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सूफिया कश्मीर से कन्याकुमारी तक दौड़ेंगी; 100 दिन में 4035 किमी की दूरी तय करेंगी



खेल डेस्क. राजस्थान की अल्ट्रा रनर सूफिया खान गुरुवार (25 अप्रैल) से अपना रन फॉर होपमिशन शुरू करेंगी। इस दौरान सूफिया कश्मीर से कन्याकुमारी तक दौड़ लगाएंगी। 33 साल की सूफिया 100 दिन तक दौड़ेंगी। इस दौरान वे 4035 किमी की दूरी तय करेंगी। सूफिया रोजाना लगभग 50 किमी दौड़ेंगी। यह रन पांच चरण में होगी। सूफिया देश के 22 शहरों में जाएंगी और वहां के लोगों से मिलकर उन्हें भाईचारे, एकता, शांति और समानता का संदेश देंगी।

सूफिया ने कहा, “अगर मेरा यह रन फॉर होप मिशन सफल रहा तो मुझे लगेगा कि मैं देशवासियों में जो संदेश पहुंचाना चाहती थी, वह उन तक पहुंचा। मेरी कोशिश इस रन के दौरान देश के लोगों में सकारात्मकता का संदेश देने की होगी। इसके लिए मैंने दिल्ली में तैयारी की है। मैं मंगलवार को श्रीनगर पहुंच जाऊंगी। एक दिन रेस्ट के बाद गुरुवार से दौड़ना शुरू करूंगी।”

‘एविएशन इंडस्ट्री में ड्यूटी ऑफिसर की नौकरी की’
उन्होंने कहा, “मैं राजस्थान के अजमेर की रहने वाली हूं। जब मेरी उम्र 16 साल थी, तब मेरे पिता की मृत्यु हो गई थी। मां ने हम तीन भाई-बहनों को पाला। मेरा सपना ऊंची उड़ान भरना और आसमान छूना था। इसलिए मैंने एयर होस्टेस की पढ़ाई की। इसके बाद मैंने 10 साल तक दिल्ली में एविएशन इंडस्ट्री में ड्यूटी ऑफिसर की नौकरी भी की।”

‘ऑफिस के कारण हेल्थ और फिटनेस पर नहीं दे पाती थी’
सूफिया ने आगे कहा, “मैं पहले कोई खेल नहीं खेलती थी। हमारा ऑफिस टाइमिंग हमेशा बदलता रहता। ऐसे में हेल्थ और फिटनेस पर ध्यान ही नहीं दे पाती थी। मैंने दो साल पहले फिटनेस के लिए रनिंग करना शुरू किया। मुझे जब भी समय मिलता, रनिंग करती। कुछ समय बाद यह मेरा पैशन बन गया। रनिंग ने मुझे शारीरिक रूप से तो मजबूत बनाया ही। मानसिक मजबूती भी दी। इसने मुझे लाइफ की मुसीबतों से बेहतर तरीके से डील करने में मदद की।”

‘720 किमी की दूरी 16 दिन में पूरी की’
उन्होंने कहा, “कुछ समय बाद मैंने रनिंग के इवेंट में हिस्सा लेना शुरू कर दिया। मैंने पिछले साल ग्रेट इंडियन गोल्डन ट्राएंगल (दिल्ली, जयपुर, आगरा, दिल्ली) की 720 किमी की दूरी 16 दिन में पूरी की थी। मैं यह ट्राएंगल सबसे तेज पूरा करने वाली पहली महिला अल्ट्रा रनर बनी थीं। मेरा नाम इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ था। इसके बाद मैंने पीछ मुड़कर नहीं देखा।”

‘रनिंग पर फोकस करने के लिए जॉब छोड़ दी’
सूफिया ने कहा, “मैंने जॉब छोड़ दी, ताकि रनिंग पर फोकस कर सकूं। परिवार ने भी इसमें मेरा साथ दिया। फिर मैंने देश के लिए कुछ करने का फैसला किया। इसलिए मैंने रन फॉर होप मिशन शुरू करने का फैसला किया। मौजूदा समय में देश में नफरत, दुश्मनी, आतंकवाद, धार्मिक उन्माद और बेरोजगारी जैसी कई समस्याएं हैं। आज की दौड़-भाग भरी जिदंगी में हम संस्कृति, मानवता, भाईचारे के साथ-साथ एक-दूसरे का सम्मान करना तक भूल गए हैं।”

‘इंसानियत से बढ़ कर कोई धर्म नहीं’
उन्होंने कहा, “मैं इस रन के जरिए HOPE (Humanity, Oneness, Peace and Equality) भाईचारे, एकता, शांति और समानता का संदेश देना चाहती हूं। इंसानियत से बढ़ कर कोई धर्म नहीं है। देश के विकास के साथ-साथ भाईचारे, एकता, शांति और समानता बनाए रखना जरूरी है। इसलिए हमें भारतीय संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए।”

‘गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होगा नाम’
सूफिया ने कहा, “अगर मैंने यह रन पूरा कर लिया, तो मेरा नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होगा। लेकिन मेरा उद्देश्य व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करना नहीं है। बल्कि इस रन के दौरान मुझे देश की अलग-अलग संस्कृति और धर्म के लोगों से मिलने का मौका मिलेगा। रन के दौरान बड़े शहरों में कई लोकल रनिंग और साइक्लिंग ग्रुप भी मुझसे जुड़ेंगे।”

‘अभी तक कोई बड़ा स्पॉन्सर नहीं मिला’
उन्होंने बताया, “हालांकि इस रन के लिए मुझे अभी तक कोई बड़ा स्पॉन्सर नहीं मिला है। अभी मुझे 2-3 लाख का ऑफर मिला है। रन पूरा करने में और राशि की जरूरत पड़ेगी, लेकिन मैं इस रन को जरूर पूरा करूंगी। मैं दिल्ली में रहती हूं। घर के पास पार्क में ट्रेनिंग करती हूं। अलग से कोई डाइट नहीं लेती। जब लंबी रनिंग वाले इवेंट में हिस्सा लेती हूं तो खाने में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन की मात्रा बढ़ा देती हूं।”

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सूफिया खान।

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