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बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर वायु सेना के हमले का असर




पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर वायु सेना की कार्रवाई के बाद भारतीय शेयर बाजारों में लगातार तेजी का रुख बना हुआ है। दरअसल, इस हमले के बाद हुए सर्वे के अनुसार आम चुनाव में मोदी सरकार की वापसी की संभावना बढ़ी है। इसलिए घरेलू निवेशकों के साथ विदेशी निवेशक भी काफी निवेश कर रहे हैं। सेंसेक्स ने शुक्रवार को 6 महीने बाद 38,000 का स्तर पार किया।

पुलवामा में 14 फरवरी को आतंकी हमले में 40 जवानों के शहीद होने के बाद वायुसेना ने 26 फरवरी को बालाकोट में आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया था। इसके बाद मार्च के दो हफ्ते में इंडेक्स में करीब 6% की तेजी आई है। इससे पहले 1 जनवरी से 28 फरवरी के दौरान सेंसेक्स में 0.5% और निफ्टी में 0.6% गिरावट आई थी।

शुक्रवार को सेंसेक्स 269.43 अंक बढ़कर 38,024.32 और निफ्टी 83.60 अंक बढ़कर 11,426.85 पर पहुंच गया। इस रैली में निजी क्षेत्र के बैंक, इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनियों को ज्यादा फायदा हुआ है। एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर की कंपनियों की चाल सुस्त रही है। इक्रा की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकारी बैंकों को 2019-20 में 23,000-37,000 करोड़ रुपए तक मुनाफा हो सकता है। चार साल से ये बैंक घाटे में हैं।

दो हफ्ते में शेयर बाजार 6% चढ़ गए, सेंसेक्स 6 माह बाद 38,000 के पार

दो हफ्ते में बीएसई की कंपनियों का मार्केट कैप 8.20 लाख करोड़ रु. बढ़ा

इस हफ्ते शेयर बाजार में नवंबर 2018 के बाद सबसे ज्यादा साप्ताहिक तेजी

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार पांचवें दिन तेजी के साथ बंद हुए। सप्ताह के सभी दिन इंडेक्स बढ़त में रहे। हफ्ते भर में बीएसई सेंसेक्स 3.7% और एनएसई निफ्टी 3.5% बढ़ा है। यह नवंबर 2018 के बाद सबसे ज्यादा साप्ताहिक तेजी है।

सेंसेक्स 38,989 अंकों की रिकॉर्ड ऊंचाई से अब सिर्फ 735 अंक दूर रह गया है

दिन के कारोबार में सेंसेक्स 500 अंक बढ़कर 38,254.77 तक पहुंच गया था। यह रिकॉर्ड ऊंचाई से सिर्फ 735 अंक दूर है। सेंसेक्स ने पिछले साल 29 अगस्त को 38,989.65 का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।

आगे क्या: मुनाफावसूली के कारण थोड़ी गिरावट आ सकती है

निफ्टी का पीई रिकॉर्ड के करीब

शेयर बाजार की चाल का एक अंदाजा इसके इंडेक्स के पीई (प्राइस-अर्निंग) अनुपात से लगता है। यह इंडेक्स में शामिल कंपनियों के शेयर भाव और मुनाफे के औसत का अनुपात होता है। निफ्टी का रिकॉर्ड पीई 27.2 है। बीते दो हफ्ते की तेजी के बाद यह अनुपात 26.5 पर पहुंच गया है। यानी अब ज्यादा बढ़त की गुंजाइश नहीं है।

(भास्कर एक्सपर्ट: जयकिशन परमार, रिसर्च एनालिस्ट, एंजेल ब्रोकिंग। उमेश मेहता, रिसर्च हेड, सैमको सिक्युरिटीज)

विदेशी निवेशकों को अमेरिका से ज्यादा आकर्षक लग रहा है भारत

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने संकेत दिए हैं कि आगे वह ब्याज दर घटाने में जल्दबाजी नहीं करेगा। वहां बांड पर ब्याज घट रहा है। इसलिए विदेशी निवेशक अमेरिकी बांड से पैसे निकाल कर भारतीय बाजारों में लगा रहे हैं। यहां ज्यादा रिटर्न की उम्मीद है। इस साल अब तक 29,874 करोड़ रु. निवेश कर चुके हैं। रैली से पहले 2019 के पहले दो महीने दूसरे बाजारों की तुलना में भारत का प्रदर्शन कमजोर था। विदेशी बाजारों में कम से कम 15% तेजी थी, जबकि सेंसेक्स-निफ्टी 6% ही बढ़े थे। इसलिए भी भारतीय बाजार आकर्षक लग रहे हैं।

60% तक हो सकता है करेक्शन

विशेषज्ञों का कहना है कि ऑप्शन मार्केट में इस समय काफी ज्यादा सौदे खड़े हो गए हैं। यह इस बात का संकेत है कि बाजार में जल्दी ही प्रॉफिट बुकिंग की शुरुआत हो सकती है। यानी ट्रेडर ऊंचे भाव पर शेयरों की बिकवाली कर सकते हैं। ऐसा हुआ तो हाल में जो तेजी आई है, उसका 60% करेक्शन हो सकता है।

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश

माह निवेश राशि

जनवरी 5,264 

फरवरी 17,219

मार्च 17,919

कुल 29,874

(आंकड़े करोड़ रुपए में)

2018 में विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार से 33,553 करोड़ रुपए निकाले थे। 2017 में इन्होंने 51,253 करोड़ का निवेश किया था।

छोटे शेयर अच्छा परफॉर्म करेंगे

स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में एक साल से ज्यादा समय तक गिरावट का रुख था। यह रुख दिसंबर तक चला। अब ये सेक्टर लार्ज कैप की तुलना में अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं। महीने भर में बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 10% और स्मॉलकैप इंडेक्स 13% बढ़ चुका है। विशेषज्ञों के मुताबिक आगे भी इनमें तेजी रहने की उम्मीद है।

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