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चार महीनाें में 15 जांचें, 200 कराेड़ का गबन सामने आया



जयपुर.विधानसभा चुनाव जीत कर हालही में प्रदेश की सत्ता पर काबिज हुई कांग्रेस सरकार अब पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में विभागाें में हुए घपले-घाेटालाें की जांच में जुटी है। इनमें सबसे ज्यादा निशाने पर काॅपरेटिव सेक्टर है, जहां पिछले चार महीने में हुई 15 जांचाें में करीब 200 कराेड़ रुपए से ज्यादा के गबन और घाेटाले सामने आए हैं।

इनमें किसान कर्जमाफी, हाऊसिंग लाेन, सहकार किसान कल्याण याेजना, फसल खरीद, और फसली ऋण में घपले और गबन के मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलाें में अब एफआईआर दर्ज करवाने के साथ रिकवरी की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। जबकि कुछ मामलों में जांच भी जारी है।

जांच में 9 जिलाें में 40 हजार से ज्यादा केस फर्जी मिले

सबसे ज्यादा मामले पिछली सरकार में किसान कर्जमाफी के हैं। 9 जिलाें के सहकारी बैंकाें 40,425 केस ऐसे मिले हैं जिन्हें नियमाें के परे जाकर करीब 100 कराेड़ रुपए से ज्यादा कर्जमाफी दी जा रही थी लेकिन जिलों के केंद्रीय सहकारी बैंक और नीचले स्तर के बैंकों से इनके खाताें में पैसा ट्रांसफर हाेने से पहले ही राेक लगा दी गई। अब इस रकम काे वापस से सीसीबी और अन्य बैंकों से अपैक्स बैंक के खाते में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

अपेक्स बैंक के एमडी इंद्रराज सिंह ने बताया कि जहां इस तरह के केस सामने आरहे हैं वहां तुरंत एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश निकाले जा रहे हैं। अब तक जिन जिलाें में कर्जमाफी के फर्जी मामले सामने आए हैं उनमें डूंगरपुर, बाड़मेर, चूरू, बांसवाड़ा, जैसलमेर, सवाईमाधाेपुर, झुंझुनू, सीकर अाैर भरतपुर शामिल हैं।

4 जिलाें में फर्जी आईडी से फंड ट्रांसफर

अलवर, जयपुर, जैसलमेर, चित्ताैड़गढ़ के काेऑपरेटिव बैंकाें में बैंक कर्मचारी व ठेकाकर्मियाें की मिलीभगत से करीब 12 कराेड़ रुपए के फंड ट्रांसफर कर लिए गए। इसमें अलवर में 5 व्यक्तियाें के खिलाफ एफआईआर हुई है, अब उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। अब तक इनसे 2.25 कराेड़ रुपए की रिकवरी भी की जा चुकी है। जयपुर में ठेका कर्मचारी ने मैनेजर की आईडी चुराकर 28 लाख के फर्जी फंड ट्रांसफर कर लिए। इस मामले में 2 के खिलाफ एफआईआर हुई है।

तीन जिलाें में फर्जी लाेन बांटे

सीकर, पाली और गंगानगर में फर्जी लाेन बांटे गए। इनमें सीकर की जांच रिपाेर्ट में 11 कराेड़ रुपए का घाेटाला सामने आया। विभाग ने इसमें एफआईआर दर्ज करवाई है। ब्रांच मैनेजर से 2 कराेड़ रुपए की रिकवरी भी कर ली गई है। पाली में 36 कराेड़ से ज्यादा का गबन हुआहै। जांच रिपाेर्ट में पता चला है कि कर्मचारियाें ने फर्जी आईडी तैयार कर हाऊसिंग लाेन बांट दिए। गंगानगर में भी 6 कराेड़ का एग्रीकल्चर लाेन घाेटाला पकड़ा गया है। इसमें टारगेट से कई गुना ज्यादा लाेन बांट दिए गए।

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Scam in debt relief in BJP’s tenure

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