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Tag: खानपान

एसिडिटी दूर करने के लिए गर्भावस्था में एेसा रखें अपना खानपान

एसिडिटी दूर करने के लिए गर्भावस्था में एेसा रखें अपना खानपान

Health
आमतौर पर होने वाली एसिड की परेशानी अपच या गलत खानपान के कारण होती है। लेकिन गर्भावस्था के दौरान एसिड की दिक्कत हार्मोन्स के अधिक स्रावित होने या शारीरिक बदलाव के कारण होती है। मसालेदार और तला-भुना खाने से भी दूसरी तिमाही में अक्सर ऐसा होता है। जानें इस बारे में- ये होती हैं परेशानियां हार्मोन्स के ज्यादा बनने से भोजन नली व पेट के बीच स्थित गेस्ट्रिक स्प्रिंचर की मांसपेशी कमजोर होने से एसिड ऊपर की तरफ आता है जिससे सीने के ऊपरी भाग में जलन बढ़ जाती है। आमतौर पर गर्भावस्था की पहली तिमाही में हार्मोन्स के बढ़ने व तीसरी में शिशु का विकास होने से गर्भाशय का आकार बढ़ता है। ऐसे में पेट पर पड़ने वाले दबाव से एसिड भोजन नली में आ जाता है। वहीं दूसरी तिमाही में एसिड रिफ्लक्स गलत खानपान के कारण होता है। इन बातों का ध्यान रखें- खाली पेट न रहें। ओवरईटिंग न करें। - एसिड बनाने वाली गरिष्ठ व अन्य चीजों जैस
थायराइड के मरीज ये खानपान रखेंगे तो रहेंगे स्वस्थ

थायराइड के मरीज ये खानपान रखेंगे तो रहेंगे स्वस्थ

Health
खाने में आयोडीन की मात्रा कम रहे या ज्यादा जा रही है तो समस्या। जीवनशैली में तनाव और गलत खानपान भी वजह। इसके अलावा हृदय, मानसिक बीमारियों के मरीजों को दी जाने वाली दवाओं से भी थायरॉइड की दिक्कत होती है। ये दवाएं लंबे समय तक लेने से हॉर्मोन्स का असंतुलन थायरॉइड डिसऑर्डर की वजह बनता। चिकित्सक से दवाओं में बदलाव कराते रहें। मशरूम : इसमें सेलेनियम की मात्रा अधिक होती है, जो थायरॉइड नियंत्रित करने का काम करता है। इसलिए मरीजों को नियमित प्रयोग करना चाहिए। अंडा : इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, सेलेनियम पाया जाता है। गर्मियों के अलावा नियमित दो अंडे का प्रयोग कर सकते हैं।दही : नियमित दही खाने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इससे थायरॉइड हार्मोन नियंत्रित रहते हैं। शरीर की प्रकृति के अनुसार प्रयोग करना चाहिए। सूखे मेवे : बादाम, अखरोट का प्रयोग कर सकते हैं। आयोडीन के अच्छे स्रोत हैं। थाय
गलत खानपान से हो सकती ये घातक और जानलेवा बीमारियां

गलत खानपान से हो सकती ये घातक और जानलेवा बीमारियां

Health
स्वाद के चक्कर में हम रोजाना ऐसी कई चीजें खाते हैं जो स्वास्थ्य पर भारी पड़ती हैं। जंकफूड, अधिक मात्रा में तला-भुना भोजन, नमक की अधिकता और मांसाहार ऐसी आदतें हैं जो हमें पेट, मुंह और आंतों के कैंसर जैसे गंभीर रोग दे सकती हैं। जानते हैं इनसे होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में। प्रोसेस्ड फूड की अधिकता - प्रोसेस्ड फूड जैसे कैचअप, ब्रेड और बटर आदि में प्रयोग होने वाले आर्टिफिशियल रंग और फ्लेवर एक तरह के कैमिकल होते हैं जो इन चीजों को लंबे समय तक प्रिजर्व रखते हैं। ये कार्सिनोजेनिक कंपाउंड कैमिकल हैं जो पेट, रक्त, पेन्क्रियाज व मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं। साथ ही इन्हें तलने में प्रयोग होने वाले तेल को बार-बार गर्म करने से इसमें कार्सिनोजेनिक कंपाउंड अधिक बनते हैं जो शरीर में स्वस्थ कोशिकाओं को नष्ट कर कैंसर कोशिकाओं को बढ़ाते हैं। अमरीकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशन के अनुसार ज्यादा नमक व

आइए जानें गर्मी के मौसम में कैसा हो आपका खानपान और किस तरह रखें खुद को फिट

India
पसीना डिहाइड्रेशन बेचैनी सुस्ती और ऊर्जा में कमी गर्मी के मौसम में आम लक्षण हैं। हालांकि इस मौसम में हम अगर कुछ सावधानियां रख लें तो बेचैनी और सुस्ती को दूर भगाया जा सकता है। Jagran Hindi News - news:national
जानिए, फिटनेस के लिए क्यों जरूरी है 80 प्रतिशत खानपान और 20 प्रतिशत व्यायाम

जानिए, फिटनेस के लिए क्यों जरूरी है 80 प्रतिशत खानपान और 20 प्रतिशत व्यायाम

Health
खानपान व जीवनशैली में बदलाव से तनाव, थकान, चिड़चिड़ापन, मोटापा, डायबिटीज, हाइपर टेंशन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। शरीर को फिट रखने के लिए फैट, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन्स व मिनरल्स संतुलित मात्रा में लें। शरीर की क्षमता के अनुसार व्यायाम करें। फिटनेस 80 प्रतिशत खानपान व 20 प्रतिशत व्यायाम पर निर्भर करती है। इन सवालों के जवाब जानना जरूरी सवाल : घी को सबसे हैल्दी क्यों कहा जाता है?घी के पोषक तत्व गरम होने के काफी बाद तक नष्ट नहीं होते हैं। खाद्य तेलों में इसका स्मोकिंग प्वाइंट सबसे अधिक होता है। रिफाइंड, सरसों आदि तेलों का स्मोकिंग प्वाइंट कम होता है। गरम करते ही इनमें मौजूद पोषक तत्व नष्ट होने लगते हैं। सवाल:खमीर वाली चीजें सेहत के लिए कितनी फायदेमंद हंै? खमीर (फर्मेंटेशन) में अ'छे बैक्टीरिया होते हैं जो हाजमे के लिए बहुत अ'छे हैं। जैसे साउथ इंडियन डाइट इडली, डोसा, खमण आदि इसी प्रक्रि
डायरिया से बचने के लिए खान-पान पर रखें ध्यान

डायरिया से बचने के लिए खान-पान पर रखें ध्यान

Health
गर्मी का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां लेकर आता है। इनमें से एक है डायरिया। दुनिया भर में इस बीमारी से हर साल लगभग 40 लाख लोगों की मौत हो जाती है। अगर आप समय पर सावधान रहें, तो इस बीमारी से बचे... Live Hindustan Rss feed
हेपेटाइटिस से बचने के लिए प्रेग्नेंसी में एेसा होना चाहिए खानपान

हेपेटाइटिस से बचने के लिए प्रेग्नेंसी में एेसा होना चाहिए खानपान

Health
हेपेटाइटिस के लगभग 15 फीसदी मरीजों का इलाज सफलतापूर्वक हो जाता है। केवल 2-5 फीसदी मरीजों में हेपेटाइटिस ज्यादा गंभीर होकर जानलेवा हो जाता है। लेकिन गर्भवती महिलाओं में हेपेटाइटिस-ई का खतरा 10 फीसदी से अधिक तक बढ़ जाता है। इसकी वजह प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में बॉडी स्ट्रेस का बढ़ना है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है। जब प्रेग्नेंट महिला हेपेटाइटिस-ई की चपेट में आती है तो बॉडी स्टे्रस के साथ वायरल का दबाव भी बढ़ने लगता है। इससे गर्भपात होने की आशंका रहती है। दूसरी तरफ हेपेटाइटिस-बी की तरह हेपेटाइटिस-ई से भी गर्भ में पल रहे बच्चे को संक्रमण की आशंका अधिक रहती है। पीलिया को न करें नजरअंदाज - गर्भावस्था के दौरान पीलिया की शिकायत है तो तुरंत हेपेटाइटिस की जांच कराएं। किसी भी प्रकार का हेपेटाइटिस हो, नजरअंदाज किए बिना इलाज गंभीरता से कराना चाहिए। हेपेटाइटिस-ई हो तो अधिक सावधानी बरतें। ह
संतुलित खानपान बनाएगा सेहतमंद, जानें इस खास डाइट प्लान के बारे में

संतुलित खानपान बनाएगा सेहतमंद, जानें इस खास डाइट प्लान के बारे में

Health
खराब खानपान ज्यादातर बीमारियों के लिए जिम्मेदार माना जाता है। यदि हम चाहें तो इससे जुड़ी कुछ आदतों को बदलकर रोगों की आशंका को कम कर सकते हैं। जानते हैं सामान्य व्यक्ति के फिट रहने के लिए कैसा होना चाहिए डाइट प्लान- सबसे पहले उठते ही 1-2 गिलास पानी पिएं इससे मेटाबॉलिज्म दुरुस्त रहता है।सुबह 7 से 7:30 बजे के बीच एक कप कम चीनी या बिना चीनी की चाय व साथ में दो हाई फाइबर बिस्किट खा सकते हैं। 9 बजे हैवी बे्रकफास्ट होना चाहिए जिसमें गेहूं का दलिया (सर्दियों में बाजरे व मक्के का भी ले सकते हैं), ओट्स या एक रोटी लेंं। इनके अलावा अंकुरित अनाज जरूर खाएं व एक गिलास बिना मलाई का दूध पिएं। 11:30 बजे एक मौसमी फल लें।दोपहर 1 से 1:30 बजे के बीच लंच लें। इसमें सब्जी या दाल, 3 चपाती, दही या रायता और ज्यादा से ज्यादा सलाद खाना चाहिए। शाम 4 बजे 1 कप ग्रीन टी या लेमन टी लें। साथ में रोस्टेड चने या बिस्किट आदि ल
बथुए को बनाएं अपने खानपान का हिस्सा

बथुए को बनाएं अपने खानपान का हिस्सा

Health
कई रोगों में कारगरबथुआ कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। डॉक्टरों के मुताबिक इसमें आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके साग को नियमित रूप से खाने से कई रोगों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। इससे गुर्दे में पथरी होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। गैस, पेट में दर्द और कब्ज की समस्या भी दूर होती है।बथुए के बारे में आर्युवेदाचार्यों का मानना है कि कच्चे बथुआ के एक कप रस में थोड़ा सा नमक मिला कर रोजाना खाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। गुर्दा, मूत्राशय और पेशाब के रोगों में बथुए का रस पीने से काफी लाभ मिलता है। बथुए को उबालकर इसके रस में नींबू, नमक और जीरा मिला कर पीने से पेशाब में जलन और दर्द नहीं होता।सिर में अगर जुएं हों तो बथुए को उबालकर इसके पानी से सिर धोएं। जुएं मर जाएंगी और सिर भी साफ होगा। सफेद दाग, दाद, खुजली फोड़े और चर्म रोगों में बथुए को प्रतिदिन उबाल कर इसका रस पीना चाहि
Celebrity Tips : सेहत के लिए नियम से व्यायाम और खान-पान जरूरी : वरूण

Celebrity Tips : सेहत के लिए नियम से व्यायाम और खान-पान जरूरी : वरूण

Health
अभिनेता वरुण धवन की लोकप्रियता में उनकी फिटनेस का भी खूब योगदान है। वे अपनी फिटनेस का ध्यान कैसे रखते हैं और उसके लिए क्या-क्या करते हैं, उनसे बातचीत कर उनकी फिटनेस के राज साझा कर रही हैं साक्षी... Live Hindustan Rss feed