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इस वजह से महीनों तक छुपाया गया था जीका वायरस से जुड़ा यह राज

इस वजह से महीनों तक छुपाया गया था जीका वायरस से जुड़ा यह राज

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इस समय भारत में फैल रहे जीका वायरस संक्रमण के मरीज सबसे पहले गुजरात में मिले थे। हाल ही वहां जीका वायरस से संक्रमित तीन व्यक्तियों की पहचान की गई। लेकिन सरकारी स्तर पर पहले मरीज की बात लोगों से छुपाकर रखी क्योंकि स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी नहीं चाहते थे कि लोगों में किसी प्रकार की घबराहट फैले। जीका वायरस के संक्रमण से घबराने की जरूरत नहीं। समय पर लक्षणों की पहचान व समुचित उपचार से पूर्ण इलाज संभव है। लेकिन जब बीमारी के मरीज ज्यादा आते हैं तो जनता में घबराहट फैल जाती है। जीका वायरस के मामले में इसी बात को समझते हुए गुजरात के स्वास्थ्य विभाग ने जीका वायरस का पहला मरीज मिलने के बावजूद इसका सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया था। दरअसल यह बात पिछले नवंबर की है। वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार वर्ष 2017 में अहमदाबाद की इस महिला मरीज की ब्लड जांच में जीका वायरस की पुष्टि हुई थी। महिला गर्भवती थी और उसने
व्रत के साथ पाएं सेहत का फल

व्रत के साथ पाएं सेहत का फल

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व्रत के दौरान लोग संतुलित खानपान पर ध्यान नहीं देते हैं। इससे शरीर में अग्नि मंद हो जाती है। व्रत का उद्देश्य पित्त कम कर हल्का व सुपाच्य खाकर सेहतमंद रहना है। व्रत में उचित खानपान से सेहत को मजबूत कर सकते हैं। तला-भुना, तेज मसालेदार लेने से शरीर में पित्त की वृद्धि हो सकती है। बुखार व अन्य समस्याएं हो सकती हैं,जरूरी है कि संतुलित आहार लें। भोजन में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करें जिनमें फाइबर अधिक और वसा की मात्रा कम हो। भोजन हल्का व सुपाच्य हो। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए एनर्जी युक्त तरल पदार्थ लेने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। खानपान का ध्यान न रखने से व्रत के बाद डिहाइड्रेशन, बदहजमी, सिरदर्द व चक्कर आने जैसी दिक्कत हो सकती है। व्रत से पूर्व हल्का खाना व्रत से एक दिन पहले हल्की डाइट लें। रात को खाने में फल, खिचड़ी, दलिया ले सकते हैं। बीमार हैं तो व्रत से पहले डॉक्टरी परामर्श ले सकते हैं।
इस शहर में ढाई हजार लोगों को लग चुका है जीका का टीका

इस शहर में ढाई हजार लोगों को लग चुका है जीका का टीका

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जीका वैक्सीन बनाने की फुल प्रूफ तैयारी जीका से बचाव के लिए टीका बनाने में लगे वैज्ञानिकों ने हॉस्टयून के तीन अस्पतालों का चुनाव किया। इसमें 90 पुरुषों को शामिल किया गया जिसमें कुछ महिलाएं थी जो गर्भवती नहीं थीं। बेयलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन में पहला परीक्षण किया गया जिसमें लोगों को परीक्षण के लिए तैयार वैक्सीन की अलग-अलग डोज दी गई। अब इन लोगों की लंबे समय तक निगरानी चल रही है। 2400 लोगों पर परीक्षण की है तैयारी वैज्ञानिकों की टीम ने 15 से 35 वर्ष की उम्र के 2400 लोगों पर वैक्सीन का परीक्षण किया है जो अमरीका के अलग-अलग शहरों के रहने वाले हैं। अमरीका के बाद वैज्ञानिकों की टीम ब्राजील के कोस्टा रिका, मेक्सिकों, पनामा, पेरू के रहने वाले लोगों पर शोध की तैयारी कर रही है। परीक्षण में शामिल लोगों की अगले दो साल तक निगरानी होगी जिससे पता चल सके कि उनके भीतर जीका वायरस का इंफेक्शन तो नहीं बढ़ रहा है। वैस
चमगादड़ है जीका वायरस का जानी दुश्मन, एक घंटे में खा सकता है हजार मच्छर

चमगादड़ है जीका वायरस का जानी दुश्मन, एक घंटे में खा सकता है हजार मच्छर

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अमरीका के मियामी में स्थानीय प्रशासन के अधिकारी ने दिया चमगादड़ पालने का सुझाव, न्यूयॉर्क के एक इलाके में चमगादड़ों के बैट हाउस बनाने की अनुमति भी दी जा चुकी है । अध्ययनों में कहा गया है कि चमगादड़ एक मिनट में दस मच्छरों को शिकार बना लेते हैं। महिलाओं को अधिक एहतियात बरतने की जरूरत भारत समेत दुनिया के अस्सी से ज्यादा देशों में इस समय जीका वायरस का संक्रमण हो रहा है और बड़ी संख्या में इसके मरीज देखने में आ रहे हैं। लेकिन जीका वायरस से ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर इसके लक्षणों की पहचान हो जाए तो किसी भी आम वायरल बीमारी की तरह इसका भी पूर्ण इलाज संभव है। सिर्फ गर्भवती महिलाओं को अधिक एहतियात बरतने की जरूरत रहती है क्योंकि इसके संक्रमण से उनके गर्भ में पल रहे शिशु को मस्तिष्त संबंधी विकार की आशंका रहती है। अभी तक जीका वायरस से बचाव का टीका नहीं बना है लेकिन अमरीका में इसके परीक्षण ज
नींद नहीं पूरी होने पर स्लीप एप्निया और एनरियसिस का खतरा, ऐसे रखें अपने सेहत का ख्याल

नींद नहीं पूरी होने पर स्लीप एप्निया और एनरियसिस का खतरा, ऐसे रखें अपने सेहत का ख्याल

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...जैसे हम अपने मोबाइल को चार्जर के जरिये रीचार्ज करते हैं। वैसे ही शरीर को रीचार्ज करने के लिए हमें आठ घंटे की नींद लेना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर जैसे रीचार्ज नहीं होने पर मोबाइल नहीं चल पायेगा... Live Hindustan Rss feed
आर्थराइटिस की रोकथाम के लिए चलना-फिरना जरूरी

आर्थराइटिस की रोकथाम के लिए चलना-फिरना जरूरी

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ऑर्थराइटिस में जोड़ों में सूजन आ जाती है, जिसके कारण मरीज को चलने-फिरने में परेशानी होने लगती है। आज की लाइफस्टाइल में लोग बिल्कुल गतिहीन हो गए हैं, जिसका बुरा असर उनके शरीर और हड्डियों पर पड़ता है।... Live Hindustan Rss feed
जीका, डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया में कौनसा बुखार है ज्यादा खतरनाक ?

जीका, डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया में कौनसा बुखार है ज्यादा खतरनाक ?

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किसी भी बीमारी के सही इलाज के लिए उसकी पहचान व कारणों को जानना जरूरी होता है। वैसे तो जीका वायरस, डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया मच्छरों से होने वाले रोग हैं लेकिन इनकी पहचान आवश्यक है। डेंगू: यह एडीज मच्छर के काटने से होता है। लेकिन इसके मरीज में कॉम्पलीकेशन रेट ज्यादा होती है। यह दो प्रकार का होता है - एक डेंगू फीवर और दूसरा डेंगू शॉक सिंड्रोम। डेंगू शॉक सिंड्रोम में ब्लड प्रेशर व प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं जिससे हेमरेजिक फीवर हो जाता है। इससे शरीर में इंटरनल ब्लीडिंग होने लगती है जिससे मरीज की जान तक जा सकती है। इसके मुख्य लक्षणों में तेज बुखार रहना, ललाट पर और आंखों के पीछे दर्द रहता है, ब्रेक बोन फीवर रहता है जिसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहा जाता है। कमर दर्द भी काफी रहता है। इसके इलाज में देरी या मरीज लापरवाही बरतता है तो स्थिति बिगड़ जाती है। अपनी मर्जी से बिना डॉक्टर को दिखाए दवाएं खाना
वजन घटाना है तो डाइट में इन पांच प्रोटीन से भरपूर फलों को शामिल करें

वजन घटाना है तो डाइट में इन पांच प्रोटीन से भरपूर फलों को शामिल करें

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प्रोटीन को मानवीय शरीर के लिए बहुत ही जरूरी माना जाता है। प्रोटीन का सेवन करने पर हमारा शरीर इसे छोटे टुकड़ों में तोड़ लेता है, जिसे हम अमीनो एसिड के रूप में जानते हैं। जिसके बाद शरीर... Live Hindustan Rss feed
जीका वायरस में मरीज के हाथ-पैरों में रहता है दर्द, हाे सकता है लकवा भी

जीका वायरस में मरीज के हाथ-पैरों में रहता है दर्द, हाे सकता है लकवा भी

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अफ्रीका एवं दक्षिण एशिया के कुछ देशों में शुरू हुआ जीका वायरस अब दुनिया के लगभग 86 देशों में फैल चुका है। भारत में इसका पहला मरीज अहमदाबाद में मिला था।जयपुर में पिछले दिनों एक बुजुर्ग महिला में जीका वायरस की पुष्टि हुई थी। यह महिला हाथ-पैरों में दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल में भर्ती हुई थी। इस महिला की डेंगू, स्वाइन फ्लू व चिकनगुनिया की जांच रिपोर्ट सामान्य थी लेकिन पुणे की लैब में भेजे गए सैम्पल की जांच में जीका वायरस की पुष्टि हुई थी। अस्पताल में इलाज के बाद अब महिला की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। इसमें जीका वायरस संबंधी लक्षण नहीं दिख रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जीका वायरस से प्रभावित मरीज के जोड़ों में भी दर्द हो सकता है। हालांकि अधिकतर मरीज में धीरे-धीरे ये लक्षण ठीक हो जाते हैं लेकिन कुछेक में थोड़ी समस्या रह सकता है। हाथ-पैरों में दर्द रह सकता है। जीका वायरस से मरीज को हा
गर्भवती को जीका वायरस है तो बच्चे को हो सकती है इस अंग की बीमारी

गर्भवती को जीका वायरस है तो बच्चे को हो सकती है इस अंग की बीमारी

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राजस्थान की राजधानी जयपुर में जीका वायरस के फैलने के बाद पूरे देश में दहशत का माहौल है। अमरीका के सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के रिसचर्स के अनुसार जीका वायरस का असर उन बच्चों पर तब दिखता है जब उनका जन्म हो जाता है। शोध के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान जीका वायरस से संक्रमित महिला जब बच्चे को जन्म देती है तो सात में से एक बच्चे को ही स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है। अमरीकी शोध संस्था सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के कंजेनाइटल एंड डेवलपमेंट डिसऑर्डर विभाग की निदेशक पेगी होनेन का कहना है कि शोध में उन बच्चों को शामिल किया गया था जो जन्म लेने के बाद इस वायरस की चपेट में आए। जब रिसचर्स ने वायरस पर दिया ध्यान 2016 की सर्दियों में जिका वायरस जब ब्राजील में फैला तो पूरी दुनिया की नींद टूटी। इसके बाद लोग मच्छर जनित इस बीमारी से बचाव में लग गए पर समय के साथ इसका फैलाव बढ़ता