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बेरोजगारी, शराब और परिवार से जुड़ी एक अन्य औरत से रोहित की करीबी भड़काती गई अपूर्वा के गुस्से की चिंगारी




एक मैरिज पोर्टल के जरिए शादी के रिश्ते में बंधे रोहित तिवारी और अपूर्वा शुक्ला एक साल भी जीवनसाथी बनकर नहीं रह सके। दोनों की पिछले साल 11 मई को शादी हुई पहली सालगिरह पूरी होने से कुछ दिन पहले ही अपूर्वा ने रोहित की हत्या कर दी और खुद जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गई। उनके रिश्ते में पड़ी दरार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है पिछले साल 29 मई को ही पति से झगड़ा कर अपूर्वा अपने मायके इंदौर चली गई थी। पति-प|ी के मधुर सम्बंध केवल दूसरों के सामने दिखाने के लिए थे, लेकिन एक ही घर में रहते हुए उनके बीच की दूरियां काफी बढ़ चुकी थीं। एक ही फ्लोर पर दोनों अलग-अलग कमरे में सोते थे।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि अपूर्वा ने जैसा पति चाहा था, राेहित उसकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। शराब पीने की रोहित की आदत और हर काम के लिए उसका अपनी मां पर निर्भर रहना, जैसी कई वजहें थीं जो अपूर्वा को अखरती थीं। रोहित का नाम दो राज्याें के मुख्यमंत्री व आंध्रप्रदेश के गर्वनर रह चुके एनडी तिवारी से जुड़ा था। ऐसे में शादी से पहले अपूर्वा को लगता था कि सबकुछ उसकी जिंदगी में आने वाले दिनों में अच्छा होने वाला है। लेकिन जब वह प|ी बनकर रोहित के घर पहुंची तो वहां की हालत उसके सपने को तोड़ने जैसी थी। रोहित कुछ काम नहीं करता था।

मैरिज पोर्टल के जरिये मिले थे दोनों, पिछले साल 11 मई को हुई थी शादी, 29 मई को ही मायके चली गई थी अपूर्वा

साकेत कोर्ट से निकलते समय घूंघट में अपूर्वा

मां की पेंशन और प्रॉपर्टी के किराये से चलता था खर्च

उसकी मां को मिलने वाली पेंशन और प्रॉपर्टी के एवज में जो किराया मिलता था, उसी से इस परिवार के खर्चे पूरे हो रहे थे। अगर घर के पर्दे भी बदलवाने हैं तो इसके लिए वह मां पर ही निर्भर रहता था। रोहित और अपूर्वा, दोनों ने वकालत कर रखी थी, लेकिन उनके विचार कभी एक नहीं हो सके। ज्यादातर समय अपूर्वा पति से अलग ही रही। दोनों के बीच बात तलाक तक पहुंच चुकी थी लेकिन ऐसा होता इससे पहले पति-प|ी के बीच भड़की नफरत की चिंगारी ने दोनों को हमेशा के लिए अलग कर दिया।

ये भी थी एक वजह| दोनों के बीच आ गई तीसरी

इस दंपति के बीच एक परायी औरत भी विवाद की एक बड़ी वजह थी। यह महिला रोहित के परिवार से लंबे समय से जुड़ी है। उसका पति एनडी तिवारी के पास काम करता था। लगभग 20 साल से इनके सम्बंध तिवारी परिवार के लिए घर जैसे हो चुके थे। लेकिन जब अपूर्वा शादी करके इस घर में आई और उसने रोहित के साथ इस महिला का फ्रैंडली व्यवहार देखा तो उसे पंसद नहीं आया। बताया गया है कि वह महिला रोहित के साथ शराब भी पीती थी। अपूर्वा और रोहित के बीच दूरियां बढ़ने लगीं। रोहित की मां उज्ज्वला शर्मा बेटे के इस महिला के साथ किसी तरह गलत सम्बंध नहीं होने का लगातार विश्वास अपूर्वा को दिलाती थीं। पर शक का कीड़ा अपूर्वा के दिमाग से हट नहीं पाया।

हत्या का कोई चश्मदीद नहीं| रोहित की हत्या के मामले में पुलिस के पास कोई चश्मदीद गवाह नहीं है। अपूर्वा की गिरफ्तारी परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर की गई है। कानून के जानकार बताते हैं कि कई बार हत्या के मामले में आरोपी को कोर्ट में दोषी साबित करने को परिस्थितिजन्य साक्ष्य नाकाफी रहते हैं। वह हत्या जैसे केस में बरी हो जाता है। पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज है, जिसमें रात में अपूर्वा जगी हुई नजर आई है।

350 गज की प्रॉपर्टी में हिस्सा नहीं| वसीयत में 40 % बड़े बेटे सिद्धार्थ और बाकी 60 % रोहित के नाम थी

उज्ज्वला का बड़ा बेटा सिद्धार्थ शर्मा पहले पति से है। वहीं रोहित के पिता एनडी तिवारी हैं। डिफेन्स कॉलोनी, सी-ब्लॉक वाली 350 गज की प्रॉपटी दोनों भाईयों के नाम पर है। सिद्धार्थ ने निजी कारणों से शादी नहीं की। ऐसे में प्रॉपर्टी का कुछ हिस्सा परिवार के साथ लम्बे समय से जुड़े राजीव के बेटे के नाम करना चाहता था। उज्ज्वला की वसीयत के अनुसार इस प्रापर्टी का 40% हिस्सा सिद्धार्थ के नाम और 60% रोहित के नाम पर मिलना तय था। रोहित को कुछ हो जाने की स्थिति में पूरी प्रॉपर्टी सिद्धार्थ के नाम हो जानी थी। अपूर्वा के हिस्से में कुछ नहीं आता।

गैर इरादतन हत्या साबित करनी चाही|वकील होने के कारण अपूर्वा ने पुलिस को गुमराह खूब किया। अपूर्वा ने पुलिस के सामने दलील रखी कि कमरे में रोहित से झगड़ा हो गया था। रोहित ने गर्दन दबाने का प्रयास किया। बचाव में उसने रोहित की गर्दन और मुंह दबा दिया। इसके बाद वह कमरे में चली गई, संभव है देर रात इससे उसकी मौत हो गई हो, लेकिन तब रोहित की मौत नहीं हुई थी। अपने बयान से अपूर्वा ने हत्या (302) के मामले को गैर इरादतन हत्या (304) में बदलने की कोशिश की।

अपूर्वा का लगातार बयान बदलना, उसके विरोधाभासी बयान के कारण पुलिस का शक गहरा होता गया

इन वजहों से अपूर्वा पर आकर ठहर गई तफ्तीश

हत्या वाली रात घर में बाहर से कोई नहीं आया। 15 अप्रैल की शाम वीडियो कॉल पर पति के साथ तीखी नोकझोक।

रात 1 से 2 बजे के बीच अपूर्वा ने खुद रोहित के कमरे में होने की बात स्वीकारी।

घटना वाली रात कोठी में सो रहे अन्य लोगों की कोई हलचल नहीं हुई। सब सो चुके थे, अपूर्वा ही जगी थी।

हत्या के बाद अपूर्वा का मोबाइल से पूरा डाटा डिलीट कर देना।

पुलिस बोली- पर्याप्त सबूत

पुलिस को बिसरा रिपोर्ट के आने का इंतजार, इसके बाद पता चलेगा कि कहीं वारदात से पहले उसे खाने में जहरीला पदार्थ तो नहीं दिया गया था। एफएसएल रिपोर्ट नहीं मिली है। रोहित का पायजमा, तकिया, चादर, अपूर्वा के नाखून का सैंपल जांच के लिए भिजवाया है। पुलिस का कहना है अपूर्वा को कोर्ट में दोषी साबित करने के प्रर्याप्त सबूत हैं। वह गुनाह कबूल कर चुकी है।

उज्ज्वला शर्मा का बयान, जिसमें उन्होंने कहा कि बेटे से खुश नहीं थी अपूर्वा, पहले दिन से ही होने लगी थी तकरार।

अचानक से पति की हुई मौत के बाद भी अपूर्वा का सामान्य रहना। किसी पर कोई शक जाहिर नहीं करना।

रोहित के कमरे में बेडशीट और तकिए पर खून के निशान पाए जाना।

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New Delhi News – unemployment alcohol and another woman related to the family rohit was flung closer to the anger of apurva39s anger


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