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उम्र के नाजुक पड़ावों में संभालें हड्डियों की ताकत

उम्र के नाजुक पड़ावों में संभालें हड्डियों की ताकत

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विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में करीब 30 करोड़ लोग ऑस्टियोपोरोसिस से पीडि़त हैं। यानी हर चार में से एक भारतीय को ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी किसी न किसी रूप में है। यदि ऐसी ही स्थितियां रहीं तो मात्र एक दशक में ऑस्टियोपोरोसिस भारत की लगभग आधी जनसंख्या को अपना शिकार बना लेगा। आइए जानते हैं इससे बचने के उपायों के बारे में। ह मारे देश में हर एक सेकंड में किसी न किसी को ऑस्टियोपोरोसिस यानी हड्डियों के भुरभुरेपन के कारण फ्रैक्चर होता है। हड्डियों की सेहत और उम्र के पड़ाव के संबंध पर एक नजर। बचपन से जवानी ० से २० वर्ष सबसे बड़ा खतरा विटामिन डी और कैल्शियम की कमी से बच्चों की हड्डियां नरम या कमजोर हो जाती हैं। जिससे उन्हें सूखा रोग या रिकेट्स हो जाता है। लक्षण और खतरे गड़बड़ी: पैरों और मेरुदंड का असामान्य टेढ़ा होना, छाती की हड्डियों का बाहर आना। दांतों की समस्या: दांतों में कैविटी या उनका द
आवाजें सुनकर बेचैन हो जाते हैं?

आवाजें सुनकर बेचैन हो जाते हैं?

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कुछ लोगों को किसी भी तरह के शोर से अक्सर चिढ़ होती है। शोर हुआ नहीं कि उन्हें गुस्सा आने लगता है। अपना आपा खोकर वे कई बार आसपास के किसी व्यक्तिया लोगों के साथ मारपीट भी कर बैठते हैं। दरअसल यह एक प्रकार की मानसिक बीमारी है, जिसे मीजोफोनिया कहते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में। यह है मीजोफोनिया यह एक साउंड डिसऑर्डर है। जिसमें मरीज किसी भी प्रकार की आवाज से बेचैन हो उठता है। जरूरी नहीं कि तेज आवाज से ही ऐसा होता हो। इस परेशानी में रोगी को खाना खाते समय आने वाली ‘चप-चप’ या पानी पीने की ‘गट-गट’ की आवाज से भी चिढ़ होती है। बर्तन गिरने, बढ़ई या मिस्त्री की ठक-ठक, जमीन पर कुछ रगडऩे और ट्रैफिक की आवाज भी परेशान करती है। ऐसे होती है बेचैनी ट्रिगर अर्थात् जिस आवाज से समस्या होती है, उसे सुनते ही व्यक्ति काफी अलग तरह का व्यवहार करता है। उसकी सांसें तेज हो जाती हैं, चेहरा गुस्स
धीमा जहर तो नहीं प्लास्टिक के बर्तन

धीमा जहर तो नहीं प्लास्टिक के बर्तन

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एक नए शोध के अनुसार खाना बनाने वाले प्लास्टिक के बर्तनों के इस्तेमाल से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। इन बर्तनों में खाना बनाने से गर्भवती महिलाओं और उनके भू्रण पर असर पड़ता है। बच्चे के थायरॉयड हॉर्मोन का स्तर गिरता है और उसके दिमाग का विकास भी रुक सकता है। इसी तरह एल्युमीनियम फॉइल भी हमारे स्वास्थ्य को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। महिलाओं के लिए नुकसानदायी खाने-पीने के सामान के डिब्बों, कंटेनर्स, सीडी, डीवीडी और बोतलों आदि के निर्माण के लिए पॉलीकार्बोनिक प्लास्टिक का प्रयोग किया जाता है। इसमें बाइफेनोल-ए (बीपीए) कैमिकल होता है जो महिलाओं में बांझपन का एक प्रमुख कारण है। शिकागो की बायोसाइंटिस्ट डॉ. जॉडी फ्लॉज ने जब बीपीए के महिलाओं पर पडऩे वाले प्रभाव को लेकर अध्ययन शुरू किया तो पता चला कि इससे उनके अंडाशय पर बुरा प्रभाव पड़ता है।   इस बात को प्रमाणित करने के लिए डॉ. फ्लॉज ने चुहिया
डॉक्टरों ने मरीज के पेट से टेनिस बॉल से बड़ी रसौली निकाली, चलने में होती थी दिक्कत

डॉक्टरों ने मरीज के पेट से टेनिस बॉल से बड़ी रसौली निकाली, चलने में होती थी दिक्कत

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दिल्ली के एक अस्पताल में डॉक्टरों ने एक 28 वर्षीय व्यक्ति के पेट से टेनिस बॉल से करीब डेढ़ गुना बड़े आकार की रसौली को बाहर निकाल दिया है। डॉक्टरों ने उसके पैर को बचाने के लिए ऐसा किया।शालीमार बाग... Live Hindustan Rss feed
तांबे के बर्तन से पिएंगे पानी तो इन 10 बीमारियों से रहेंगे दूर

तांबे के बर्तन से पिएंगे पानी तो इन 10 बीमारियों से रहेंगे दूर

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आपने कई लोगों से सुना होगा कि तांबे का पानी पीने से स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसके पीछे की सच्चाई यह है कि तांबे के बर्तन में पानी रखने को लेकर साइंटिफ रीजन भी है। तांबे के... Live Hindustan Rss feed
आज की कॉफी कई साल बाद उड़ा सकती है आपकी नींद

आज की कॉफी कई साल बाद उड़ा सकती है आपकी नींद

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यह खबर कॉफी के शौकीन लोगों के लिए निराशा वाली हो सकती है। एक अध्ययन में कहा गया है कि जो लोग रोजाना दो कप कॉफी पीते हैं, उनको कई साल बाद नींद के लिए जूझना पड़ता है। इसमें कहा गया है कि ज्यादा कॉफी... Live Hindustan Rss feed
पिता का धूम्रपान बच्चों में कैंसर की वजह, शोध में हुआ खुलासा

पिता का धूम्रपान बच्चों में कैंसर की वजह, शोध में हुआ खुलासा

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धूम्रपान करने से न सिर्फ उस व्यक्ति को कैंसर का खतरा होता है बल्कि उसके होने वाले बच्चे में भी यह कैंसर की वजह बन सकता है। यह जानकारी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स के एनोटॉमी विभाग की... Live Hindustan Rss feed
बीमारियों के ‘कान खींचना’

बीमारियों के ‘कान खींचना’

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कान खींचने का मतलब सजा देने से ही नहीं होता बल्कि यह विभिन्न बीमारियों के उपचार की पद्धति भी मानी जाती है। ‘ईयर रिफ्लेक्सो लॉजी’ या ‘ऑरिकुलोथे रैपी’ एक्यूप्रे शर से उपचार की एक ऐसी तकनीक है जिसमें अंगुलियों और अंगूठे की सहायता से कान के सैकड़ों बिंदुओं पर दबाव डाल कर सेहत में सुधार लाया जा सकता है । 30 सेकंड में इलाज ईयर रिफ्लेक्सो लॉजी विशे षज्ञ चीनी मूल के डॉ. ली चुन हुआंग कहते हैं कि इंसान के कान गर्भ में पल रहे एक शिशु की स्थिति जैसे होते हैं । कान की संर चना ऐसी है जैसे एक गर्भस्थ शिशु का सिर नीचे की ओर, मध्य भाग मुड़ी स्थिति में और पैर ऊप र की ओर होते हैं । ऐसे में कान में मौ जूद रिफ्ले क्स बिंदु शरीर के विभिन्न अंगों के प्रति निधि माने जाते हैं जिन पर 30 सेकंड से लेकर कई मिनटों तक दबाव दिया जाता है । दबाव उंगली, अंगूठे, किसी धातु या लकड़ी के उप करण, एक छोटे स
बोरियत दूर करने के 10 अनूठे उपाय

बोरियत दूर करने के 10 अनूठे उपाय

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हैल्थ एक्सपर्ट ट्विंकल हारिया कहती हैं कि हम बोरियत में बिना भूख के कुछ भी उल्टा-सीधा खाते हैं। जिससे हमें एनर्जी कम मिलती है और चर्बी ज्यादा बढ़ती है। इसलिए बोरियत के समय बेवजह खाने से अच्छा है कि ये कुछ अनूठे उपाय अपनाएं जिससे कई काम भी पूरे हो सकेंगे। कुछ दूर ऐसे ही घूम आएं खाली समय में 10 से 15 मिनट यूं ही घूम लेने से मन हल्का हो जाता है। पुराना एलबम देखें बोरियत दूर करने के लिए कोई पुराना एलबम या फोटो देखना बढिय़ा विकल्प है, इससे पुरानी यादें भी ताजा होती हैं। संभव हो तो ऐसे समय में प्रिंटेड एलबम ही देखें, डिजीटल नहीं। पानी या ग्रीन टी पी लें गुनगुना पानी या बिना चीनी वाली ग्रीन टी पीने से तनाव दूर होता है। मनपसंद किताब या जोक्स पढें अपनी पसंद की किताबें या जोक्स पढऩे से भी आपकी बोरियत कम होगी क्योंकि किताब के शब्द आपके दिमाग में होंगे तो खाने की तरफ भी ध्यान नहीं जाएगा। बिखरी चीजें कर
सिर ठंडा, पेट नरम और पैर गरम

सिर ठंडा, पेट नरम और पैर गरम

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सिर ठंडा, पेट नरम और पैर गर्म के सिद्धांत को आयुर्वेद में स्वस्थ शरीर का परिचायक माना गया है। लेकिन अगर इनमें से कोई भी अंग गड़बड़ाता है तो शरीर धीरे रोगों से पीडि़त होने लगता है। इसलिए जरूरी है कि शरीर के ये अंग अपने सही तापमान पर रहें जिससे बीमारियां न सताएं। सिर ठंडा नहीं तो यह होगा यह जरूरी नहीं कि जब बुखार हो तभी सिर गर्म हो। गुस्सा आने, तनाव या चिड़चिड़ापन होने पर भी सिर गर्म हो सकता है। लगातार यदि सिर गर्म रहे तो सिरदर्द, तनाव, आंखों की बीमारियां, कान की दिक्कत, नींद कम आना, घबराहट और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या हो सकती हैं। ये करें: उस समय सिर पर गीला कपड़ा रखें। शीतली व शीतकारी प्राणायाम और चंद्र अनुलोम-विलोम करें। नियमित व्यायाम करें क्योंकि शरीर में रक्त का संचार सामान्य रहने से दिमाग को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है और सिर ठंडा रहता है। रोगों से बचाव तो नरम पेट प्राकृतिक