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Tag: कोर्ट

जल्द सुप्रीम कोर्ट के फैसले 9 क्षेत्रीय भाषाओं में आएंगे,100 फैसले अनुवादित हो चुके हैं

जल्द सुप्रीम कोर्ट के फैसले 9 क्षेत्रीय भाषाओं में आएंगे,100 फैसले अनुवादित हो चुके हैं

Delhi
जल्द सुप्रीम कोर्ट के फैसले 9 क्षेत्रीय भाषाओं में आएंगे,100 फैसले अनुवादित हो चुके हैं भास्कर न्यूज | नई दिल्ली राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की नई बिल्डिंग का उद्‌घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की नई इमारत अनूठी है, क्योंकि यह सौर उर्जा, पर्यावरण और जलसंरक्षण की खासियत अपने अंदर समेटे हुए है। इस मौके पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे। 12.19 एकड़ में बनी इस बिल्डिंग को सुरंग के जरिए सुप्रीम कोर्ट की पुरानी बिल्डिंग से जोड़ा गया है। इस पर 885 करोड़ रुपए का खर्च आया है। सुप्रीम कोर्ट का सारा प्रशासनिक काम, मुकदमों की फाइलिंग, कोर्ट के आदेशों और फैसलों की कापियां लेने आदि सभी काम पुरानी बिल्डिंग से इस नई बिल्डिंग में शिफ्ट हो जाएगा। पर अदालतें पुरानी बिल्डिंग में ही लगेंगी। अब स
39 साल केस लड़ा, 10 साल जेल में भी रहा; सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा-जुर्म के समय आरोपी नाबालिग था, रिहा करो

39 साल केस लड़ा, 10 साल जेल में भी रहा; सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा-जुर्म के समय आरोपी नाबालिग था, रिहा करो

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अदालत के गलियाराें में अक्सर कहा जाता है- न्याय में देरी, अन्याय से कम नहीं। कुछ ऐसा ही बिहार के गया निवासी बनारस सिंह के साथ हुआ। 1980 में नाबालिग रहते मामूली कहासुनी पर उसने चचेरे भाई की हत्या कर दी। लेकिन, निचली अदालत और हाईकोर्ट ने उसे नाबालिग नहीं माना। 39 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अब जाकर बनारस सिंह यह साबित कर पाया है कि घटना के वक्त वह नाबालिग था। हालांकि, यह जीत उसके लिए कोई मायने नहीं रखती, क्योंकि वह करीब 10 साल साल तक जेल में रह चुका है। यह नाबालिग हाेने की सूरत में सुनाई जाने वाली सजा से तीन गुना ज्यादा है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि वारदात के समय बनारस सिंह नाबालिग था। उसे जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत अधिकतम तीन साल कैद की सजा देनी चाहिए। वह 10 साल जेल में बिता चुका है, ऐसे में उसे तुर

अयोध्या विवाद : सुप्रीम कोर्ट में मध्यस्थता पैनल ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, 2 अगस्त को अगली सुनवाई

India
अयोध्या जमीन विवाद मामले में मध्यस्थता फेल हुई या पास आज इसका फैसला सुप्रीम कोर्ट में हो जाएगा। मध्‍यस्‍थता कमेटी की प्रगति रिपोर्ट आज सुप्रीम कोर्ट में पेश होगी Jagran Hindi News - news:national
39 साल केस लड़ा, 10 साल जेल में रहा; सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट बोला-जुर्म के समय आरोपी नाबालिग था, रिहा करो

39 साल केस लड़ा, 10 साल जेल में रहा; सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट बोला-जुर्म के समय आरोपी नाबालिग था, रिहा करो

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नई दिल्ली.अदालत के गलियाराें में अक्सर कहा जाता है- न्याय में देरी, अन्याय से कम नहीं। कुछ ऐसा ही बिहार के गया निवासी बनारस सिंह के साथ हुआ। 1980 में नाबालिग रहते मामूली कहासुनी पर उसने चचेरे भाई की हत्या कर दी। लेकिन, निचली अदालत और हाईकोर्ट ने उसे नाबालिग नहीं माना।39 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अब जाकर बनारस सिंह यह साबित कर पाया है कि घटना के वक्त वह नाबालिग था। हालांकि, यह जीत उसके लिए कोई मायने नहीं रखती, क्योंकि वह करीब 10 साल साल तक जेल में रह चुका है। यह नाबालिग हाेने की सूरत में सुनाई जाने वाली सजा से तीन गुना ज्यादा है।सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि वारदात के समय बनारस सिंह नाबालिग था। उसे जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत अधिकतम तीन साल कैद की सजा देनी चाहिए। वह 10 साल जेल में बिता चुका है, ऐसे में
885 करोड़ में बना सुप्रीम कोर्ट का सबसे आधुनिक भवन, पुरानी और नई इमारत सुरंग से जोड़ी गई

885 करोड़ में बना सुप्रीम कोर्ट का सबसे आधुनिक भवन, पुरानी और नई इमारत सुरंग से जोड़ी गई

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नई दिल्ली.राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की नई बिल्डिंग का उद्‌घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की नई इमारत अनूठी है, क्योंकि यह सौर उर्जा, पर्यावरण और जलसंरक्षण की खासियत अपने अंदर समेटे हुए है। इस मौके पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे।12.19 एकड़ में बनी इस बिल्डिंग को सुरंग के जरिए सुप्रीम कोर्ट की पुरानी बिल्डिंग से जोड़ा गया है। इस पर 885 करोड़ रुपए का खर्च आया है। सुप्रीम कोर्ट का सारा प्रशासनिक काम, मुकदमों की फाइलिंग, कोर्ट के आदेशों और फैसलों की कापियां लेने आदि सभी काम पुरानी बिल्डिंग से इस नई बिल्डिंग में शिफ्ट हो जाएगा। पर अदालतें पुरानी बिल्डिंग में ही लगेंगी।अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले 9 भाषाओं में: इस मौके पर राष्ट्रपति कोविंद ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के 9 क्षेत्रीय भ

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अब हिंदी और प्रादेशिक भाषाओं में पढ़ें फैसले

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले अब आप हिंदी और कुछ प्रादेशिक भाषाओं में भी पढ़ पाएंगे। कोर्ट की वेबसाइट पर हिन्दी सहित नौ भाषाओं में अनुवादित फैसले गुरुवार से ही अपलोड होने शुरू हो गए। Jagran Hindi News - news:national
39 साल केस लड़ा, 10 साल जेल में रहा; सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट बोला-जुर्म के समय आरोपी नाबालिग था, रिहा करो

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नई दिल्ली.अदालत के गलियाराें में अक्सर कहा जाता है- न्याय में देरी, अन्याय से कम नहीं। कुछ ऐसा ही बिहार के गया निवासी बनारस सिंह के साथ हुआ। 1980 में नाबालिग रहते मामूली कहासुनी पर उसने चचेरे भाई की हत्या कर दी। लेकिन, निचली अदालत और हाईकोर्ट ने उसे नाबालिग नहीं माना।39 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अब जाकर बनारस सिंह यह साबित कर पाया है कि घटना के वक्त वह नाबालिग था। हालांकि, यह जीत उसके लिए कोई मायने नहीं रखती, क्योंकि वह करीब 10 साल साल तक जेल में रह चुका है। यह नाबालिग हाेने की सूरत में सुनाई जाने वाली सजा से तीन गुना ज्यादा है।सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि वारदात के समय बनारस सिंह नाबालिग था। उसे जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत अधिकतम तीन साल कैद की सजा देनी चाहिए। वह 10 साल जेल में बिता चुका है, ऐसे में
कपिल देव के नेतृत्व वाली पैनल को चुनना है नया कोच, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले नहीं होगा निर्णय

कपिल देव के नेतृत्व वाली पैनल को चुनना है नया कोच, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले नहीं होगा निर्णय

Indian Sports
नई दिल्ली. कपिल देव के नेतृत्व वाली पैनल को भारतीय क्रिकेट टीम के नए कोच को चुनने का जिम्मा सौंपा गया है। मगर इस मामले में अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के बाद ही लिया जा सकेगा। कोचिंग के लिए आवेदन भेजने की अंतिम तारीख 30 जुलाई है। कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (सीओए) ने कोर्ट से क्रिकेट ए़डवाइजरी कमेटी (सीएसी) को जारी रखने को लेकर निर्देश मांगे थे। इसमें सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण शामिल हैं।हालांकि, कोर्ट की ओर से सीएसी को लेकर किसी तरह का कोई निर्देश नहीं दिया गया। ऐसे में हो सकता है कि सीओए भी किसी विकल्प की ओर न जाए। मगर कपिल के नेतृत्व वाली पैनल यदि नेशनल कोच का चयन करती है तो यह कदम सुप्रीम कोर्ट के द्वारा गठित की गई पैनल के टकराव के तौर पर देखा जा सकता है।अगली सुनवाई से पहले पैनल का गठन नहींएक बात तय है कि अगली सुनवाई के पहले किसी
स्वामी सरकार का गिरना तय, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 15 बागियों पर व्हिप लागू नहीं होगा

स्वामी सरकार का गिरना तय, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 15 बागियों पर व्हिप लागू नहीं होगा

India
बेंगलुरु. सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के बागी विधायकों की याचिका पर बुधवार को फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें इस मामले में संवैधानिक संतुलन बनाए रखना है। स्पीकर 15 बागी विधायकों के इस्तीफों पर अपने अनुसार विचार करें, वे खुद फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच ने कहा कि विधायकों को भी सदन की कार्यवाही का हिस्सा बनने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। विधायकों की ओर से पेश हुए वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि अदालत के फैसले के ये मायने हैं कि अब बागियों पर व्हिप लागू नहीं होगा।मुकुल रोहतगी ने फैसले के बाद बताया, ‘‘15 विधायक गुरुवार को विधानसभा में उपस्थित नहीं होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत दी है कि कोई भी इन विधायकों को विश्वास मत के लिए बाध्य नहीं कर सकता। अब आप पूरा समीकरण समझ सकते हैं कि विधानसभा की 224 सदस्य हैं। 15 विधायकविधानसभा में उ
एसवाईएल न बनवाने को लेकर भाकियू एक लाख हस्ताक्षर करवाकर सुप्रीम कोर्ट को लिखेगी चिट्ठी

एसवाईएल न बनवाने को लेकर भाकियू एक लाख हस्ताक्षर करवाकर सुप्रीम कोर्ट को लिखेगी चिट्ठी

Punjab
संगरूर | भारतीय किसान यूनियन राजेवाल की बैठक जिला प्रधान गुरमीत सिंह कपियाल की प्रधानगी में हुई। जिला प्रधान गुरमीत सिंह कपियाल ने कहा कि एसवाईएल के निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला किया है वह चिंता का विषय है। जिस पर विचार करने के लिए 31 जुलाई को चंडीगढ़ के किसान भवन में सेमिनार किया जाएगा, जिसमें पानी के माहिर, खेतीबाड़ी माहिर, बुद्धिजीवी वर्ग, राजनीतिक पार्टी के नेता और कानूनी माहिरों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य जज को एक लाख किसानों के हस्ताक्षर करवाकर चिट्ठी लिखकर मांग की जाएगी कि यह नहर न बनवाई जाए। इस मौके पर मलकीत सिंह, नरंजन सिंह, हरजीत सिंह, रोही सिंह, कशमीर सिंह, बलविंदर सिंह, दरबारा सिंह, जगरूप सिंह, गुरनाम सिंह, सुरिंदर सिंह, सुखदेव सिंह, शीतल सिंह, लाभ सिंह, राज सिंह आदि उपस्थित थे। Download Dainik Bhaskar Ap