हुए। उसे लालच दिया गया और उसने धीरे-धीरे आर्मी मूवमेंट, बॉर्डर पर लगी सुरक्षा टुकड़ियों, बॉर्डर के पास आर्मी बटालियनों, आर्मी कैंट के नक्शे आदि खुफिया जानकारियां टेलीफोन, फेसबुक, ई-मेल के माध्यम से भेजना शुरू कर दिया था। पुलवामा अटैक के बाद से वह काफी सक्रिय था और बॉर्डर पर हो रही आर्मी मूवमेंट पर भी उसकी नजर थी। रामकुमार जालंधर छावनी स्थित एमईएस क्वार्टर्स में पिछले 6 साल से रह रहा था। एजेंसियां की पूछताछ में जासूस राम ने माना कि सूचना देने के बाद वह डेटा डिलीट कर देता था।

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