News That Matters

Tag: आसन

वजन कम कर सेहतमंद रहने के लिए करें ये आसान आसन

वजन कम कर सेहतमंद रहने के लिए करें ये आसान आसन

Health
सिर से लेकर पैर तक की मांसपेशियों की मजबूती और खासकर दिल को सेहतमंद बनाए रखने के लिए ज्यादातर फिटनेस एक्सपर्ट्स कार्डियो एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं। कुछ आसन ऐसे हैं जिन्हें कार्डियो एक्सरसाइज के रूप में कर सकते हैं। इन्हें सुबह व शाम किसी भी समय कर सकते हैं। चतुरंग दंडासनएब्स बनाने के शौकीन व्यक्ति आसानी से घर पर भी इसका अभ्यास कर सकते हैं। असामान्य दिल की धड़कनों की परेशानी होने पर यह आसन अच्छा है। ऐसे करें: पेट के बल जमीन पर लेट जाएं। अब हथेलियों को सीने के पास लाकर जमीन पर टिकाएं। हाथों पर वजन डालते हुए शरीर को ऊपर उठाएं और पैरों की अंगुलियों के बल टिक जाएं। कलाई और कंधे के बीच जब तक 10 डिग्री का कोण नहीं बन पाता तब तक ऊपर उठें। पीठ सीधी रखें। सिर शरीर की सिधाई में होना चाहिए। ध्यान रखें: हाथ-पैर से जुड़ी कोई दिक्कत या हाल में कोई सर्जरी हुई हो तो न करें। उर्ध्व हस्तासनयह आसन शरीर
Health Tips: दिल को दुरुस्त रखते हैं ये आसन, रक्त प्रवाह सुचारु रखने में करते हैं मदद

Health Tips: दिल को दुरुस्त रखते हैं ये आसन, रक्त प्रवाह सुचारु रखने में करते हैं मदद

Health
हृदय संबंधी ज्यादातर बीमारियां रक्त प्रवाह के सुचारु न होने या अधिक वजन  के कारण होती हैं। ऐसे में कुछ योगासन हैं जो शरीर में रक्त प्रवाह को सुचारु रखने में मदद करते हैं, जिससे दिल बीमारियों से... Live Hindustan Rss feed
आसन कलां की बेटी निर्मल तंवर का वॉलीबाल की राष्ट्रीय टीम में हुअा चयन

आसन कलां की बेटी निर्मल तंवर का वॉलीबाल की राष्ट्रीय टीम में हुअा चयन

Haryana
आसन कलां की बेटी 23 वर्षीय निर्मल तंवर का फिर से वॉलीबाल की राष्ट्रीय टीम में चयन हुअा है। उनकी टीम कोरिया के सिओल शहर में 17 से 25 अगस्त तक हाेने वाली सीनियर एशियन चैंपियनशिप में खेलेगी। निर्मल इस समय रेलवे मंडल में टीटीई भी है। इससे पहले भी निर्मल कई बार अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपना शानदार प्रदर्शन करके अपने गांव प्रदेश का नाम राेशन कर चुकी है। इन दिनाें में निर्मल पूना में ट्रेनिंग कैंप में ट्रेनिंग ले रही है। जैसे ही उनका चयन राष्ट्रीय टीम में हुअा ताे उसके परिसर में खुशी की लहर दाैड़ गई। निर्मल के पिता मदन लाल तंवर व भाई अंकित तंवर ने बताया कि इससे पहले भी निर्मल अंतरराष्ट्रीय टीम में खेल चुकी है। पिता ने दावा किया कि उन्हें इस बार भी विश्वास है कि बेटी निर्मल खेलाें में शानदार प्रदर्शन करके अपने गांव, प्रदेश व देश का नाम राेशन करेगी। सरपंच कृष्ण लाल अनेजा ने कहा
नॉर्मल डिलीवरी के लिए महिलाएं करें ये आसन

नॉर्मल डिलीवरी के लिए महिलाएं करें ये आसन

Health
गर्भावस्था के दौरान डिलीवरी नॉर्मल होगी या सीजेरियन, इस सोच से भी तनाव होता है। प्रेग्नेंसी के चार माह बाद से यदि कुछ योगासनों को दिनचर्या में शामिल करें तो मांसपेशियां लचीली होंगी व पेट के निचले हिस्से का दर्द कम होगा। जानें ऐसे आसन जो नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ाते हैं। यस्तिकासन : इसे स्टिक पोज भी कहते हैं। इस आसन से शरीर में लचीलापन आता है। इससे पेट के निचले हिस्से व कूल्हे की मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं।ऐसे करें: जमीन पर दरी बिछाकर सीधे लेट जाएं। हाथों को सिर के ऊपरी तरफ लाएं और पैरों को नीचे की ओर स्ट्रेच करें। हाथों और पैरों के बीच ज्यादा गैप नहीं होना चाहिए। सांस अंदर लेते हुए पैरों के पंजों को धीरे-धीरे स्ट्रेच करें। क्षमतानुसार स्थिति में रुककर प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं। ऐसा 3-4 बार दोहराएं।ध्यान रखें: कमर में तेज दर्द हो या रीढ़ से जुड़ी हाल ही कोई सर्जरी हुई हो तो न करें।
टाइगर ब्रीदिंग और स्नेकपोज आसन बढ़ाते बच्चों की एकाग्रता

टाइगर ब्रीदिंग और स्नेकपोज आसन बढ़ाते बच्चों की एकाग्रता

Health
बच्चों में शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाने व रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाए रखने में कुछ योगासन काफी मददगार हैं। जैसे मार्जरी आसन, ताड़ासन और सर्पासन (स्नेक पोज) आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ रक्तसंचार व एकाग्रता सही रखकर तनाव दूर करते हैं। इन आसनों को करने के दौरान ध्यान रखें कि बच्चा किसी योग एक्सपर्ट के निर्देशानुसार ही इन्हें करे। जानते हैं इन आसानों को करने का तरीका- मार्जरी आसन (टाइगर ब्रीदिंग)इससे कंधों पर दबाव पडऩे से बैकबोन पर असर होता है। ऐसे करें: घुटनों के बल खड़े हो जाएं। घुटनों के बीच अंतर रखें। थोड़ा आगे झुककर हथेलियों को ठीक कंधों के नीचे जमीन पर रखें। हाथों के बीच समान दूरी रखें। कमर ऊपर उठाते हुए सांस तब तक अंदर खींचे जब तक हवा से पेट भर न जाए। कंधों को ऊंचा न उठाएं। पीठ को बीच से ऊपर उठाएं व सिर नीचे झुकाएं। सांस बाहर छोड़ें। कमर सीधी करें। ये न करें: कमरदर्द या घुटनों से जुड़ी
टखनों में होने वाले दर्द को दूर करते हैं ये आसन

टखनों में होने वाले दर्द को दूर करते हैं ये आसन

Health
पैरों के टखनों में दर्द होना अब हर उम्र में आम है। मांसपेशियों में अकड़न या खिंचाव, शरीर का बैलेंस बिगड़ने या किसी प्रकार की अंदरुनी चोट के कारण ऐसा होता है। इससे व्यक्ति को दर्द के कारण चलने-बैठने-उठने में काफी परेशानी होती है। इसके लिए तेल की मसाज या ऑइंटमेंट लगाने के अलावा कुछ योगासनों व व्यायाम की मदद से इस दर्द में राहत पाई जा सकती है। ऊष्ट्रासन -ऐसे करें : जमीन पर दरी बिछाकर वज्रासन में बैठकर घुटनों के बल खड़े हो जाएं। दोनों हाथों को पैरों के तलवों पर रखने का प्रयास करें। इस दौरान पेट आगे व गर्दन पीछे की ओर मुड़ेगी। क्षमतानुसार ही मुड़ें, कमर पर दबाव न दें। इसे करते समय धीरे-धीरे सांस लेते रहें। कुछ देर इस अवस्था में रुककर सीधे हो जाएं। पंजों का व्यायाम-ऐसे करें: दंडासन की मुद्रा में बैठकर दोनों पैर सामने की ओर फैलाएं। पैरों के बीच 9 इंच का गैप रखें। दोनों पंजों को ऊपर यानी अपनी ओर 5
ऑफिस में लंबे समय तक बैठने से हुई हाथ-गर्दन की अकड़न दूर करेंगे ये आसन

ऑफिस में लंबे समय तक बैठने से हुई हाथ-गर्दन की अकड़न दूर करेंगे ये आसन

Health
ऑफिस में लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करने से केवल पीठ पर ही दबाव नहीं पड़ता। इससे गर्दन के साथ हाथ-पैरों में अकड़न, तनाव, आलस और बेचैनी की दिक्कत बढ़ जाती है। ऐसे में जरूरी है कि काम करने के दौरान ऐसे चेयर पोज योगासनों को चुनें जिन्हें बैठे-बैठे आसानी से किया जा सके। इनसे काम का तनाव कम होने के साथ ही जोड़-मांसपेशियों की अकड़न में राहत मिलेगी। चेयर काऊ स्ट्रेच योग पोज -ऐसे करें : कुर्सी पर बैठे हुए पैरों के पंजों को जमीन पर टिकाएं। कमर सीधी रखें। दोनों हाथों की हथेलियों को घुटनों पर रखें। सांस अंदर लेते समय कमर को पीछे की ओर खींचने का प्रयास करें और आसमान की ओर देखें। सांस छोड़ते समय कमर को कंधों से खींचते हुए आगे की ओर लें। गर्दन आगे की ओर झुकाते हुए घुटनों को देखें। सांस लेने व छोड़ने की प्रक्रिया 3-5 बार दोहराएं।ध्यान रखें: इसे करने के दौरान सांस सामान्य गति से लें। पश्चिमोत्तानासन
थिराना से आसन खुर्द तक रोड का निर्माण शुरू

थिराना से आसन खुर्द तक रोड का निर्माण शुरू

Haryana
थर्मल। थिराना गांव से लेकर आसन खुर्द तक करीब दो किलोमीटर लम्बी सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह सड़क मार्केटिंग बाेर्ड की तरफ से बनवाई जा रही है। इस सड़क के निर्माण से थिराना के पास लगी फैक्टरियों के अलावा थिराना से खुखराना, थर्मल प्लांट, सुताना आदि गांवों जाने वाले लोगों को करीब 6 किलोमीटर लम्बा चक्कर नहीं काटना होगा। सड़क का निर्माण कार्य जल्द ही पूरा हो जाएगा। विभाग के जूनियर इंजीनियर मुकेश कुमार ने बताया कि सड़क का निर्माण शुरू हो गया है। अब जल्द ही तारकोल बजरी डालने का काम बाकी रह गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dainik Bhaskar
योग विशेष—2 : युवा करें ये आसन, तनाव घटेगा और मांसपेशियां मजबूत होंगी

योग विशेष—2 : युवा करें ये आसन, तनाव घटेगा और मांसपेशियां मजबूत होंगी

Health
युवाओं की खराब सेहत के पीछे बिगड़ती जीवनशैली व गलत खानपान प्रमुख वजह है। तनाव, अवसाद से युवा ग्रसित हो रहे हैं। 1. पश्चिमोत्तासन से शरीर का लचीलापन बढ़तापैरों को सीधा कर सामने जमीन पर फैलाएं। स्वांस लेते हुए दोनों हाथों को आगे की ओर झुकते हुए दोनों हाथों से अंगूठे पकड़ें और सिर को घुटनों से लगाएं। इससे एसिडिटी, दर्द, मरोड़ अपच की समस्या दूर होती है। जिनका शरीर लचीला न हो वे तेजी में इसे न करें। 2. अर्ध मत्सेन्द्रासन किडनी के लिए फायदेमंद दाएं पैर के पंजे को कूल्हे के पास लाकर बाएं पैर के पंजे को दाएं घुटने के पीछे रखें। गर्दन को बाएं पैर की तरह क्षमतानुसार पीछे की ओर ले जाएं। फिर दाएं हाथ से बाएं पैर के पंजे को पकड़ लें। फेफड़े, किडनी व पाचन के लिए फायदेमंद है। गर्दन और कमर दर्द में यह आसन न करें। 3. हलासन से भूख बढ़ती, मांसपेशियां मजबूत शरीर की स्थिति हल की तरह बनने के कारण इसे हलासन कहते
International Yoga Day 2019 – जानें तीन आसन जो पेट की चर्बी घटाकर कम करते हैं तोंद

International Yoga Day 2019 – जानें तीन आसन जो पेट की चर्बी घटाकर कम करते हैं तोंद

Health
International Yoga Day , Yoga Day आजकल ज्यादातर लोग बाहर निकली तोंद से परेशान रहते हैं जिसके लिए कुछ पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसन मददगार हो सकते हैं। इनमें धनुरासन, मकरासन और शलभासन अहम हैं। ये पेट की चर्बी कम करने के साथ-साथ पीठ की मांसपेशियों को भी लचीला बनाते हैं। धनुरासन -यह हठ योग का मूल आसन है। इसमें शारीरिक मुद्रा धनुष के आकार जैसी बनती है।विधि: पेट के बल लेटकर शरीर को ढीला छोड़ें। दोनों पैरों के बीच डेढ़ फीट की दूरी रखें। हथेलियों से पैरों की एड़ियां पकड़कर पैरों को घुटने से पीछे की तरफ मोड़ते हुए कूल्हों तक ले आएं। हाथों को सीधा रख पैरों को पीछे की ओर खींचें और कूल्हों, सिर-कंधों को ऊपर उठाएं। सांस लेने-छोड़ने की क्रिया जारी रखें। इस अवस्था में 20 सेकंड रुकें। धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं।न करें : हर्निया, पेट में अल्सर, उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्त