News That Matters

Health

एक ही टीके से मिट जाएगा हर तरह के फ्लू का डर

एक ही टीके से मिट जाएगा हर तरह के फ्लू का डर

Health
फ्लू चाहे कैसा भी हो, उससे निपटने के लिए भविष्य में एक ही टीका काफी होगा। वैज्ञानिकों ने इंफ्लूएंजा के ऐसे टीके की पहचान की है, जो लगभग हर प्रकार के फ्लू वायरस से रक्षा करने में सक्षम हो सकता... Live Hindustan Rss feed
लार नली में भी बन सकती है पथरी

लार नली में भी बन सकती है पथरी

Health
शरीर में किडनी व गॉलब्लेडर में पथरी बनने के बारे में तो सभी जानते हैं लेकिन लार गं्रथियों की नलियां जो मुंह में जाकर खुलती हैं उनमें भी पथरी हो सकती है । जानते हैं इसके बारे में । प्रभाव : कान के नीचे चेहरे पर पेरो टिड ग्रंथि व निचले जबड़े के नीचे दोनों तरफ सब मेंडी बुलर लार ग्रंथियां होती हैं । कई बार लार व इस के स्राव पर कैल्शि यम फॉस्फे ट व अन्य पदार्थ जमा हो जाते हैं जिससे स्टोन की रचना होने लग ती है और लार के प्रवाह में रुका वट आती है । लक्षण : पथरी बनने पर लार ग्रंथि में रुका वट से सूज न आ जाती है जो जबड़े या कान के नीचे देखी जा सकती है । भोज न करने के दौरा न यह बढ़ जाती है व दर्द होता है । इसमें संक्रम ण की आ शंका भी रहती है । कारण : ज्यादा तर माम लों में कोई स्पष्ट कारण नहीं होता । हालांकि शरीर में पानी की कमी एक वजह हो सकती है। पर्याप्त खाना नहीं खाने व भोज न को ठीक से न चबा ने से
कुछ आदतें बदलोगे तो किडनी मुस्कुराएंगी

कुछ आदतें बदलोगे तो किडनी मुस्कुराएंगी

Health
खून का शुद्धिकरण, पानी, भोजन एवं क्षार का संतुलन, रक्तचाप, रक्त कोशिकाओं और खनिजों पर नियंत्रण करने वाली किडनी के प्रति हमारा रवैया लापरवाही वाला होता है। पेशाब की इच्छा होने पर टॉयलेट न जाना, पर्याप्त पानी न पीना, ज्यादा नमक और शराब का अधिक सेवन हमारी दोनों किडनियों को बीमार बना सकता है। ब्लैडर को भरे रखना कई लोग मूत्र त्याग की इच्छा होने पर उसे रोक लेते हैं। मूत्राशय में 300-400 मिलिलीटर पेशाब जमा होने पर व्यक्ति को पेशाब करने की इच्छा होती है। आलस, लापरवाही या काम का दबाव जैसी परिस्थितियों में यदि आप अपने मूत्राशय को खाली नहीं करते हैं तो किडनी पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। रात में यदि पेशाब करने की इच्छा है तो उसे दबाने की कोशिश न करें। पर्याप्त पानी न पीना किडनी संबंधित कई समस्याएं पर्याप्त और साफ पानी न पीने की वजह से बढ़ती हैं। सांस लेने, पसीने के जरिए, पेशाब और पेट की क्रियाओं के दौरान
अधिक मोटापे से भी होती है किडनी संबंधी समस्या

अधिक मोटापे से भी होती है किडनी संबंधी समस्या

Health
मोटापा केवल डायबिटीज और हाइपर टेंशन का कारण ही नहीं बनता बल्कि किडनी को भी नुकसान पहुंचाता है। इससे किडनी में फोकल सेगमेंटल ग्लोमेरूलोस्क्लेरोसिस (एफएसजीएस) बढ़ जाता है जिससे नेफ्रोटिक सिंड्रोम रोग होता है। डायबिटीज और ब्लड प्रेशर होने की स्थिति में क्रॉॅनिक किडनी डिजीज की आशंका रहती है जिसमें किडनी फेल हो सकती है। जब बढ़ता है खतराकिडनी में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं जो फिल्टर का काम करते हैं। एफएसजीएस बढऩे से इन छिद्रों का आकार बढ़ जाता है। ऐसे में फिल्टर का काम ठीक से नहीं होता और शरीर के अन्य हिस्सों में जाने वाला प्रोटीन यूरिन से बाहर निकल जाता है। लक्षणशरीर में सूजन, भूख न लगना, यूरिन कम या न कर पाना आदि। इन्हें है अधिक खतराअधिक वजन वाले लोग, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीज, मेडिकल हिस्ट्री व धूम्रपान करने वाले लोगों को इसका खतरा अधिक रहता है। जरूरी जांचेंसबसे पहले विशेषज्ञ यूरिन की रुट
डायरिया में लापरवाही बरतना किडनी के लिए खतरा

डायरिया में लापरवाही बरतना किडनी के लिए खतरा

Health
गर्मी शुरू होते ही बच्चों (02 से 11 साल) में डायरिया की समस्या आम हो जाती है। इसके पीछे की वजह दूषित खानपान के कारण फूड पॉइजनिंग है। अक्सर लोग डायरिया को हल्के में लेते हैं। उन्हें नहीं पता कि डायरिया के चलते शरीर के कई महत्त्वपूर्ण अंग प्रभावित होते हैं। किडनी इनमें से एक है। गंभीर डायरिया में एक्यूट रिनल फेल्योर हो जाता है। किडनी पर असर कैसे किडनी का काम खून बनाने के साथ शरीर में मौजूद हानिकारक तत्त्वों को यूरिन के रास्ते बाहर निकालना भी है। डायरिया में बच्चे को बार-बार दस्त होते हैं जिससे शरीर से २४ घंटे में ही करीब पांच से दस लीटर पानी और आवश्यक लवण निकल जाते हैं। यूरिन बनना बंद हो जाता है। यूरिया व क्रिएटनिन का स्तर बढ़ जाता है। शरीर में मौजूद हानिकारक तत्त्व बाहर नहीं निकल पाते हैं। यह स्थिति किडनी के फेल होने पर बनती है। दूषित खानपान है कारण डायरिया दूषित व बासी खानपान से होता है। द
Kidney Awareness Week- 2018 : जानिए किडनी से जुड़े सवालों के बारे में

Kidney Awareness Week- 2018 : जानिए किडनी से जुड़े सवालों के बारे में

Health
किडनी से जुड़े कई सवाल लोगों के मन में उठते हैं। जैसे किडनी के कार्य, किडनी में स्टोन, किडनी फेल, ट्रांसप्लांटेशन आदि। जानिए इन सवालों के जवाब- उम्र संग बदलता किडनी का आकारकिडनी का काम शरीर में मौजूद विषैले तत्त्वों को यूरिन के रास्ते बाहर निकालना, हार्मोन बनाना आदि हैं। एक व्यस्क व्यक्ति की एक किडनी का आकार 9-11 सेमी. होता है। उम्र के साथ इसका आकार बढ़ता है लेकिन 50 वर्ष के बाद ये सिकुडऩे लगती है। इन्हें स्वस्थ रखने के लिए नमक कम लें, रोजाना 6-7 गिलास साफ पानी पीएं व हाइजीनिक फूड खाएं। डॉक्टरी सलाह से ही पेनकिलर लें। जंकफूड खाने से बचें। नींद से किडनी का अप्रत्यक्ष जुड़ाव है। पर्याप्त नींद से डायबिटीज व बीपी रहने से ये भी स्वस्थ रहती हैं। पथरी की स्थितिजेनेटिक, दवाओं के दुष्प्रभाव, बार-बार यूरिन में इंफेक्शन, खनिज तत्त्वों की अधिकता आदि से स्टोन बनते हैं। मेटाबॉलिक एनालिसिस टैस्ट से वजह प
शरीर के विषैले तत्त्व बाहर निकालती किडनी, जानें ये खास बातें

शरीर के विषैले तत्त्व बाहर निकालती किडनी, जानें ये खास बातें

Health
किडनी और हार्ट शरीर के महत्त्वपूर्ण अंग हैं। हार्ट रक्त को पंप कर शरीर को ऑक्सीजन उपलब्ध कराता है। किडनी रक्त को शुद्ध करने के साथ विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकालती है। यह पसली के ढांचे के नीचे रीढ़ की हड्डी के दोनों तरफ स्थित सेम (बीन) के आकार की होती है। एक किडनी का वजन लगभग 150 ग्राम होता है। ब्लड व बॉडी फ्लूइड्स को करती नियंत्रितकिडनी की कामकाजी इकाई को चिकित्सा विज्ञान में नेफ्रॉन कहते हैं। प्रत्येक किडनी में असंख्य नेफ्रॉन होते हंै। किडनी का प्रमुख काम है शरीर में ब्लड व बॉडी फ्लूइड्स का स्तर नियंत्रित करना। यह रक्त साफ करने के साथ उसमें रसायन का स्तर संतुलित रखती है। स्वस्थ किडनी से हर एक घंटे में 12 बार शुद्ध रक्त शरीर को मिलता है। एक दिन में किडनी 1 से 2 लीटर अपशिष्ट पदार्थ पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। स्वस्थ किडनी शरीर में पानी की मात्रा भी नियंत्रित करती है। किडनी का एक
ध्यान रखेंगे तो स्वस्थ रहेगी किडनी

ध्यान रखेंगे तो स्वस्थ रहेगी किडनी

Health
हमारी दोनों किडनियां एक मिनट में 125 मिलिलीटर रक्त का शोधन करती हैं। ये शरीर से दूषित पदार्थों को भी बाहर निकालती हैं। इस अंग की क्रिया बाधित होने पर विषैले पदार्थ बाहर नहीं आ पाते और स्थिति जानलेवा होने लगती है जिसे गुर्दों का फेल होना (किडनी फेल्योर) कहते हैं। इस समस्या के दो कारण हैं, एक्यूट किडनी फेल्योर व क्रॉनिक किडनी फेल्योर। क्रॉनिक किडनी फेल्योर शुरुआत में इस रोग के लक्षण स्पष्ट नहीं होते लेकिन धीरे-धीरे थकान, सुस्ती व सिरदर्द आदि होने लगते हैं। कई मरीजों में पैर व मांसपेशियों में खिंचाव, हाथ-पैरों में सुन्नता और दर्द होता है। उल्टी, जी-मिचलाना व मुंह का स्वाद खराब होना इसके प्रमुख लक्षण हैं। कारण : ग्लोमेरुनेफ्रायटिस, इस रोग में किडनी की छनन-यूनिट (नेफ्रॉन्स) में सूजन आ जाती है और ये नष्ट हो जाती है। डायबिटीज व उच्च रक्तचाप से भी किडनी प्रभावित होती है। पॉलीसिस्टिक किडनी यानी गां
अनियमित दिल की धड़कन को पहचानेगा यह स्मार्टफोन एप, बच सकेगी जान

अनियमित दिल की धड़कन को पहचानेगा यह स्मार्टफोन एप, बच सकेगी जान

Health
लंदन के वैज्ञानिकों ने एक खास स्मार्टफोन एप्लीकेशन विकसित किया है जो अनियमित दिल की धड़कन को पहचान सकेगा। ये ऐप एट्रियल फाइब्रिलेशन की जांच में मदद कर सकता है। एट्रियल फाइब्रिलेशन दिल की धड़कन का... Live Hindustan Rss feed
हेल्थः खर्राटे से हैं परेशान तो अपनाएं ये टिप्स

हेल्थः खर्राटे से हैं परेशान तो अपनाएं ये टिप्स

Health
कई लोगों को सोते समय खर्राटे लेने की आदत होती है, जो कि एक आदत से ज्यादा एक तरह की समस्या है। यह समस्या कई बार आपकी जीवनशैली में बदलाव की वजह से आती है तो कभी-कभी इसका कारण शारीरिक समस्या भी होती है।... Live Hindustan Rss feed