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IPL 2019 : धोनी की शानदार बल्लेबाजी को देख क्यों घबराए विराट कोहली

Indian Sports
बेंगलुरु। अनहोनी को होनी करने की महेंद्र सिंह धोनी की कला से वाकिफ विराट कोहली ने स्वीकार किया कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच आईपीएल मैच में उनकी बल्लेबाजी देखकर तो वह ‘डर’ ही गए थे। खेल-संसार
दुनिया की सबसे तीखी मिर्च खाने से सिरदर्द क्यों?

दुनिया की सबसे तीखी मिर्च खाने से सिरदर्द क्यों?

Health
हम सभी मिर्च खाते हैं, कोई ज्यादा तीखी तो कोई कम। क्या आपने दुनिया की सबसे तीखी मिर्च खाई है। इस मिर्च का नाम है कैरोलिना रीपर। इसमें पाए जाने वाला कैप्सेकिन नामक तत्त्व से धमनियां संकुचित हो जाती हैं। इसे खाने के बाद सिर में असहनीय सिरदर्द होता है। इसके तीखेपन को लेकर पिछले चार साल से टेस्ट होते रहे हैं।गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की सूची में शामिल किया गया है। वैज्ञानिकों का तर्क है कि किसी मिर्च का तीखापन उसके जेनेटिक ढांचे पर निर्भर करता है। भारत, थाईलैंड और एशिया के अन्य देशों में आमतौर पर मिर्च काफी तीखी होती हैं जबकि ठंडे देशों में ऐसा नहीं होता है। अध्ययन में पाया गया कि मिर्च के प्रयोग करते ही कुछ सेकंड में दो बार उसने तेज थंडरक्लप (सबसे तेज सिरदर्द की अवस्था) का अनुभव किया। दर्द इतना तेज था कि वह न्यूयॉर्क के कूपरटाउन के बेससेट मेडिकल सेंटर में बेहोश हो गया।कैसे नापा जाता है तीखा
जानें आखिर क्यों महिला-पुरुषों में समान रूप से दर्द महसूस नहीं होता

जानें आखिर क्यों महिला-पुरुषों में समान रूप से दर्द महसूस नहीं होता

Health
दर्द नहीं होने को लेकर हुए अध्ययन, एकराय नहींदशकों तक यह माना जाता रहा है कि महिला-पुरुषों को दर्द समान रूप से महसूस होता है। वैज्ञानिक यह पता लगा रहे हैं कि दर्द से कराह की आवाज क्यों निकलती है। स्कॉटलैंड निवासी 71 वर्षीय कैमरॉन को कभी दर्द महसूस नहीं हुआ। यहां तक कि प्रसव के समय भी उन्हें दर्द नहीं हुआ। दर्द नहीं होने को लेकर अध्ययन हुए, लेकिन विशेषज्ञ एकराय नहीं हैं। चूहों पर दर्द का अध्ययन कियामॉन्ट्रियल, कनाडा में मैकगिल विश्वविद्यालय में रॉबर्ट सोरगे ने 2009 में चूहों पर दर्द का अध्ययन किया। चूहों को छूने पर अत्यधिक संवेदनशीलता होती है। परीक्षण के लिए सोरगे ने चूहों के पंजे को बाल से दबा दिया। नर चूहों ने पंजे को पीछे कर लिया। मादा ने ऐसा नहीं किया। मैकगिल यूनिवर्सिटी में दर्द शोधकर्ता जेफरी मोगिल ने कहा कि दर्द अतिसंवेदनशीलता का कारण नर व मादा चूहों में अलग-अलग प्रतिरक्षा कोशिकाओं क
लोकसभा चुनावः राहुल पीएम के बारे में आखिर क्यों बाेल रहे है बार बार एक ही बात, चुनावों में हो सकता है कांग्रेस को बड़ा…

लोकसभा चुनावः राहुल पीएम के बारे में आखिर क्यों बाेल रहे है बार बार एक ही बात, चुनावों में हो सकता है कांग्रेस को बड़ा…

Rajasthan
इंटरनेट डेस्क। लोकसभा चुनावों में पार्टियों के नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने से नहीं चूक रहे है। मौका मिलते ही एक दूसरे को टारगेट करते है और फिर जमकर निशाना साधते है। हालात तो ऐसे हो रहे है कि नेता अब तो ऐसी ऐसी भाषाओं का प्रयोग कर रहे है कि उन्हें लिखने और बोलने में भी शर्म आती है। हालांकि कुछ एक नेताओं कि वजह से और भी लोगों को पर ऐसे आरोप लगते है। मोदी को चोर बोल बुरे फंसे राहुल, अब होगा उनके साथ ऐसा कि ना बोलते बनेगा और ना ही सोचते इधर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश के पीएम मोदी पर निशाना साधा और कहा कि मोदी अमीरों का पक्ष लेते है और गरीबो को नजर अंदाज करते है। उन्होंने कहा चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन मोदी को दो भारत नहीं बनाने देंगे। आपको बता दें कि राहुल गांधी कल गुजरात के कच्छ जिले में भुज और जूनागढ़ जिले में वंथली में रैलियों को संबोधित कर रहे थे। वं
लोकसभा चुनाव 2019: मायावती ने चुनाव आयोग से पूछा- भाजपा पर मेहरबान क्यों?

लोकसभा चुनाव 2019: मायावती ने चुनाव आयोग से पूछा- भाजपा पर मेहरबान क्यों?

India
चुनाव आयोग के 48 घंटे के प्रतिबंध के बाद मायावती गुरुवार को भाजपा पर बरसीं। उन्होंने आयोग को भी लपेटा और कहा कि वह भाजपा पर इतना मेहबान क्यों हैं। मायावती ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा की... Live Hindustan Rss feed
Lok sabha elections 2019: बैन हटते ही मायावती ने साधा निशाना, योगी के प्रति चुनाव आयोग मेहरबान क्यों?

Lok sabha elections 2019: बैन हटते ही मायावती ने साधा निशाना, योगी के प्रति चुनाव आयोग मेहरबान क्यों?

India
बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने गुरुवार को ट्वीट कर बीजेपी, योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) और चुनाव आयोग (Election Commission) पर निशाना साधा है। मायावती ने पूछा है कि चुनाव... Live Hindustan Rss feed

जानिए हवाई जहाज में एयरलाइंस कंपनी का खाना क्यों लगता है बेस्वाद

India
हवाई यात्रा के दौरान आमतौर पर यात्री बेकार खाने की शिकायत करते हैं। इसके लिए एयरलाइंस कंपनियों को जिम्मेदार बताया जाता है लेकिन इसके लिए आद्रता (Humidity) जिम्मेदार है। Jagran Hindi News - news:national
World Hemophilia Day 2019 : जानिए क्यों पुरुष ज्यादा होते हैं इस बीमारी के शिकार, इससे बचने के ये उपाय भी जानें

World Hemophilia Day 2019 : जानिए क्यों पुरुष ज्यादा होते हैं इस बीमारी के शिकार, इससे बचने के ये उपाय भी जानें

Health
महिलाओं के इस बीमारी से ग्रस्त होने का खतरा बहुत कम होता है। वे ज्यादातर इस बीमारी के लिए जिम्मेदार आनुवांशिक इकाइयों की वाहक की भूमिका निभाती हैं। हीमोफीलिया दो तरह का होता है, हीमोफीलिया ए और... Live Hindustan Rss feed
जानें क्या है केमिकल पीलिंग और क्यों होती है इसकी जरूरत

जानें क्या है केमिकल पीलिंग और क्यों होती है इसकी जरूरत

Health
त्वचा में आता निखारसुन्दर चेहरा हर किसी को अच्छा लगता है। केमिकल पीलिंग से त्वचा साफ होती है। इसमें चेहरे पर केमिकल लगाते हैं। जिससे त्वचा हटकर नई आ जाती है। इस प्रकिया में एक सप्ताह लग जाता है। पीलिंग में 4 से 6 सप्ताह का अंतराल जरूरी होता पीलिंग का असर लंबे समय तक बना रहे ऐसे में विशेषज्ञ 3-4 बार पीलिंग करवाने की सलाह देते हैं। हर पीलिंग में 4 से 6 सप्ताह का अंतराल रखते हैं। यह डीप एक्सफोलिएट ट्रीटमेंट होता है जो नई परत व कोशिकाओं को त्वचा के ऊपर ले आता है और त्वचा को जवां बना देता है।बचावनई त्वचा पहले से ज्यादा मुलायम और साफ होती है। उपचार के दौरान धूप से बचाव करना चाहिए। गर्म पानी से मुंह न धोएं। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। बच्चों पर पीलिंग नहीं की जाती है। युवाओं पर ज्यादा होती है। विशेषज्ञ तय करते हैं कि किस मरीज पर ये उपचार किया जा सकता है। होती है जलनपीलिंग के दौरान जलन महसूस होत
गहलोत- दिल्ली का अंशदान क्यों बढ़ाया? केंद्र बोला- दिल्ली की देरी से बढ़ी लागत

गहलोत- दिल्ली का अंशदान क्यों बढ़ाया? केंद्र बोला- दिल्ली की देरी से बढ़ी लागत

Delhi
नई दिल्ली.दिल्ली को स्पीड देने वाले मेट्रो फेज-4 में केंद्रीय कैबिनेट की तरफ से दिल्ली कैबिनेट से मंजूर फंडिंग पैटर्न बदलने पर निर्माण कार्य शुरू करने पर दिल्ली सरकार ने रोक लगा दी। वहीं केंद्र सरकार ने कहा कि मेट्रो पॉलिसी-2017 के हिसाब से कानपुर, आगरा, अहमदाबाद, पटना व सूरत में जो फंडिंग पैटर्न अपनाया, वहीं दिल्ली में लागू किया। साथ में कहा कि दिल्ली सरकार ने 4 साल मंजूरी में देरी की। जिससे लागत 5000 करोड़ रुपए बढ़ी और आरआरटीएस में भी पहले एलिवेट स्टेशन को मंजूरी देकर फिर उसे वापस लेने की देरी में 4000 करोड़ रुपए लागत बढ़ गई। फिर अड़ंगा लगाने से लागत बढ़ेगी और लोन वापसी की दिक्कत के अलावा इससे किराए पर भी असर पड़ेगा।कैलाश गहलोत से भास्कर ने दिल्ली में ट्रैफिक कम करने वाले प्रोजेक्ट पर ब्रेक को लेकर बात की। गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार और उनके अधिकारियों ने देरी की है। बिना ड