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Tag: ख़याल

होली के हुड़दंग में एेसे रखें अपने शरीर के अंगों का खयाल

होली के हुड़दंग में एेसे रखें अपने शरीर के अंगों का खयाल

Health
हाेली रंगाें से भरा मस्तीभरा त्याेहार है, हाेली के दिन जिसे देखाे वाे ही तरह-तरह के रंगाें में रंगा नजर आता है। लेकिन हाेली की मस्ती में सराबाेर हाेने के साथ ही हमें अपने शरीर का भी ध्यान रखना चाहिए। ताकि सेहत का रंग फीका ना हाे। आइए जानते हैं हाेली पर कैसें करें अपने अंगाें की देखभाल :- आंखेंज्यादातर रंग एसिडिक होते हैं। आंखों में जाते ही इनसे खुजली या जलन हो सकती है। आंखों में रंग चला जाए तो ठंडे पानी से धोएं। आराम ना मिले पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। नाखूनहोली बीतने के बाद भी नाखूनों के किनारों पर रंग कई दिनों तक लगे रहते हैं, जो बुरे लगते हैं। नाखूनों को सुरक्षा देने के लिए धुलंडी के दिन नेलपॉलिश की मोटी परत लगाएं। नाखून अगर लंबे हैं, तो अंदर की ओर भी हल्की परत लगा सकते हैं। होंठहोंठों की सुरक्षा के लिए लिपस्टिक जरूर लगाएं। हां, इससे पहले वैसलीन की हल्की परत लगा लें। बालहोली खेलने स
होली के जश्न में एेसे रखें अपनी त्वचा का खयाल

होली के जश्न में एेसे रखें अपनी त्वचा का खयाल

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होली सबको प्यारी है। सब इसके रंग में सराबोर होना चाहते हैं लेकिन इससे पहले अपनी त्वचा की सुरक्षा से जुड़े उपायों के बारे में जानना बहुत जरूरी है।होली के रंगों का कई बार त्वचा पर खराब असर होता है, खासकर चेहरे की त्वचा पर , जो कि काफी नाजुक होती है। ऐसे में किस तरह से अपनी त्वचा का ध्यान रखते हुए होली के हुड़दंग में शामिल हुआ जा सकता है।आइए जानते हैं रंगाें के इस त्याेहार पर कैंसे रखें अपना त्वचा खयाल :- बर्फ के टुकड़े रगड़ेंकुछ बर्फ के टुकड़े लें और उन्हें एक साफ सूती कपड़े में लपेटें। 10 से 15 मिनट के लिए उन्हें अपने चेहरे पर रगड़ें। यह सुनिश्चित करेगा कि आपके चेहरे पर जो छिद्र हैं वो बंद हैं और उन सभी से आपकी त्वचा में रासायनिक रंगों का प्रवेश नहीं होगा। अपनी त्वचा और बालों पर तेल लगाएंऑइलिंग केवल आपके बालों तक सीमित नहीं होना चाहिए। आपकी त्वचा को रसायनों से भी बचाना होगा। सुनिश्चित करें
परिवार में किसी को किडनी की दिक्कत तो रखें खास खयाल

परिवार में किसी को किडनी की दिक्कत तो रखें खास खयाल

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शरीर में दो किडनी (गुर्दे) होती है। किडनी लिवर के ठीक नीचे होती है। आंतरिक अंगों में सबसे बड़ी होती है। बाएं तरफ की किडनी दाहिनी की अपेक्षा छोटी होती है। किडनी खून में मौजूद टॉक्सिन्स (विषैले तत्वों) को छान कर साफ करती है जो यूरिन के जरिए बाहर निकलते हैं। इन लक्षणों पर ध्यान देंक्रॉनिक किडनी डिजीज में किडनी पहले फूलती है फिर सिकुड़कर छोटी हो जाती है। इसके लक्षण देर से दिखते हैं। रोगी के पैरों में सूजन, चेहरे पर सूजन, खून की कमी, भूख लगना बंद हो जाना, पेशाब की मात्रा में कमी, शरीर में खुजली, शरीर का रंग काला पडऩा प्रमुख लक्षण हैं। मरीजों में हृदय संबंधी समस्या भी होती है। महिलाओं को माहवारी में ज्यादा दर्द, संबंध के दौरान तकलीफ होती है। इन जांचों से करते बीमारी की पहचानकिडनी बीमारियों की पहचान के लिए ब्लड यूरिया, सिरम क्रिएटिनिन, सिरम इलेक्ट्रोलाइट व किडनी फंक्शन टेस्ट कराते हैं। 40 की उम्र
आंखों का एेसे रखें खयाल, जान लें ये खास बातें

आंखों का एेसे रखें खयाल, जान लें ये खास बातें

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बढ़ते प्रदूषण के स्तर के व कई अन्य कारणों के चलते आंखों में कुछ विशेष प्रकार के रोगों की आशंका बढ़ रही है जिसमें कंजंक्टिवाइटिस समस्या है। इस रोग में आंखों में लालिमा, खुजली, जलन, आंखें चिपकना व धुंधला दिखाई देना जैसे लक्षण हो सकते हैं। जानते हैं इस रोग से बचाव के बारे में। एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस : इस रोग में पीड़ित व्यक्ति की आंखों में तेज खुजली, लालिमा, सूजन, जलन व भारीपन जैसे लक्षण हो सकते हैं। बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस : आंखों में चुभन, लालिमा व पानी आना जैसे लक्षण इस रोग में होने लगते हैं। पीड़ित व्यक्ति को इस दौरान अपना तौलिया/रुमाल/कपड़े आदि अलग रखने चाहिए ताकि संक्रमण दूसरे व्यक्तियों में न फैले। वायरल कंजंक्टिवाइटिस : इससे आंखों में लालिमा व धुंधला दिखाई देने जैसे लक्षण हो सकते हैं। यह वायरल आई फ्लू एडीनोवायरस (टाईप 8 व 19) से होता है। इसमें कभी-कभी कानों के पास कनपटी पर सूजन भी ह
40 के पार जब अक्सर हो तकरार, एेसे रखें अपना खयाल

40 के पार जब अक्सर हो तकरार, एेसे रखें अपना खयाल

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चालीस साल की उम्र के बाद ज्यादातर महिलाओं के स्वभाव में बदलाव आने लगता है। चिड़चिड़ापन, गुस्सा, तनाव व असंतोष बढ़ने लगता है। नतीजन आए दिन पति या बच्चों के साथ तकरार होने लगती है। इस स्थिति से परिजन ही नहीं खुद महिलाएं भी परेशान रहती हैं। हार्मोनल बदलावयह प्रीमेनोपॉज पीरियड होता है जिसमें मूड स्विंग होने लगते हैं। इससे स्वभाव में बदलाव के साथ-साथ मासिक चक्र में गड़बड़ी, हार्मोन असंतुलन, हॉट फ्लश, एकाग्रता में कमी, नींद न आने की समस्या होने लगती हैं। ऐसा एस्ट्रोजन हार्मोन में गिरावट की कमी से होता है। सामाजिक बदलावबच्चे बड़े हो जाते हैं और पढ़ाई या करियर की वजह से बाहर रहने लगते हैं। वे मां से ज्यादा बातचीत नहीं कर पाते। जिससे मां उपेक्षित महसूस करने लगती है। ऐसे में परिवार के लोगों को महिला को सपोर्ट कर उनकी भावनाओं को समझना चाहिए। एेसें रखें अपना खयाल - चालीस की उम्र के बाद अक्सर छोटी- छोट
स्पॉन्डिलाइटिस के मरीज इन बातों का रखें खयाल

स्पॉन्डिलाइटिस के मरीज इन बातों का रखें खयाल

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स्पॉन्डिलाइटिस एक प्रकार की सूजन है, जो हमारी रीढ़ के जोड़ों में होती है। रीढ़ कई जटिल जोड़ों से बनी होती है। यदि किसी भी जोड़ में सूजन आ जाए तो हमें दर्द होने लगता है, जिसे स्पॉन्डिलाइटिस कहते हैं। ऐसा ही एक खास जोड़ है 'इंटरवर्टेब्रल डिस्क' जिसमें एक मुलायम जैल होता है। यह 'शॉक एब्जॉर्बर' का काम करता है और झटके लगने पर रीढ़ को नुकसान होने से बचाता है। लेकिन कई बार जब यह जैल कम हो जाता है तो जोड़ों में अकड़न और दर्द होने लगता है। बढ़ती उम्र, बैठने का गलत तरीका, व्यायाम न करना, खराब जीवनशैली, मोटापा, धूम्रपान, शराब का सेवन, अनियंत्रित डायबिटीज, थायरॉइड, बढ़ा हुआ यूरिक एसिड और कोलेस्ट्रॉल, स्पॉन्डिलाइटिस के प्रमुख कारण हैं। जिसमें पीठ और गर्दन में तेज दर्द होता है। ध्यान रखें - कुछ बातों का ध्यान रखकर हम स्वयं को इस बीमारी से बचा सकते हैं जैसे कि सही ढंग से बैठना, नियमित व्यायाम और सेहतमंद
ऐसे रखें अपने दिल की सेहत का खयाल, जानें ये खास टिप्स

ऐसे रखें अपने दिल की सेहत का खयाल, जानें ये खास टिप्स

Health
दिल हमारे शरीर का सबसे महत्तवपूर्ण अंग हैं इस लिए दिल की सेहत का खयाल रखना सबसे जरूरी है। आइये जानते हैं कुछ खास टिप्स जिससे आपका दिल स्वस्थ रहेगा। डिनर टेबल से नमक की डिब्बी हटा दें। भोजन में एक्स्ट्रा नमक यानी अधिक सोडियम से हायपरटेंशन होता है। रोजाना 2400 मिलीग्राम से अधिक सोडियम न लें यानि दिन भर में सवा चम्मच नमक लें। दिल के लिए चलने की आदत फायदेमंद होगी। आप जितने कदम चलेंगे आपके हृदय का बैलेंस उतना अच्छा होगा।आप जितना ऊपर की ओर जाएंगे ब्लडप्रेशर उतना नीचे जाएगा। यानी स्वस्थ जीवन के लिए सीढीयां चढ़ें, लिफ्ट का इस्तेमाल कम करें या हो सके तो न करें ।एक्सरसाइज की धीमी शुरुआत करें। सप्ताह में पांच बार 30 मिनट तक की शारीरिक गतिविधियां जरूर करें। 15 मिनट के दो सेशन या 10 मिनट के तीन सेशन अलग अलग करें। एक स्वस्थ जीवन के लिए रोजाना कम से कम 5 बार ताजे फल व सब्जियां लें। भोजन करने के तुरंत बाद
मन खुश, तो तन दुरुस्त, एेसे रखें अपनी खुशी का खयाल

मन खुश, तो तन दुरुस्त, एेसे रखें अपनी खुशी का खयाल

Health
मन खुश हो, तो तन दुरुस्त रहता है।अगर आपके पास दुनियाभर की धनदाैलत है, लेकिन मन में खुशी नहीं है ताे सारी दाैलत आपके किसी काम की नहीं है। इसलिए आपकाे वाे काम करने चाहिए जाे आपके मन काे सच्ची खुशी दें।मन खुश हाेगा ताे आप खुश रहेंगे, आप खुश रहेंगे ताे दुनियाभर में आपकाे खुशी नजर आएगी। ताे इसलिए खुश रहने के लिए इन सुझावों को आजमा कर देखें - खुद को एक्सप्रेस करें: अमरीका की वेक फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के अनुसार खुद को खुलकर अभिव्यक्त करने से मन में खुशी के भाव आते हैं। दूसरों के लिए कुछ करें : फोर्ब्स डॉट कॉम के शोध के मुताबिक दूसरों के लिए कुछ करने से खुशी मिलती है। जब हम किसी की मदद करते हैं, अपनों को उपहार देते हैं या उन पर खर्च करते हैं, तो मन को सुकून मिलता है। सकारात्मक सोचें: अपनी सोच सकारात्मक रखें और ऐसे लोगों के साथ रहें, जिनसे आपको प्रेरणा मिल सके। रिश्तों को अहमियतदोस्तों
चुनाव बाद कोई भी मुख्यमंत्री बने, हमारे किसानों और खेतों का खयाल रखना

चुनाव बाद कोई भी मुख्यमंत्री बने, हमारे किसानों और खेतों का खयाल रखना

Rajasthan
जयपुर. शहर के धाकड़खेड़ी एरिया में एक खेत पर मवेशियों से फसल की सुरक्षा के लिए लगाए बिजूका। यहां किसान विनोद ने बताया कि हर बार सरकार किसानों को फसली कर्जा माफी का वादा करती है। लेकिन, दोनों उनकी हसरतों को पूरा नहीं करते हैं। पिछले दिनों लहसुन की फसल पर हुए नुकसान की भरपाई करना तो दूर किसी ने आकर हमारी सुध नहीं ली है। ऐसे में अब फसल की सुरक्षा के लिए इन प्रमुख पार्टियों के मुखिया के बिजूका खेत में लगाकर फसल की सुरक्षा के साथ किसानों की आवाज बुलंद की है। संदेश यही- कोई भी पार्टी चुनाव जीते और कोई भी नेता मुख्यमंत्री बने, उसे किसानों की फिक्र करनी ही चाहिए। यहां प्रतीक के रूप में एक तरफ कांग्रेस के सचिन पायलट हैंै तो दूसरी तरफ भाजपा से वसुधंरा राजे। बिजूका किसान का मूक मित्र है। 15 किसान आत्महत्या कर चुके हैं फसल खराबे के कारण कोटा संभाग में 07 किसान तो कोटा में ही कर्ज क
Women Health – 40 के बाद एेसे रखें अपना खयाल, सेहत रहेगी सदाबहार

Women Health – 40 के बाद एेसे रखें अपना खयाल, सेहत रहेगी सदाबहार

Health
40 की उम्र में हार्मोनल असंतुलन से महिलाओं में शारीरिक व मानसिक बदलाव आते हैं। ताकत व खूबसूरती घटने लगती है। मोटापा बढऩे, हड्डियां व पाचन तंत्र कमजोर होने जैसे लक्षणों में अपने को फिट रखना जरूरी है। इस उम्र में 'एम्प्टीनेस सिंड्रोम' से घबराहट, बेचैनी होता है और आत्मविश्वास भी घटता है। एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी से शारीरिक संतुलन बिगड़ जाता है। ऐसे में व्यायाम व पौष्टिक आहार फिट रखेंगे। सेहत के सूत्रटहलें व व्यायाम करें : रोजाना कम से कम 20 मिनट टहलें। सप्ताह में 3-4 बार 45 मिनट के लिए वर्कआउट करें। शारीरिक व्यायाम के अलावा योग व ध्यान भी मानसिक फिटनेस के लिए जरूरी हैं। सही खानपान : इस उम्र में पोषक तत्वों के हिसाब से डाइट चार्ट बनाएं व उसे लागू करें। सब्जियां, फल, सभी तरह के अनाज, हल्का चिकन और मीट, मछली, कम वसा वाले डेयरी उत्पाद खाएं। अच्छी किताबें पढ़ें व अच्छे से सोएं : मोटिवेशन के लिए सो