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हमले में 80 किलो हाई ग्रेड आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ; 7 हिरासत में

हमले में 80 किलो हाई ग्रेड आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ; 7 हिरासत में

India
श्रीनगर. पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए फिदायीन हमले जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ने 80 किलो हाई-ग्रेड आरडीएक्स का इस्तेमाल किया था। आतंकी ने विस्फोटक से भरी गाड़ी को सीआरपीएफ काफिले की एक बस से टकरा दिया। कश्मीर घाटी में सुरक्षाबलों पर पिछले तीन दशकों में यह सबसे बड़ा हमला है। इसमें 40 जवान शहीद हुए हैं। उधर पुलवामा में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 7 संदिग्धों को हिरासत में लिया है।अफसरों के मुताबिक, "सुरक्षा एजेंसियों को पता चला है कि काफिले पर हमले में लगभग 80 किलो हाई-ग्रेड आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ था। बस के बचे हुए हिस्सों को देखकर पता चलता है कि इस हमले में आईईडी का इस्तेमाल नहीं हुआ।'' शुरुआती जानकारी में माना जा रहा था कि आईईडी से इस हमले को अंजाम दिया गया। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सुरक्षाबलों के काफिले गुजरने के दौरान आम नागरिकों के लिए ट्रैफिक को प्रतिबंधि
इंसानी शरीर के लिए वरदान बन रहा ‘प्लास्टिक’, इन चीजों में हो रहा इस्तेमाल

इंसानी शरीर के लिए वरदान बन रहा ‘प्लास्टिक’, इन चीजों में हो रहा इस्तेमाल

Health
कहते हैं प्लास्टिक इस धरती को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है। लेकिन इस तस्वीर का एक पहलू यह भी है कि प्लास्टिक मानव शरीर के लिए वरदान भी बनता जा रहा है। दुनिया के कई देशों में 'अल्ट्रा हाई मोलिक्यूलर वेट पॉलिथिलिन' प्लास्टिक की मदद से ऑर्गन्स बन रहे हैं जो इंसान को नई जिदंगी दे रहे हैं। प्लास्टिक कॉस्ट -हीट से मोल्ड किया जाने वाला प्लास्टिक, हाथों की हड्डियों के आसपास रिवेट्स या कीलों के रूप में प्रयोग होता है। थ्री-डी बॉडी पार्ट प्रिंटिंग - ऐसे थ्री-डी बॉडी पार्ट जीवित कोशिकाओं और पॉलिस्टर प्लास्टिक की मदद से बनाए जाते हैं। उदाहरण के लिए प्लास्टिक से बना हुआ नकली कान। प्लास्टिक फोम - ट्रॉमा से गुजर रहे मरीजों को शांत करने के लिए पॉलीयूरेथेन फोम का प्रयोग किया जाता है। ऐसा प्लास्टिक फोम शरीर के अंदर रक्तस्राव को रोकने और क्षतिग्रस्त टिश्यूज को ठीक करने के काम आता है। आर्टिफिशियल कॉर्निया
पति से कपड़े उधार लेती हैं दीपिका, तो पत्नी की ये चीज इस्तेमाल करते हैं रणवीर!

पति से कपड़े उधार लेती हैं दीपिका, तो पत्नी की ये चीज इस्तेमाल करते हैं रणवीर!

Entertainment
रणवीर सिंह (Ranveer Singh) अपने डिफरेंट फैशन सेंस की वजह से काफी सुर्खियों में रहते हैं। रणवीर की तरह दीपिका भी कई बार डिफरेंट लुक में नजर आ चुकी हैं। शादी के बाद तो इस जोड़े को कई मौकों पर एक... Live Hindustan Rss feed
टेक्नोलॉजी गैजेट्स के ज्यादा इस्तेमाल से हो सकती है इनफर्टिलिटी की समस्या

टेक्नोलॉजी गैजेट्स के ज्यादा इस्तेमाल से हो सकती है इनफर्टिलिटी की समस्या

Health
अध्ययन बताते हैं कि मोबाइल फोन एवं उनके टावरों से उत्सर्जित इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विकिरण के असर से डीएनए क्षतिग्रस्त होता है और वह स्वयं अपनी मरम्मत नहीं कर पाता। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर गिर जाता है और कोशिकाओं को नुकसान होने के साथ ही कई दुष्प्रभाव होते हैं। लेकिन इनमें सबसे ज्यादा गंभीर जोखिम है इनफर्टिलिटी। लगभग 15 प्रतिशत भारतीय दंपति किसी न किसी किस्म की इनफर्टिलिटी से जूझते हैं। अध्ययन बताते हैं कि मोबाइल फोन इस्तेमाल का संबंध पुरुषों में शुक्राणुओं के कम उत्पादन व उनकी निम्र गुणवत्ता से है जबकि गर्भस्थ महिलाओं व उनके अजन्मे शिशु के लिए सेल्युलर रेडिएशन का संपर्क खतरनाक होता है। इससे गर्भस्थ शिशु की रीढ़ पर बुरा असर पड़ता है। रेडिएशन से डीएनए के गुणसूत्र क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और जीन्स की गतिविधि में बदलाव आ जाता है। आज के दौर में मोबाइल फोन व

Mi A1 समेत ये स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं तो सावधान, हो सकती है यौन बीमारी

Indian Technology
Xiaomi MI A1 most radiation: statista ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें सबसे अधिक रेडिशन वाले स्मार्टफोन के नाम हैं। इस लिस्ट में शाओमी का भारत में काफी लोकप्रिय स्मार्टफोन एमआई ए1 पहले पायदान पर है, वहीं वनप्लस दूसरे नंबर पर है।  Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala

आपकी निजी जानकारी चोरी करने के लिए हैकर्स कर रहे गूगल का इस्तेमाल

Indian Technology
Hackers Are Using Google Translate : अब एक नया मामला सामने आया है कि गूगल अनुवाद (ट्रांसलेट) की के जरिए आपकी निजी जानकारी चोरी की जा सकती है। आइए जानते हैं कैसे। Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala
बोसोन व्हाइट वाटर; ऐसा स्टार्टअप जो सीवेज प्लांट के पानी को दोबारा इस्तेमाल लायक बना कर सालाना 3.6 करोड़ लीटर पानी बचाता है

बोसोन व्हाइट वाटर; ऐसा स्टार्टअप जो सीवेज प्लांट के पानी को दोबारा इस्तेमाल लायक बना कर सालाना 3.6 करोड़ लीटर पानी बचाता है

Delhi
भारत में जल संकट तेजी से बड़ी समस्या का रूप लेता जा रहा है। नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2020 तक देश के 21 बड़े शहरों में ग्राउंड वाटर लगभग समाप्त हो जाएगा। अगले कुछ दशकों में स्थिति और विकराल हो सकती है, क्योंकि 2050 तक देश की आबादी 160 करोड़ तक पहुंच जाएगी। पानी की समस्या दूर करने में अपना योगदान देने के इरादे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर विकास ब्रह्मावर ने 2008 में यूके में नौकरी छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया। वहां वह टाइलर कैपिटल नामक कंपनी में काम करते थे। शुरुआत में उन्होंने ऐसे प्रोडक्ट बनाए जो शहरों और ग्रामीण क्षेत्र दोनों में पानी की क्वालिटी को बेहतर बनाने के काम में आते थे। जल्द ही उन्हें अहसास हुआ कि पानी की क्वालिटी की तुलना में इसकी कमी भारत की सबसे बड़ी समस्या है। फिर उन्होंने ऐसा सिस्टम तैयार किया जो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के रिसाइकिल्ड पानी को फिर से इस्त
पान के पत्तों का सर्दी-जुकाम के इलाज में एेसे करें इस्तेमाल

पान के पत्तों का सर्दी-जुकाम के इलाज में एेसे करें इस्तेमाल

Health
पान के पत्ते प्रोटीन, कार्बाेहाइड्रेट, टैनिन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयोडीन और पोटेशियम जैसे मिनरल्स से भरपूर होते हैं। आइए जानते हैं इनके फायदों के बारें में। हल्दी के टुकड़े को सेंककर पान के पत्ते में डालकर खाने से जुकाम और खांसी में आराम मिलता है।रात में तेज खांसी हो तो पान के पत्ते में अजवाइन व मुलैठी का टुकड़ा डालकर प्रयोग कर सकते हैं।बच्चे को सर्दी-जुकाम होने पर एक पत्ते पर हल्का गर्म सरसों का तेल लगाकर उसके सीने पर रख दें, आराम मिलेगा। वयस्क 2-3 पत्तों के रस में शहद मिलाकर दिन में दो बार लें। लेकिन बच्चों को इसका आधा चम्मच रस ही दें, लाभ होगा। सावधानी बरतें - चरक संहिता में मुखशुद्धि के लिए इलायची, लौंग व जावित्री को पान के पत्ते में डालकर खाने के लिए बताया गया है। लेकिन टीबी, पित्त संबंधी रोग, नकसीर, त्वचा व आंखों से जुड़ी समस्या या बेहोशी होने पर पान के पत्तों का उपयोग न करें। Patri
स्वाइन फ्लू के लिए उपयोगी है नीम, एेसे करें इस्तेमाल

स्वाइन फ्लू के लिए उपयोगी है नीम, एेसे करें इस्तेमाल

Health
यूनानी चिकित्सा पद्धति में स्वाइन फ्लू को 'हुम्मा ए बवाईया' कहते हैं। यह एक बलगमी बुखार है जो संक्रमण के जरिए फैलता है। इस रोग का उपचार यूनानी पद्धति में दो तरीकों से किया जाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर और दूषित पदार्थों को शरीर से दूर करके। इस रोग में डॉक्टर मरीज को नीम के 3-5 पत्ते चबाने के लिए कहते हैं क्योंकि ये ब्लड को प्यूरीफाई करते हैं। खांसी, सिर व गले में दर्द के लिए कालीमिर्च, पीपली और सौंठ को बराबर मात्रा में मिलाकर इस चूर्ण की 1-2 ग्राम मात्रा शहद के साथ दिन में दो बार दी जाती है। दवा-उल-मिस्क इम्युनिटी बढ़ाने के लिए चटनी के रूप में खाली पेट 7 ग्राम की मात्रा में मरीज को देते हैं। अर्क-अजीब की दो से तीन बूंदें पानी में मिलाकर दिन में 3 बार प्रयोग की जाती हैं। जोशांदा दिन में तीन बार देते हैं।अर्क-ए-गाओजाबा की 20 मिलिलीटर मात्रा सुबह और शाम को नजला, जुकाम व खांसी दूर करने

आप भी करते हैं मल्टीपल टीवी कनेक्शन्स इस्तेमाल, TRAI ने स्पेशल पैक जारी करने का दिया ऑर्डर

Indian Technology
TRAI के नए आदेश के मुताबिक, जल्द ही एक घर के मल्टीपल कनेक्शन के लिए कम्बाइन्ड पैकेज उपलब्ध कराया जा सकता है Jagran Hindi News - technology:tech-news