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सबसे ज्यादा खतरनाक है इस तरह का हेपेटाइटिस,जानें इसके बारे में

सबसे ज्यादा खतरनाक है इस तरह का हेपेटाइटिस,जानें इसके बारे में

Health
हेपेटाइटिस-सी से पीड़ित मरीजों का समय पर इलाज कर उनकी जान बचाई जा सकती है। भारत में इस रोग की जटिलता व बचाव के तरीके से अनजान लोगों में रोग की सही जानकारी न होने से ये गंभीर रूप ले लेती है। आइये जानते हैं हेपेटाइटिस के बारे में। लिवर में फैलता संक्रमण -हेपेटाइटिस लिवर में होने वाला संक्रमण है। इसका पता शुरुआती अवस्था में नहीं लगता। लेकिन आगे चलकर यह लिवर सिरोसिस व लिवर फेल्योर तक का रूप ले लेता है। भूख न लगना, त्वचा व आंखों में पीलापन, पेटदर्द, हल्का बुखार मुख्य लक्षण हैं। रोग के 5 प्रकार - हेपेटाइटिस के प्रमुख पांच प्रकार हैं- ए,बी,सी, डी व ई। हेपेटाइटिस-ए एक्यूट और बी, सी व डी क्रॉनिक स्थिति होती है। वहीं हेपेटाइटिस-ई भी एक्यूट अवस्था है जो गर्भवती महिला को ज्यादा प्रभावित करती है। रोग से बचाव के लिए उम्र के विभिन्न पड़ाव पर हेपेटाइटिस-ए, बी का टीका प्रमुख रूप से लगवाएं। इन्हें है खतरा-स
वजन कम करने में मददगार है ऑलिव ऑयल, जानें इसके और भी फायदे

वजन कम करने में मददगार है ऑलिव ऑयल, जानें इसके और भी फायदे

Health
ऑलिव ऑयल तासीर में ठंडा और कई औषधीय गुणों से परिपूर्ण होता है। ऑलिव ऑयल में तीनों तरह के फैटी एसिड हैं- 11 प्रतिशत सैचुरेटिड फैटी एसिड, 73 प्रतिशत मोनो सैचुरेटिड फैटी एसिड यानी म्यूफा ऑलिक एसिड और 14... Live Hindustan Rss feed
पुदीने का सेवन दिलाये कई रोगों से मुक्ति, जानें इसके फायदे

पुदीने का सेवन दिलाये कई रोगों से मुक्ति, जानें इसके फायदे

Health
पुदीना एक ऐसा पौधा है, जिसका उपयोग भारतीय रसोईघरों में मुख्य रूप से चटनी के रूप में किया जाता है। इसकी अनेक खूबियां हैं। यह भोजन को पचाने में तो कारगर है ही, पेट में होने वाले काफी रोगों के उपचार में... Live Hindustan Rss feed
Hepatitis: जानिए हेपेटाइटिस क्यों होता है इसके लक्षण क्या हैं

Hepatitis: जानिए हेपेटाइटिस क्यों होता है इसके लक्षण क्या हैं

Health
Hepatitis: हेपेटाइटिस वायरल इंफेक्शन है। यह बीमारी लिवर को प्रभावित करती है। लिवर का काम शरीर के सभी अंगों को पोषक तत्त्व पहुंचाना होता है। हेपेटाइटिस के संक्रमण से लिवर में सूजन आ जाती है। इससे व्यक्ति को पीलिया हो जाता है। यह संक्रामक बीमारी है जो लापरवाही करने पर एक से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकती है। जानलेवा भी हो सकती है। डॉ क्टर्स की मानें तो हेपेटाइटिस बी व सी सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं। इसके मरीजों को लिवर सिरोसिस होने की आशंका रहती है। इसमें मरीजों का लिवर सिकुड़कर काम करना बंद कर देता है। कई बार लिवर में पानी भर जाता है। खून की उल्टियां होने लगती हैं और शरीर पर सूजन आ जाती है। मरीज को लिवर कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में इस बीमारी से बचाव ही सबसे कारगर उपाय है। इसके लिए धारदार चीज जैसे इंजेक्शन, रेजर्स या टूथब्रश दूसरे से साझा न करें। असुरक्षित यौनसंबंध न बनाएं और दूषि
दांतों में हो ये समस्या तो लें एेसी डाइट, जानें इसके बारे में

दांतों में हो ये समस्या तो लें एेसी डाइट, जानें इसके बारे में

Health
टेढ़े-मेढ़े दांतों को सही आकार देने व अच्छी मुस्कान के लिए लोग बे्रसेज लगवाते हैं। इन्हें लगवाने के बाद लोगों को खाने में थोड़ी दिक्कत होती है। शुरुआती दौर में उन्हें लिक्विड डाइट पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि डाइट कैसी होनी चाहिए ताकि ब्रेसेज अपना काम कर सकें और व्यक्ति को चीजें चबाने में दिक्कत न हो। फल-सब्जियां : अमरूद, गाजर, पिज्जा, टोस्ट, पॉपकॉर्न, ड्रॉयफू्रट्स जैसी सख्त चीजें खाने से परहेज करें। इन्हें खाने पर ब्रेसेज के तार टूट सकते हैं। सख्त चीजों की बजाय जूस व सूप लें सकते हैं। ये ध्यान रखें : शुरुआती अवस्था में कई बार चावल जैसी चीजें चबाने में दिक्कत होती है। ऐसे में दूध, लस्सी, मिल्क शेक, सूप, दलिया जैसे लिक्विड और सेमी लिक्विड चीजें ली जा सकती हैं। ये आसानी से पचती हैं। बे्रसेज लगने के कुछ समय बाद दाल या सब्जी के साथ चावल, सॉफ्ट ब्रेड के साथ बटर व जैम स्
प्रधानमंत्री ने भाषण में ‘वन नेशन, वन मोबिलिटी कार्ड’ का किया जिक्र, जानें इसके बारे में

प्रधानमंत्री ने भाषण में ‘वन नेशन, वन मोबिलिटी कार्ड’ का किया जिक्र, जानें इसके बारे में

India
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को लालकिले की प्राचीर से अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में 'नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड' (एनसीएमसी) का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने देश में एक सहज यात्रा... Live Hindustan Rss feed

Independence day 2019: रेल इंजन पर क्यों बना होता है तिरंगा, इसके पीछे की ये है कहानी

Indian Education
भारत के हर रेल इंजन पर एक तिरंगा बना होता है। इन्हें बनाने में भी उन्हीं नियमों का पालन होता है, जिनका उपयोग राष्ट्रीय स्तर पर तिरंगे को बनाने में किया जाता है। Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala
केवल दाल नहीं, सेहत का खजाना है मूंग, जानिए इसके जबरदस्त फायदे

केवल दाल नहीं, सेहत का खजाना है मूंग, जानिए इसके जबरदस्त फायदे

Health
प्रोटीन की पूर्ति के लिए दालें खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन जब बात प्रोटीन व विटामिंस दोनों की हो तो मूंग की दाल बेहतर विकल्प है।इसमें ए, बी, सी, ई, पोटेशियम, आयरन, कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इससे तैयार स्प्राउट (अंकुरित) खाने से मैग्नीशियम, विटामिन-सी, फाइबर समेत विटामिन बी-6 और प्रोटीन मिलता है। फायदे ( mung beans benefits )बढ़ती इम्युनिटी ( Boost Immunity ) : हरी मूंग की दाल के स्प्राउट ( moong sprouts ) में खास तत्त्व पाए जाते हैं जो गंभीर रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं। कैंसर रोगी को इसे डाइट में शामिल करना चाहिए। इसमें मौजूद एंटीमाइक्रोबियल और एंटीइंफ्लेमेट्री तत्त्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। मेटाबॉलिज्म ( metabolism ): में गड़बड़ी के कारण लोग अपचन और अम्लता से ग्रस्त हो जाते हैं। मूंग दाल का सेवन मेटाबॉलिज्म में सुधार लाता है। मूंग में मौजूद
जम्मू-कश्मीर बोल रहा हूं तो इसमें पीओके भी शामिल, इसके लिए तो जान दे देंगे: अमित शाह

जम्मू-कश्मीर बोल रहा हूं तो इसमें पीओके भी शामिल, इसके लिए तो जान दे देंगे: अमित शाह

India
नई दिल्ली. गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का प्रस्ताव पेश किया। इस पर विपक्ष ने हंगामा किया। कांग्रेस नेता अधीररंजन चौधरी ने कहा कि कश्मीर मामला संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में लंबित है, इसलिए यह अंदरूनी मसला कैसे हो सकता है। इस पर शाह ने चुनौती दी कि अगर सरकार ने कोई नियम तोड़ा हो तो बताएं। हम पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को भी अपना मानते हैं। इसके लिए जान दे देंगे। शाह ने सोमवार को राज्यसभा में अनुच्छेद 370 हटाने का प्रस्ताव पेश किया था। इसके बाद राष्ट्रपति ने अनुच्छेद हटाने की अधिसूचना जारी कर दी।शाह ने राज्यसभा में कहा था कि जम्मू-कश्मीर दिल्ली और पुड्डुचेरी की तरह केंद्र शासित प्रदेश रहेगा यानी यहां विधानसभा रहेगी। वहीं लद्दाख की स्थिति चंडीगढ़ की तरह होगी, जहां विधानसभा नहीं होगी।अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी कियाइससे पहले केंद्र
सीलियक रोग में नहीं पचता ग्लूटेन, जानें इसके लक्षण और इलाज

सीलियक रोग में नहीं पचता ग्लूटेन, जानें इसके लक्षण और इलाज

Health
सीलियक रोग को ग्लूटेन संवेदी आंत रोग भी कहते हैं। यह एक पाचन व स्वप्रतिरक्षी रोग है, जोकि आनुवांशिक रूप से संवेदनशील व्यक्ति में ग्लूटेनयुक्त भोजन खाने से छोटी आंत की परतों की क्षति के रूप में दिखाई देता है। ग्लूटेन एक प्रकार की प्रोटीन है जो अनाजों जैसे गेहूं, जौ, राई व ओट्स में होती है। छोटी आंत ग्लूटेन को तोड़ नहीं पाती और बिना पचा ग्लूटेन आंत की परतों को क्षतिग्रस्त करता है जिससे पोषकतत्त्व अवशोषित नहीं हो पाते। लक्षण-दस्त होना, दस्त में तेल आना, पेटदर्द, बच्चों में विकासमंदता, मुंह में छाले होना, एनीमिया यानी खून की कमी होना, बौनापन, मासिक चक्र में गड़बड़ी, बांझपन, हड्डियों और मांसपेशियों की कमजोरी, भूख न लगना, वजन में गिरावट, विटामिन और अन्य पोषक तत्त्वों की कमी से होने वाले लक्षण दिखाई देते हैं। जटिलताएं-इसके लक्षण लंबे समय तक नजरअंदाज करने पर कई दिक्कत हो सकती हैं जैसे विभिन्न पोषक