News That Matters

अधिक उम्र में चीजों का धुंधला दिखने के ये होते हैं कारण

उम्र बढऩे के साथ मेक्यूला क्षतिग्रस्त होता है
हमारी आंखों के बीच के हिस्से को चिकित्सा विज्ञानी मेक्यूला कहते हैं। मेक्यूला का काम है आंखों के सेंट्रल विजन को फोकस करना। यह हमारी देखने, ड्राइव करने, चेहरा, रंग या ऑब्जेक्ट को पहचानने की क्षमता नियंत्रित करता है। मेक्यूला चावल के दाने की साइज यानी करीब 4 सेंटीमीटर का होता है। उम्र बढऩे के साथ मेक्यूला क्षतिग्रस्त होता है। इसकी क्षमता घटने या क्षतिग्रस्त होने से सबसे पहले धुंधलापन आता है। धीरे-धीरे मेक्यूला का फोटो रिसेप्टर्स मर जाता है और सेंट्रल विजन खत्म होने लगता है।
दो प्रकार का होता रोग
ड्राय व वेट। ड्राय मेक्यूलर डिजनरेशन धीरे-धीरे बढ़ता है व सेंट्रल विजन खोने में महीनों-साल लग जाते हैं। आंखों के प्रति सावधानी बरतने के अलावा इसका कोई उपचार नहीं। शुरुआत में व्यक्ति को टीवी देखने या ड्राइव करने में मुश्किल आती है, फिर वह चेहरा भी नहीं पहचान पाता। वेट मेक्यूलर ड्राय की तुलना में ज्यादा खतरनाक है। ऐसे लोगों का उपचार ना हो तो वे 2-3 माह में ही दृष्टि खो देते हैं। कई दवाओं से इलाज संभव है।
50 पार जांच करवाते रहें
पचास साल की उम्र के बाद हर एक-दो साल में आंखों की जांच करवाएं और नेत्र चिकित्सक से मेक्यूला की स्थिति के बारे में जरूर पूछें व खानपान संतुलित रखें।
धूम्रपान पर लगाएं लगाम
इसका कोई पैथोलॉजिकल कारण ना होने से पैथोलॉजी जांच से इस रोग का पता नहीं चलता है। इसका खतरा घटाना है तो स्मोकिंग और शराब से दूरी बनाना जरूरी है। ऐसे खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करें जो एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर हों जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, टमाटर, किशमिश आदि। ये मेक्यूला को पराबैंगनी किरणों से होने वाले नुकसान से बचाने में मददगार हैं।
डॉ. सुभाष अग्रवाल, ऑप्टोमेट्रिस्ट

Patrika : India’s Leading Hindi News Portal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *