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रजिस्ट्रियां नहीं होने पर सरकारी खजाने में 1.10 कराेड़ नहीं आ पाए, हजारों लोग भी हुए परेशान




पंजाब सरकार की ओर से कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज किए जाने पर दी पंजाब स्टेट डिस्ट्रिक (डीसी) ऑफिस इंप्लाइज यूनियन के सदस्यों की कलम छोड़ हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन में दाखिल हाे गई। लगातार दो दिन तक डीसी ऑफिस समेत जिले के सभी उप मजिस्ट्रेट दफ्तरों, तहसीलों और उपतहसीलों में पब्लिक डीलिंग के काम ठप रहने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। यूनियन का दावा है कि तहसील में रजिस्ट्री का कामकाज ठप होने के कारण दो दिनों में सरकारी खजाने में 1 करोड़ से अधिक राशि जमा नहीं हो पाई है।

बुधवार को यूनियन के जिला प्रधान संजीव कुमार ने कहा कि हड़ताल से कामकाज रुका हुआ है। लोग परेशान हो रहे हैं। इसके बावजूद पंजाब सरकार पर कोई असर नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने यूनियन की मांगों को कबूल कर जल्द लागू करने का आश्वासन दिया था, परंतु एक वर्ष बीत जाने के बावजूद मांगों को लागू नहीं किया जा रहा है। अब सरकार की ओर से बनाई गई कमेटी की ओर से सिफारिशों को मानने से इंकार कर दिया गया है, जिस कारण पंजाब भर में यूनियन सदस्यों में रोष पाया जा रहा है।

यूनियन प्रतिनिधि ने मांग उठाई कि डीसी दफ्तरों में सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-1 के दो तिहाई से भी अधिक खाली पड़े पदों को पदोन्नत किया जाए। सीनियर सहायक से नायब तहसीलदार पदोन्नति का कोटा सीधी भर्ती के कोटे से लेकर 25 प्रतिशत किया जाए। सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 और निजी सहायक की पदोन्नति के अधिकार मंडल दफ्तरों से लेकर डीसी को देने पर भी सहमति की गई थी। गैर वित्तीय मांगों को कमेटी बनाकर उसकी सिफारिशों को लागू करने का भरोसा दिया गया था।

लोगों में गुस्सा उनका क्या कसूर, संघर्ष का दूसरा विकल्प निकालें कर्मचारी

संगरूर में कर्मचारियों की हड़ताल के कारण परेशान लोग।

अर्थी फूंक प्रदर्शन आज

यूनियन की ओर से वीरवार को जिला स्तर पर अर्थी फूंक प्रदर्शन किए जाएंगे। शुक्रवार को कर्मचारियों की ओर से जिला स्तर पर मोटरसाइकिल मार्च कर सरकार के विरुद्ध रोष प्रदर्शन किया जाएगा। ऐसे में तय माना जा रहा है कि लोगों के काम सोमवार तक अटक गए हैं।

हड़ताल का असर

लगातार दो दिन तक विभिन्न विभागों में कामकाज ठप पड़ा होने के कारण पब्लिक डीलिंग के काम ठप पड़े हैं। सबसे अधिक असर रजिस्ट्री, अदालती केसों, असला लाइसेंस, शादी, जाति, रेजिडेंस व आय के सर्टिफिकेट, निशानदेही, इंतकाल व कैदियों की छुट्टियों संबंधी फाइलों पर पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त तहसील में रजिस्ट्री का काम ठप होने के कारण सरकारी खजाने में रोजाना 55 लाख से अधिक की राशि जमा नहीं हो पा रही है। दो दिनों में रजिस्ट्री का काम ठप पड़ा होने के कारण खजाने में 1 करोड़ 10 लाख रुपए तक की राशि जमा नहीं हो पाई है।

हड़ताल के दौरान पब्लिक डीलिंग के काम ठप पड़ने के कारण लोगों को दफ्तरों से बैरंग लौटना पड़ रहा है, जिस कारण लोगों में गुस्सा भी बढ़ने लगा है। वीरवार को डीसी दफ्तर पहुंचे गांव बालियां के कर्मजीत सिंह, हरजीत सिंह ने कहा है कि दो दिन से डीसी दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के कारण काम ठप पड़े हैं। कर्मचारियों की मांगों को सरकार नहीं मान रही है, लेकिन इसमें जनता को क्यों परेशान किया जा रहा है। कर्मचारियों को अपने संघर्ष के लिए दूसरा रास्ता अपनाना चाहिए ताकि लोगों को परेशान न होना पड़े। इसमें लोगों का कोई कसूर नहीं है।

कर्मचारी बोले- सरकार ने हमारे साथ धोखा किया

भास्कर न्यूज| बरनाला

मंगलवार के बाद लगातार दूसरे दिन डीसी दफ्तर के कर्मचारियों की कलम छोड़ हड़ताल जारी रही। शनिवार व रविवार की छुट्टी थी, सोमवार को सरकारी छुट्टी थी। इसके बाद मंगलवार को सरकारी दफ्तर खुले थे, लेकिन मंगलवार को कलम छोड़ हड़ताल शुरू हुई, जो बुधवार को जारी रही। इसके चलते कोई काम नहीं हो सका तथा लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले के 120 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। साथ ही उन्होंने ऐलान किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक वह हड़ताल जारी रखेंगे।

डीसी दफ्तर के कर्मचारी नरिंदरदीप ने कहा कि डीसी दफ्तर के सभी विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिला बरनाला के डीसी दफ्तर, एडीसी दफ्तर, जीए दफ्तर, एसडीएम दफ्तर, बरनाला तहसील दफ्तर, धनौला सब तहसील, तपा तहसील व महलकलां सब तहसील में हड़ताल रही, जिसके कारण कई सेवाएं ठप रहीं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री करवाने, डीसी व एसडीएम कोर्ट का काम, डीसी दफ्तर में आने वाली सभी फाइलों का काम पूरी तरह से प्रभावित रहा। कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से उनकी मांगों पर लंबे समय से ध्यान नहीं दिया जा रहा। लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें आचार संहिता खत्म होने के बाद वादा पूरा करने का भरोसा दिया गया था। उनकी मांगों में डीए की किश्त जारी करना, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करना, कर्मचारियों की भर्ती करना आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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Sangrur News – 110 karad could not come in the official treasury if there were no registries thousands of people were also upset

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