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Tag: उपचार

डेंगू से घबराए नहीं, ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं ये टेस्ट और उपचार

डेंगू से घबराए नहीं, ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं ये टेस्ट और उपचार

Health
भारत के कई प्रदेशों में डेंगू ( dengue Fever ) की दहशत हमेशा ही बनी रहती है। कभी-कभार मादा एनाफ्लिज मच्छरों की संख्या बढ़ने और उनके द्वारा काटे जाने पर डेंगू वायरल के तौर पर फैलता है जिसको रोक पाना मुश्किल हो जाता है। लेकिन समय रहते डेंगू के कारण, उसकी पहचान और उचित उपचार करके इस खरतनाक बीमारी से निजात पा सकते हैं जो इस प्रकार है— डेंगू को ऐसे पहचानें ( dengue fever Symptoms ) -मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, सिर दर्द व बुखार, कमजोरी, स्किन में रेशे का आना तथा उल्टी होना डेंगू के लक्षण हैं। डेंगू होने के कारण ( dengue fever causes ) -डेंगू एक तरह का बुखार है जो मच्छर के काटने से ही होता है। डेंगू सामान्य मच्छरों के नहीं बल्कि मादा एनाफ्लिज मच्छर के काटने से ही होता है। यह मच्छर अक्सर दिन के समय ही काटता है जिसके बाद बुखार आता है। डेंगू से बचने के लिए करें ये उपाय ( dengue fev
क्या है स्पाइनल स्ट्रोक, कब होता है, कैसे पहचानें इसके लक्षण, उपचार क्या है? यहां जानें

क्या है स्पाइनल स्ट्रोक, कब होता है, कैसे पहचानें इसके लक्षण, उपचार क्या है? यहां जानें

Health
हाई ब्लड प्रेशर, अधिक कोलेस्ट्रॉल लेवल, हृदय रोगों और डायबिटीज के मरीजों को इसकी ज्यादा दिक्कत होती है। जो लोग धूम्रपान, अल्कोहल या अन्य नशा करते हैं और नियमित व्यायाम नहीं कर पाते हैं उनमें भी खतरा अधिक होता है। स्पाइनल कॉर्ड की ओर ब्लड सर्कुलेशन बाधित होता है, तो उसे स्पाइनल स्ट्रोक कहते हैं। इसके ठीक प्रकार से काम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में ब्लड की आपूर्ति जरूरी है। जब ब्लड सर्कुलेशन बाधित होता है तो स्पाइनल कॉर्ड को ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। इस कारण ऊतकों को नुकसान होता है। ऐसे में वे क्षतिग्रस्त भी हो सकते हैं। स्पाइनल कॉर्ड से गुजरने वाले संदेश (नर्व इम्पल्स) ब्लॉक हो सकते हैं। What are the symptoms of a spinal stroke? शरीर की गतिविधियां होती हैं प्रभावितस्पाइनल स्ट्रोक कुल स्ट्रोक्स में से सिर्फ दो प्रतिशत होते हैं। इस स्ट्रोक के होने पर नर्व इम्पल्स (संदेश)
लिवर सिरोसिस: कैंसर से भी ज्यादा घातक है ये बीमारी, जानें इसके लक्षण व उपचार

लिवर सिरोसिस: कैंसर से भी ज्यादा घातक है ये बीमारी, जानें इसके लक्षण व उपचार

Health
शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि एवं महत्वपूर्ण अंगों में से एक यकृत में होने वाली सिरोसिस की बीमारी कैंसर के बाद सबसे भंयकर है, जिसका अंतिम इलाज 'लिवर प्रत्यारोपण' है। भारत और पाकिस्तान समेत विकासशील देशों में करीब एक करोड़ लोग इस बीमारी की गिरफ्त में हैं। इस अंग का महत्व चिकित्सकों और वैज्ञानिकों साथ-साथ आम लोगों को भी खूब मालूम है ,तभी तो भावुक क्षणों में लोग अपने प्रियजनों को कभी 'जिगर' तो कभी 'कलेजे' का टुकड़ा तक कह डालते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू एच ओ) की रिपोर्ट के अनुसार, लिवर सिरोसिस के 20 से 50 प्रतिशत मामले शराब के अधिक सेवन से देखने को मिले हैं। समय रहते इलाज नहीं होने पर लिवर काम करना बंद कर देता है और यह स्थिति जानलेवा होती है। What Is Cirrhosis of the Liver पाकिस्तान के लाहौर स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेंस(यूएचएस) के कुलपति प्रोफेसर डॉ. जावेद अकरम ने 'यूनीवार्ता' को
हेपेटाइटिस बी का कोई निश्चित उपचार नहीं है पर रोकथाम की जा सकती

हेपेटाइटिस बी का कोई निश्चित उपचार नहीं है पर रोकथाम की जा सकती

Health
जयपुर। हेपेटाइटिस का इलाज इस पर निर्भर करता है कि संक्रमण कितना पुराना और फैलाव कितना है। इसे एक्यूट और क्रोनिक हेपेटाइटिस कहते हैं। हेपेटाइटिस ए- में इलाज नहीं होता है। ज्यादा दिक्कत होने पर बेड रेस्ट और उल्टी या दस्त की शिकायत पर विशेष डाइट लेना जरूरी होता है। टीकाकरण से भी हेपेटाइटिस -ए के संक्रमण को रोक सकते हैं। बड़ों के लिए भी टीकाकरण की सुविधा अस्पतालों में उपलब्ध है। हेपेटाइटिस बी का कोई निश्चित उपचार नहीं है, पर रोकथाम की जा सकती है। इससे लडऩे का हथियार सिर्फ टीका है। टीकाकरण से बचा जा सकता है। ये एड्स से भी ज्यादा खतरनाक है। लोगों में भ्रांतियां हंै कि ये एड्स की भांति लाइलाज बीमारी है जबकि ये सही नहीं है। क्रोनिक हेपेटाइटिस सी के रोगी का इलाज एंटीवायरल थैरेपी व नई दवाओं से संभव है। इसे रोकने के लिए कोई टीका नहीं है। एक बार शरीर में कीटाणु प्रवेश कर जाएं तो बाहर निकालना मुश्किल ग
बेहद घातक होता है पेट का कैंसर, जानें इसके लक्षण और उपचार

बेहद घातक होता है पेट का कैंसर, जानें इसके लक्षण और उपचार

Health
यह 2018 है और हम चिकित्सकीय आधुनिकताएं और बेहतरीन नवोन्मेशों की पेशकश करने वाली तेजी से बदलने वाली दुनिया में रहते हैं लेकिन कुछ चीजें नहीं बदलतीं। मसलन, कैंसर का पता चलना आज भी उतना ही भयावह है, जितना कुछ दशकों पहले था। पेट का कैंसर और भी डरावना इसीलिए है, क्योंकि यह एक ऐसा कैंसर है, जिसके बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी है। यह बीमारी क्यों और कैसे होती है, इसकी सीमित जानकारी के कारण डर और बढ़ जाता है। एक अनुमान के मुताबिक, दुनियाभर में प्रत्येक वर्ष पेट के कैंसर के 9,52,000 नए मामले सामने आते हैं, जिनमें 7,23,000 लोगों को इस बीमारी की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ती है (यानी मृत्यु दर 72 फीसदी है)। भारत में हर साल पेट के कैंसर के करीब 62,000 मामले सामने आते हैं और यहां मृत्यु दर करीब 80 फीसदी है। इसके अलावा पेट के कैंसर के मामले उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में अधिक देखने को मिलते हैं,

विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस: आपातकाल में जीवन का आधार प्राथमिक उपचार

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हर वर्ष दुनिया में तकरीबन 13.4 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में समय पर प्राथमिक उपचार न मिल पाने की वजह से अपनी जिंदगी गवां देते हैं। Jagran Hindi News - news:national
अस्पताल पहुंचने से पहले घायल का उपचार

अस्पताल पहुंचने से पहले घायल का उपचार

Health
हमारे देश में हर साल औसतन 30 लाख लोग सडक़ हादसों के कारण अस्पताल पहुंचते हैं। निमहांस (बेंगलुरू) के शोध (2010) के मुताबिक इनमें से करीब 20 फीसदी घायल उचित प्री हॉस्पिटल केयर यानी हादसे के बाद सडक़ पर ही सही फस्र्ट एड ना मिल पाने से बच नहीं पाते। इनमें सबसे ज्यादा संख्या 20-40 साल की उम्र वालों की होती है। जानते हैं प्री हॉस्पिटल केयर के सही तरीकों के बारे में - गोल्डन आवर सबसे अहम घायल की जान बचाने में गोल्डन आवर यानी हादसे से एक घंटे तक का समय सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दौरान घायल को मौके पर ही तुरंत सही इलाज मिल जाए और उसे उचित ढंग से अस्पताल पहुंचा दिया। सबसे पहले सांस चेक करें घायल की नाक के आगे हाथ रखें, यदि गर्म हवा आ रही है तो इसका मतलब है कि वह खुद सांस ले पा रहा है। छाती का मूवमेंट भी ऊपर-नीचे हो रहा है तो मानें कि सांसें चल रही हैं। नाक के पास अपना कान ले जाकर भी उसकी स
kidney disease के उपचार में उचित आहार व हर्बल फार्मूले कारगर

kidney disease के उपचार में उचित आहार व हर्बल फार्मूले कारगर

Health
गुर्दे से जुड़ी बीमारियों में जहां संतुलित आहार जरूरी है, वहीं आयुर्वेद के कई फार्मूले भी कारगर पाए गए हैं। इसलिए 'नेशनल किडनी फाउंडेशन एंड द एकेडमी ऑफ न्यूट्रीशियन डाइटिक्स' ने गुर्दे के मरीजों के लिए 'मेडिकल न्यूट्रीशियन थैरेपी' की सिफारिश की है। फाउंडेशन का कहना है कि यदि गुर्दा रोगियों को हर्बल पदार्थो से परिपूर्ण और बेहतर आहार मिले तो बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। सर गंगाराम अस्पताल के नेफ्रोलॉजिस्ट मनीष मलिक कहते हैं कि यह सिफारिश महत्वपूर्ण इसलिए भी है, क्योंकि हाल में 'अमेरिकन जर्नल ऑफ फार्मास्युटिकल रिसर्च' में एक भारतीय आयुर्वेदिक फार्मूले 'नीरी केएफटी' को गुर्दे के उपचार में उपयुक्त पाया गया। यह आयुर्वेदिक फार्मूला है लेकिन इसके इस्तेमाल से गुर्दा रोगियों में बड़ा सुधार देखा गया है। 'नीरी केएफटी' रक्त में सीरम क्रिएटिनिन, यूरिक एसिड तथा इलेक्ट्रोलेट्स के स्तर में सुधार कर
पेट से जुड़े कैंसर के लक्षण व उपचार

पेट से जुड़े कैंसर के लक्षण व उपचार

Health
भारत में सामान्य गेस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) कैंसर में पेट का कैंसर, भोजन नलिका का कैंसर, पित्ताशय का कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर, लिवर व पाचन ग्रंथि का कैंसर शामिल है। दुनियाभर में कैंसर से होने वाली मौतों के मामले में इसका स्थान तीसरे नंबर पर है। जानते हैं इसके लक्षणों और इलाज के बारे में। पेट का कैंसर इस कैंसर का पता चलने की औसत आयु 60 वर्ष है और यह पुरुषोंं को ज्यादा होता है। भूख ना लगना, वजन घटना, थकान व एनीमिया इसके प्रमुख लक्षण हैं। पित्त ग्रंथि कैंसर पेटदर्द, वजन घटना या पीलिया होना इसके प्रमुख लक्षण हैं। इस कैंसर का पता बहुत बाद में चलता है इसलिए महज 15 से 20 फीसदी रोगियों में ही सर्जरी की संभावना बचती है, जो इसका एकमात्र इलाज भी है। लिवर कैंसर यह लिवर की पुरानी बीमारी या फिर सिरोसिस में होता है। इस रोग में कुछ रोगियों के पेट में ऊपरी हिस्से में हल्का दर्द, वजन घटना, जल्दी पेट भर जाना
वापस यौवन पाने की लिप्सा में महिला जननांग का उपचार खरतनाक

वापस यौवन पाने की लिप्सा में महिला जननांग का उपचार खरतनाक

Health
महिला जननांग का चिकित्सा उपचार कर वापस जवानी पाने की लिप्सा खतरनाक साबित हो सकती है। अमेरिकी खाद्य एवं औषध प्रशासन (एफडीए) ने वजाइनल  रिजुवनेशन (योनि का कायाकल्प) चिकित्सा को नुकसानदेह बताया... Live Hindustan Rss feed