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Tag: कारगर

Health Tips: वजन घटाने में कारगर है इलायची, जानें इसके फायदे

Health Tips: वजन घटाने में कारगर है इलायची, जानें इसके फायदे

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इलायची का आकार भले ही छोटा हो लेकिन इसके फायदे बड़े-बड़े हैं। इसके औषधीय गुण बहुत काम के हैं। हर रसोईघर में पाई जाने वाली हरी इलायची कभी जायका ठीक करती है, तो कभी मूड अच्छा कर देती है। और तो और... Live Hindustan Rss feed
हेल्थ न्यूज: लकवा के इलाज में फिजियोथेरेपी कारगर

हेल्थ न्यूज: लकवा के इलाज में फिजियोथेरेपी कारगर

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लकवा मरीजों के बेहतर इलाज में दवाओं के साथ फिजियोथेरेपी की अहम भूमिका है। फिजियोथेरेपी से मरीज के बेजान अंगों में जान फूंकी जा सकती है। यह जानकारी विश्व फिजियोथेरेपी जागरूकता सप्ताह के तहत आयोजित... Live Hindustan Rss feed
टूटी हड्डी जोड़ने में कारगर है हड़जोड़ का पौधा, आैर भी हैं फायदे

टूटी हड्डी जोड़ने में कारगर है हड़जोड़ का पौधा, आैर भी हैं फायदे

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हड़जाेड़ ( Hadjod ) को आयुर्वेद में हड्डी जोड़ने की कारगर दवा बताया गया है। इसे अस्थि संधानक या अस्थिशृंखला ( asthisamharaka ) के नाम से भी जानते हैं। यह छह इंच की खंडाकार बेल होती है। इसके हर खंड से एक नया पौधा पनप सकता है। हृदय के आकार जैसी दिखने वाली पत्तियों वाले इस पौधेे में लाल रंग के मटर के दाने के बराबर फल लगते हैं। जानते हैं इसके बारे में:- उपयोग और लाभ भूरे रंग का हड़जाेड़ ( Cissus quadrangularis ) पौधा स्वाद में कसैला और तीखा होता है। इसकी बेल में हर 5-6 इंच पर गांठ होती है। इस पौधे की प्रकृति गर्म होती है। जैसा कि इसके नाम से ही साफ है कि यह टूटी हड्डियों को जोड़ने मेंं कारगर है ( plants used for healing of bone fracture )। यह खाने और लगाने दोनों में काम आता है। ऐसे लें :250-500 मिलीग्राम की मात्रा में सुबह-शाम दूध के साथ लें। इसका रस निकालकर ठंडे दूध के साथ ले सकते हैं। इसका 5
पेट से जुड़ी बीमारियोंं के इलाज में कारगर हैं ये नुस्खे, जानें इनके बारे में

पेट से जुड़ी बीमारियोंं के इलाज में कारगर हैं ये नुस्खे, जानें इनके बारे में

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पेटदर्द, एसिडिटी, कब्ज, गैस, बदहजमी होना आम है। खानपान का ध्यान और घरेलू नुस्खों को अपनाकर इन समस्याओं को दूर किया जा सकता है। जानते हैं इन नुस्खों के बारे में- पेटदर्द - चावल का पानी यानी मांड का प्रयोग पेटदर्द दूर करने के लिए किया जाता है। पुदीने के पत्तों को चबाकर खाने से भी पेट दर्द में राहत मिलती है। इसे 3-5 मिनट तक पानी में उबालने के बाद छालकर इसमें शहद मिलाकर गुनगुना ही पीएं। एक टी स्पून सौंफ को चबाकर खाएं। गर्भवती महिलाएं इसे न खाएं। पेट दर्द की समस्या अधिक बढ़े तो गर्म पानी में नींबू का रस पीने से भी दर्द में आराम मिलता है। कब्ज - कब्ज की स्थिति में गुड़ खा सकते हैं। चाहें तो पानी या चाय में मिलाकर भी ले सकते हैं। रात को डिनर के बाद गुड़ खाने से कब्ज की समस्या नहीं रहती है। खाने के बाद वॉक जरूर करें, इससे कब्ज की स्थिति नहीं बनती है। एक टेबल स्पून ऑलिव ऑयल सुबह खाली पेट लें, चाहें
घुटनोंं के दर्द में कारगर हैं ये घरेलू नुस्खे, जानें इनके बारे में

घुटनोंं के दर्द में कारगर हैं ये घरेलू नुस्खे, जानें इनके बारे में

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घुटनों में दर्द की समस्या के कारण उठना और बैठना काफी मुश्किल हो जाता है। जानिए कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे जो दर्द से राहत दिलाने में मददगार हैं- सिरका : अम्लीय होने के कारण यह घुटनों के जोड़ पर जमे विषैले पदार्थों को कम कर घुटनों में मूवमेंट को आसान बनाता है। इसके लिए दो चम्मच एप्पल विनेगर को दो कप पानी में मिलाकर थोड़ी-थोड़ी देर में एक-एक घूंट पीएं। हल्दी : इसमें मौजूद करक्यूमिन तत्त्व एंटी-ऑक्सीडेंट होने के अलावा दर्द निवारक भी हैं। आधा चम्मच पिसी सोंठ व थोड़ा हल्दी पाउडर पानी में मिलाकर 8-10 मिनट तक उबालकर छान लें। इसे पानी में शहद के साथ मिलाकर पीएं। या एक गिलास पानी में हल्दी उबालकर भी पी सकते हैं। सेंधा नमक : मैग्नीशियम से भरपूर सेंधा नमक शरीर में नमी से जुड़ा पीएच संतुलन रखता है। आधे कप गुनगुने पानी में सेंधा नमक व नींबू का रस डालें। सुबह-शाम एक-एक चम्मच पीएं। इस नमक को गुनगुने पानी में ड
Naturopathy – सर्दी-जुकाम में कारगर है प्राकृतिक चिकित्सा

Naturopathy – सर्दी-जुकाम में कारगर है प्राकृतिक चिकित्सा

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सर्दी-जुकाम व खांसी, सांस नली में होने वाली गड़बड़ी से पैदा होने वाले रोग हैं। सर्दी नाक से शुरू होकर गला, श्वास नलिकाएं, कान तक पहुंचकर फेफडों को प्रभावित करती है जिससे अस्थमा की आशंका अधिक हो जाती है। ऐसे में प्राकृतिक उपचार की मदद से राहत पाई जा सकती है। प्रमुख लक्षण : नाक में खुश्की, बार-बार छीकें आना, गले में खराश व खुजली, नाक-आंख से पानी आना, नाक से श्लेष्मा निकलना जो शुरू में सफेद व बाद में पीले रंग का होता है। सुस्ती, थकान, बुखार, भोजन में अरुचि व स्वाद न आना और विभिन्न अंगों में दर्द होता है। उपचार:भाप स्नान : एक लीटर पानी में 100-150 ग्रा. पत्तागोभी के मोटे ऊपरी पत्तों को कसकर डालें। ढककर अच्छी तरह उबालें, भाप निकलने पर ढक्कन हटाकर चेहरे व सिर को तौलिए से ढककर 5-10 मिनट तक भाप लें। इससे नाक की अंदरुनी झिल्ली में संक्रमण दूर होने से राहत मिलेगी। भाप लेने का कोई दुष्प्रभाव नहीं होत
हर्बल पुल्टिस : जोड़ों में दर्द कम करने का कारगर उपाय

हर्बल पुल्टिस : जोड़ों में दर्द कम करने का कारगर उपाय

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आयुर्वेद में हड्डियों में दर्द से राहत के लिए कई औषधियां और थैरेपी उपलब्ध हैं। पुल्टिस इनमें से ही एक है। पुल्टिस लगाना यानी प्रलेप लगाना, एक पुरानी और असरदार घरेलू चिकित्सा प्रणाली है। इसमें राई, हल्दी, नमक के अलावा कई प्रकार की हर्बल जड़ी-बूटियों को पीसकर या लेप बनाकर त्वचा पर लगाते हैं, जिससे राहत मिलती है। पुल्टिस हर्ब के फायदे शरीर को बाहरी और अंदरूनी दोनों तौर पर मिलते हैं साथ ही इस प्रक्रिया को घर पर भी आसानी से अपनाया जा सकता है। जानें क्या है पुल्टिस व इसके फायदे- पुल्टिस को कई तरह से समझा और परिभाषित किया जा सकता है, जैसे पुल्टीस यानी किसी गीली दवा को प्रभावित हिस्से पर चढ़ाने, लगाने या रखने की क्रिया, किसी अंग विशेषत: त्वचा पर किसी औषधि का किया जाने वाला लेप या फिर किसी गाढ़ी चीज का अन्य औषधि में मिलाकर किया जाने वाला लेप। पुल्टिस को हर्ब्स, चिकनी मिट्टी, चारकोल, लवण या अन्य लाभ
Botulinum toxin therapy: चेहरे की झुर्रियां हटाने के लिए कारगर है बॉटुलिनम टॉक्सिन थैरेपी, जानें इसके बारे में

Botulinum toxin therapy: चेहरे की झुर्रियां हटाने के लिए कारगर है बॉटुलिनम टॉक्सिन थैरेपी, जानें इसके बारे में

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Botulinum toxin therapy: मूवमेंट डिसऑर्डर, लंबे समय तक सिरदर्द, गर्दन या कमरदर्द, ब्यूटी ट्रीटमेंट जैसे चेहरे पर झुर्रियां हटाने आदि के लिए बॉटुलिनम टॉक्सिन का इस्तेमाल करते हैं। इसे बॉटुलिनम टॉक्सिन इंजेक्शन थैरेपी भी कहते हैं। मांसपेशियों में मूवमेंट डिसऑर्डर जैसे पलकों का लगातार बंद रहना, चेहरे की एक तरह की मांसपेशियों का फड़कना, गर्दन का एक तरफ मुड़ना या झुक जाना, लकवे के बाद मांसपेशियों में कड़ापन आदि में यह थैरेपी कारगर है। इसके अलावा बच्चों में सेरेब्रल पाल्सी व ओवरएक्टिव ब्लैडर (यूरिन की थैली पर नियंत्रण न होने से यूरिन निकल जाना) की परेशानी में भी इस थैरेपी से उपचार किया जाता है। जानें इसके बारे में- क्या है बॉटुलिनम टॉक्सिन और कैसे काम करती है दवा ?बॉटुलिनम टॉक्सिन क्लॉस्ट्रीडियम बॉटुलिनम बैक्टीरिया द्वारा बनाया जाने वाला एक न्यूरोटॉक्सिन है जो शरीर की मांसपेशियों को नियंत्रित कर
जोड़ों के इलाज में कारगर है एसवीएफ पद्धति

जोड़ों के इलाज में कारगर है एसवीएफ पद्धति

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बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों में दर्द की समस्या आम है। जोड़ों में कार्टिलेज कम होने से यह समस्या होती है जिससे हड्डियां आपस में टकराने लगती हैं। जब यह परेशानी दवाओं से भी नियंत्रित नहीं होती तो जोड़ प्रत्यारोपण विकल्प होता है। इस स्थिति में सहज थैरेपी मददगार हो सकती है। इसमें मरीज के पेट से कोशिकाओं को निकालकर जोड़ में प्रत्यारोपित करते हैं। नई कोशिकाओं से कार्टिलेज दोबारा बनने लगता है जिससे जोड़ कुछ समय बाद सामान्य स्थिति में आ जाता है। ऑस्ट्रेलिया से आई पद्धति स्ट्रोमल वैस्क्युलर फे्रक्शन (एसवीएफ) नाम से मशहूर यह ऑस्ट्रेलियाई पद्धति है। भारत में इसके जरिए इलाज का अधिकार सहज हॉस्पिटल के पास है इसलिए इसका नाम सहज थैरेपी रखा गया। इलाज की प्रक्रियामरीज को लोकल एनेस्थीसिया देकर पेट से करीब 200-300 एमएल फैट निकाला जाता है। लैब में इस फैट से करोड़ों कोशिकाओं को अलग किया जाता है। सुई की मदद से कोशिक
Asthma: अस्थमा में राहत के लिए कारगर है ये थैरपी, जानें इसके बारे में

Asthma: अस्थमा में राहत के लिए कारगर है ये थैरपी, जानें इसके बारे में

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asthma : बच्चों व बड़ों के अस्थमा में फर्क होता है ? बच्चों व वयस्कों में अस्थमा एक जैसा ही होता है। दोनों में एलर्जंस (एलर्जी के कारक) के कारण सांस की नली सिकुड़ जाती है और सूजन आ जाती है। ऐसे में बलगम बनने और सांस लेने में दिक्कत होती है। अस्थमा से जुड़ी गलतफहमी क्या हैं ?ज्यादातर लोग सोचते हैं कि बच्चे के बड़े होने पर यह समस्या खत्म हो जाएगी। कुछ को लगता है कि एलर्जंस से दूर रहकर इससे बचा जा सकता है। साथ ही इंहेलर को आखिरी इलाज के तौर पर भी देखते हैं। स्टेरॉयड को लेकर लोगों में क्या भ्रम है ?लोगों को लगता है कि इंहेलर में पाए जाने वाले स्टेरॉयड से बच्चे का विकास रुक जाएगा जबकि ये सिर्फ भ्रम है। कॉर्टिकोस्टेरॉयड का बच्चे के विकास से कोई संबंध नहीं है। इंहेलर में मौजूद कॉर्टिकोस्टेरॉयड शरीर में प्राकृतिक रूप से भी बनता है जो सूजन को कम करता है। अस्थमा का समय रहते इलाज न हो तो बच्चे का व