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Tag: कैंसर

कैंसर रोगियों की जिंदगी बचा रहीं ये तकनीक

कैंसर रोगियों की जिंदगी बचा रहीं ये तकनीक

Health
कैंसर मरीजों को रोग प्रतिरोधकता बढ़ाने के लिए इम्यूनोथैरेपी देते हैं। यह सभी प्रकार के कैंसर में कारगर है। जब शरीर में कैंसर के सेल्स डेवलप हो रहे होते हैं तो इम्यून सिस्टम उसे रोकता है।टारगेटेड थैरेपी से कोशिकाएं बचाते टारगेटेड थैरेपी कैंसर के इलाज की नई विधि है। इसमें कई थैरेपी शामिल हैं। यह इस तरह डिजाइन की गई है कि इससे कैंसर सेल्स का अलग से पता लगाकर सिर्फ उन्हें ही नष्ट करते हैं और आसपास स्वस्थ कोशिकाओं को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है।ऑर्गन फंक्शन प्रिजर्वेशन शरीर के जिस अंग में कैंसर हुआ है उसमें कैंसर सेल्स को ऑर्गन फंक्शन प्रिजर्वेशन तकनीक से कैंसर खत्म कर देते हैं। यह तकनीक हड्डी, कंठ, स्तन और ब्लैडर के साथ दिमाग के कैंसर में प्रयोग की जाती है। इसके बाद व्यक्ति सामान्य जीवन जीता है। प्रोटॉन थेरेपी कैंसर सेल्स की दुश्मन इस तकनीक से हाई एनर्जी मेगा वोल्टेज रेज (किरणें) उस अंग
कैंसर के इलाज के बाद भारत लौटे इरफान खान, जल्द शुरू करेंगे फिल्म की शूटिंग

कैंसर के इलाज के बाद भारत लौटे इरफान खान, जल्द शुरू करेंगे फिल्म की शूटिंग

Entertainment
लंदन में न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर (Neuroendocrine tumor) का उपचार कराने के बाद अभिनेता इरफान खान (Irfan Khan) वापस देश लौट आए हैं। अपने अभिनय के लिए प्रशंसित अभिनेता के देश में आगमन के साथ ही उनके... Live Hindustan Rss feed
‘फोग्सी’ की कैंसर पर वर्कशाप

‘फोग्सी’ की कैंसर पर वर्कशाप

Punjabi Politics
जालंधर | फोग्सी जालंधर सोसायटी एसोसिएशन की तरफ से कैंसर पेशेंट के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टर ने कैंसर पर लेक्चर दिया। इतवार को हुई वर्कशाप डॉ. सुरजीत कौर की देखरेख में आयोजित की गई। एसोसिएशन के प्रधान ने बताया कि इस वर्कशाप करवाने का उद्देश्य लोगों को कैंसर के प्रति अवेयर करना है। डॉक्टरों द्वारा सर्जरी के समय आने वाली परेशानियां जैसे पीपीएच, खूून का बहाव न रुकना और अन्य परेशानियों पर विचार चर्चा की गई। इस मौके पर डॉ. निर्मला, डॉ. अनुजा, डॉ. प्रगति , डॉ. निर्मला, डॉ. योगेश, डॉ. अमिता, डॉ. सुकीर्ति और डॉ. एचके ओबराय उपस्थित रहे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dainik Bhaskar
जानिए, सर्दी में कैंसर मरीजों के खानपान पर विशेष ध्यान रखना क्यों जरूरी है

जानिए, सर्दी में कैंसर मरीजों के खानपान पर विशेष ध्यान रखना क्यों जरूरी है

Health
सर्दी का मौसम कैंसर रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है। इसकी वजह इस मौसम में नमी अधिक होती है और कैंसर के मरीजों में कीमोथैरेपी या दूसरी दवाइयों के कारण इम्युनिटी घट जाती है। जिससे उनमें संक्रमण का खतरा अधिक हो जाता है। सावधानी बरतने की जरूरत अधिक रहती है। सामान्य लोगों की तुलना में कैंसर मरीजों के शरीर को अधिक गर्म रखने की जरूरत रहती है। इसके लिए ऊनी कपड़े पहनें। सिर, हाथ, पैरों को ढककर रखें। ठंडी हवाओं से खुद का बचाव करें। ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, कुल्फी आदि से परहेज रखेंं। आप मरीज नहीं तो बरतें ये सावधानी भोजन को दोबारा गर्म करने और रेड मीट खाने से बचें। पोषण युक्त आहार से खतरा कम किया जा सकता है। सब्जियां, फल, फली, साबुत अनाज खानपान में शामिल करें। एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स कैंसर कोशिकाओं को बढऩे से रोकते हैं। शक्कर कम लें। खानपान में हमेशा रखें : आहार में टमाटर, ब्रोकली, पत्तागोभी, लह
अपक्व आहार कैंसर के इलाज में लाभकारी

अपक्व आहार कैंसर के इलाज में लाभकारी

Health
आयुर्वेद के अनुसार लगातार खराब दिनचर्या और खानपान में गड़बड़ी के कारण हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है जिससे आगे चलकर कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। आयुर्वेद में कैंसर की पहली और दूसरी स्टेज का इलाज पूरी तरह से संभव है। लेकिन ज्यादातर लोग जब एलोपैथी से पूरी तरह निराश हो जाते हैं तो वे इस पद्धति में इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में रोगी का मर्ज तो पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाता लेकिन लाइफस्टाइल सुधारकर जीने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। आयुर्वेदिक इलाजइस चिकित्सा में सबसे पहले मरीज को दिनचर्या सुधारने के लिए कहा जाता है। जैसे जल्दी सोना और समय से उठना। डाइट में सुधारकैंसर के मरीज को एसिडिक डाइट जैसे अचार, पुड़ी-परांठें, खटाई और तली-भुनी चीजों से परहेज करना होता है। उन्हें अपक्व (बिना पका) या उबला हुआ आहार लेने के लिए कहा जाता है। कैंसर से बचने और इस रोग में सुधार के लिए ये चीजें काफी
कैंसर मरीज को बेचारा न समझें, लडऩे का साहस दें

कैंसर मरीज को बेचारा न समझें, लडऩे का साहस दें

Health
कैंसर की इस बार की थीम है आइ एम एंड आइ विल है। कैंसर से जंग के लिए मजबूत इच्छाशक्ति जरूरी है। घरवाले : रोगी को समझाएं कि कैंसर का इलाज नई तकनीकों से संभव है। परिवार के लोग मरीज के सामने घर की किसी समस्या या अन्य दिक्कतों का कोई जिक्र न करें। दोस्त : दोस्तों को चाहिए की क्रिकेटर युवराज सिंह, मनीषा कोइराला जैसे लोगों का उदाहरण दें जो कैंसर की लड़ाई जीत चुके हैं। इससे मरीज में सकारात्मक सोच आएगी। रिश्तेदार : मरीज को किसी भी हाल में बेचारा न समझें। उसके साथ सामान्य व्यक्ति की तरह ही व्यवहार करें। उसके सामने बीमारी के बारे में और निराशाजनक बातें न करें। ...बेचैनी बढ़े या तनाव रहे तो काउंसिलिंग जरूरी घरवालों को लगे कि मरीज कैंसर की वजह से तनाव व बेचैनी में रहने लगा है तो विशेषज्ञ से संपर्क करें। मरीज की स्थिति के बारे में विस्तार से बताएं। गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को साइकोथैरेपी देते हैं
कैंसर के लक्षणों को समय रहते पहचानें, बचेंगे मुश्किलों से

कैंसर के लक्षणों को समय रहते पहचानें, बचेंगे मुश्किलों से

Health
हमारा शरीर कोशिकाओं से बना है। कई बार ये कोशिकाएं अनियमित रूप से बढऩे व फैलने लगती हैं जिससे उस अंग में गांठ या ट्यूमर बनने लगती है जिसे कैंसर कहते हैं। लंबे समय से खांसी, किसी मस्से के रंग व आकार में बदलाव या उसमें खून आना, घाव ठीक न होना, वजन कम होना और मल-मूत्र की आदतों में बदलाव होने व महिलाओं में असामान्य रक्तस्राव होने से कैंसर की आशंका बढ़ती है। पुरुषों में सबसे ज्यादा फेफड़े, मुंह, गले, आंत व आमाशय का कैंसर होता है। महिलाओं में बच्चेदानी के मुंह का कैंसर, ब्रेस्ट, गॉलब्लैडर व भोजन नली का कैंसर होता है। मुंह का कैंसर मुंह से खून आना, होठ के आसपास या मुंह में गांठ बनना, कुछ भी खाने पर निगलने में तकलीफ, मुंह के छाले लंबे समय तक ठीक न होना या जीभ का कोई हिस्सा सुन्न हो जाना। देशभर में इस कैंसर के मामले सबसे अधिक पुरुषों में पाए जाते हैं। फेफड़ों का कैंसर अत्यधिक कफ बनना या कफ के साथ खू
कैंसर के बारे में सच जानें, भ्रम न पालें

कैंसर के बारे में सच जानें, भ्रम न पालें

Health
कैंसर के भय को और बढ़ाने का काम इससेे जुड़ी भ्रांतियां करती हैं। लोगों में कैंसर के संबंध में कई भ्रांतियां हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही भ्रांतियों की सच्चाई। भ्रम : कैंसर के मरीज की चीजों को छूना नहीं चाहिए? सच : यह मरीज को छूने, उसके सामान के प्रयोग से नहीं होता है। खून या शरीर की कोई चोट या जख्म छूने से भी नहीं फैलता है। भ्रम : सूई जांच कराने से कैंसर पूरे शरीर में फैलता है? सच : इस जांच से कैंसर कोशिकाओं के बारे में अच्छी तरह से पता चल जाता है। इलाज करने में आसानी होती है। भ्रम : कीमो व रेडिएशन थैरेपी से त्वचा जलती है। सच : कीमो व रेडिएशन से स्किन न जलती न कैंसर फैलता है। त्वचा कुछ समय के लिए काली पड़ जाती है पर ठीक हो जाती है। भ्रम : डियो और हेयर डाई से कैंसर का खतरा होता है? सच : कार्सिनोजन कैमिकल युक्त उत्पाद के प्रयोग से स्किन कैंसर का खतरा होता है। डियो आदि खरीदते वक्त लेबल को जर
सेलिब्रिटी ही नहीं आम मरीज भी जीतते हैं कैंसर से जंग

सेलिब्रिटी ही नहीं आम मरीज भी जीतते हैं कैंसर से जंग

Health
कैंसर से जंग में जीत के लिए जरूरी है जागरुकता के साथ अपनों का हौसला। इस वर्ष की थीम आइ एम एंड आइ विल है। इसका उद्देश्य आम मरीज के मन में बैठे डर को भगाकर जिंदगी की जंग जीतने के लिए हौसला देना है। भरोसा दिलाना है कि सिर्फ सेलिब्रिटी ही नहीं आम मरीज भी कैंसर बीमारी से स्वस्थ हो सकते हैं। ऐसे ही दो कैंसर मरीजों की कहानी बता रहे हैं। केस : लगा कि सबकुछ खत्म हो गया, अब स्वस्थ जिंदगी बिता रही हूं करीब पांच साल पहले मेरे (54 वर्षीय महिला) पेट में भारीपन और अपच की समस्या रहती थी। कई बार तेज दर्द भी होता था। डॉक्टर की परामर्श से पेट दर्द की दवाएं ली, लेकिन अराम नहीं मिला। इसके बाद दर्द तेज होने लगा तो डॉक्टरी सलाह पर सोनोग्राफी कराई। रिपोर्ट में कुछ नहीं निकला। इसके बाद एमआरआइ जांच कराई। रिपोर्ट में ओवरी में अर्ली एज कैंसर की पहचान हुई। ओवेरियन कैंसर का नाम सुनते ही रोने लगी...लगा कि सबकुछ खत्म हो
Stay Healthy – आदतें बदलकर कैंसर को दें मात

Stay Healthy – आदतें बदलकर कैंसर को दें मात

Health
हमारा शरीर कोशिकाओं से बना है। कई बार ये कोशिकाएं अनियमित रूप से बढ़ने व फैलने लगती हैं जिससे उस अंग में गांठ या ट्यूमर बनने लगता है जिसे कैंसर कहते हैं।यदि कैंसर का शुरुआती स्टेज में ही पता चल जाए तो इसका उपचार संभव है। आइए जानते हैं कैंसर के प्रमुख लक्षणों और उपचार के बारे में। प्रमुख लक्षणगांठ बनना, असामान्य रक्त स्राव होना, लंबे समय से खांसी, किसी मस्से के रंग व आकार में बदलाव या उसमें खून आना, घाव का ठीक न होना, वजन कम होना और मल-मूत्र की आदतों में बदलाव होने पर कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। प्रभावित लोगभारत में पुरुष सबसे ज्यादा फेफड़े, मुंह, गले, आंत व आमाशय के कैंसर से प्रभावित होते हैं। महिलाएं बच्चेदानी के मुंह का कैंसर, ब्रेस्ट, गॉल ब्लैडर व भोजननली के कैंसर से ग्रसित होती हैं। कैंसर की चार स्टेजकैंसर की पहली स्टेज में व्यक्ति के ठीक होने की संभावना सबसे ज्यादा यानी 90त्न होती है।