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चिकनपॉक्स का उपचार करें, झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें, जानें ये खास बातें

चिकनपॉक्स का उपचार करें, झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें, जानें ये खास बातें

Health
चिकनपॉक्स वेरीसेला जोस्टर नामक वायरस से होने वाली समस्या है। यह एक प्रकार का संक्रामक रोग है जो खांसने, छींकने, छूने या रोगी के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। अधिकतर पीड़ित बच्चे - नवजात से लेकर 10-12 साल की उम्र के बच्चों को चिकनपॉक्स की समस्या ज्यादा होती है लेकिन कई मामलों में ये इससे अधिक उम्र के लोगों को भी हो सकती है। एक बार यह रोग होने और इसका पूरा इलाज लेने के बाद इसके दोबारा होने की आशंका कम हो जाती है लेकिन 50 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण यह बीमारी फिर से हो सकती है। इसके अलावा गर्भवती महिलाएं, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग, लंबे समय से किसी बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति और चिकनपॉक्स से पीडि़त मरीज के सीधे संपर्क में आने से भी यह रोग हो सकता है।   डॉक्टरी सलाह जरूरी - मरीज को यदि चिकनपॉक्स के साथ बैक्टीरिया का संक्रमण, मेनिनजाइटिस (दिम
कहीं आप भी तो नहीं खाते एेसा भोजन, फूड सेफ्टी के लिए जान लें ये खास बातें

कहीं आप भी तो नहीं खाते एेसा भोजन, फूड सेफ्टी के लिए जान लें ये खास बातें

Health
विशेषज्ञों के अनुसार दूषित खाद्य पदार्थ खाने से 200 से ज्यादा रोग हो सकते हैं। जानते हैं इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में। खाद्य सुरक्षा जरूरी - भोजन को इस प्रकार तैयार और स्टोर करना ताकि खानपान से जुड़ी बीमारियों को रोका जा सके, खाद्य सुरक्षा कहलाता है। फल-सब्जियों पर प्रभाव - फलों व सब्जियों का आकार बढ़ाने के लिए इंजेक्शन लगाए जाते हैं, कीटनाशकों का अधिक मात्रा में प्रयोग कर फसलों का उत्पादन बढ़ाया जाता है। चीकू, पपीता, आम, केला, सेब व तरबूज ऐसे फल हैं जिन्हें जल्दी पकाने के लिए सबसे ज्यादा रसायनों का प्रयोग होता है। दूध के लिए ध्यान रहे - अक्सर लोग एक बार मार्केट से दूध लाने के बाद इसे उबालते रहते हैं जिससे यह गाढ़ा हो जाता है। ऐसा दूध बढ़ते बच्चों के लिए तो सही होता है क्योंकि उन्हें प्रोटीन और कैलोरी ज्यादा चाहिए होती है। लेकिन ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग होन
जान लें अपने दिमाग के बारे में ये खास बातें

जान लें अपने दिमाग के बारे में ये खास बातें

Health
दिमाग शरीर का सबसे ज्यादा वसा वाला अंग है। इसमें शरीर की कुल वसा का लगभग 60 प्रतिशत होता है। जब हम जागते रहते हैं तो दिमाग 10-23 वॉट के बराबर शक्ति उत्पन्न करता है जो एक बल्ब को जलाने के लिए पर्याप्त होती है। हमारे दिमाग का 70-75 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है। मस्तिष्क का खास हिस्सा ग्रे मैटर असल में गुलाबी होता है और यह सूचनाओं के आदान-प्रदान और सहज बुद्धि के लिए जिम्मेदार होता है।ऐसे बच्चे जो पांच साल की उम्र में दो भाषाएं सीख जाते हैं, दूसरे बच्चों की तुलना में उनके दिमाग की संरचना में बदलाव आता है और जब वे वयस्क होते हैं तो उनका ग्रे मैटर ज्यादा घना होता है। रेत के एक कण के बराबर दिमाग के हिस्से में एक लाख न्यूरॉन्स और एक अरब सिनोप्सिस होते हैं और ये सभी एक-दूसरे के साथ सीधे जुड़कर बातें करते हैं। कई बार किसी दूसरे इंसान को उबासी लेते देख हमें भी उबासी आने लगती है। ऐसा इसलिए होता
खुश और तंदुरुस्त रहने के लिए जान लें ये खास फॉर्मूले

खुश और तंदुरुस्त रहने के लिए जान लें ये खास फॉर्मूले

Health
स्वस्थ जीवन के लिए कुछ ऐसे नियम अपनाएं जाने चाहिए जो सदियों से सबके लिए आदर्श रहे हैं। जीवन को खुशी और तंदुरुस्ती के साथ बिताना हर इंसान की चाहत होती है लेकिन आज के दौर की जीवनशैली में वह इस हद तक फंस जाता है कि स्वस्थ रहना ही भूल जाता है। जीवन में अगर कुछ खास नियमों को अपनाया जाए तो हम खुशी और तंदुरुस्ती दोनों पा सकते हैं। बिस्तर छोड़ें जल्दी - अगर आप जल्दी जागते हैं तो कई बीमारियों से दूर रह सकते हैं। आप सोते रह जाते हैं तो सेहत भी सो जाती है। ध्यान रहे कि मौसम कैसा भी हो आपके उठने का समय ही तय करता है कि आपकी सेहत कैसी होगी और पूरा दिन कैसा गुजरेगा। जल्दी उठने के लिए जरूरी है कि आप समय पर सो जाएं। सुबह उठने के बाद तीन से चार गिलास पानी पीने की आदत बनाएं इससे शरीर से विषैले पदार्थ दूर होते हैं और रोग आपको बार-बार परेशान नहीं करते। व्यायाम को बनाएं आदत - सुबह जल्दी उठकर वर्कआउट या एक्सरसा

भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऑकलैंड में खेले गए दूसरे टी-20 मैच की खास बातें…

Indian Sports
भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऑकलैंड में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराकर सीरीज में बराबरी कर ली। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 158 रन बनाए और टीम इंडिया को 159 ... खेल-संसार
मच्छरों को देसी तरीकों से भगाएं, जानें ये खास टिप्स

मच्छरों को देसी तरीकों से भगाएं, जानें ये खास टिप्स

Health
गर्मी के मौसम की शुरुआत होने लगी है इसके साथ ही मच्छर भी पनपना शुरू होने लगे हैं। ऐसे में कुछ प्राकृतिक तरीकों को अपनाकर मच्छरों से बचा जा सकता है। आइये जानते हैं इसके बारे में... लौंग का तेल : कई शोधों में यह प्रमाणित हो चुका है कि लौंग के तेल की महक से मच्छर दूर भागते हैं। लौंग के तेल को नारियल तेल में मिलाकर त्वचा पर लगाएं। अजवायन पाउडर : एक शोध के अनुसार अजवायन से मच्छर दूर रहते हैं, जिन जगहों पर मच्छर अधिक आते हैं, वहां पर अजवायन या इसका पाउडर डाल दें। सोयाबीन तेल : सोयाबीन के तेल से त्वचा की हल्की मसाज करें। इससे मच्छर दूर रहेंगे। इसके अलावा नीलगिरी का तेल भी बहुत कारगर है। गेंदे का फूल : इसकी सुगंध न सिर्फ आपको ताजगी से भर देती है बल्कि मच्छर भी भगाती है। गेंदे का पौधा न सिर्फ अपने बगीचे में लगाएं बल्कि बालकनी में भी इन्हें जगह दें, जिससे शाम के समय मच्छर आपके घर में न आएं। गोबर के
बेहद खास है ये बेड… इस पर सोने वाला अपनी पोजिशन करेगा चेंज, तो नींद में ही उसे पुरानी जगह पर कर देगा शिफ्ट

बेहद खास है ये बेड… इस पर सोने वाला अपनी पोजिशन करेगा चेंज, तो नींद में ही उसे पुरानी जगह पर कर देगा शिफ्ट

India
न्यूज डेस्क। फोर्ड मोटर्स ने ऐसा 'स्मार्ट बेड' प्रोटोटाइप बनाया है, जो इस पर सोने वालों को उनकी पोजिशन पर रखता है। यानी सोते-सोते कोई इंसान नींद में शिफ्ट होगा तब बेड उसे वापस उसी पोजिशन पर पहुंचा देगा। ये बेड प्रेशर सेंसर और कन्वेयर बेल्ट की मदद से लोगों को उनकी साइड पर रखता है। इस बेड के माध्यम से फोर्ड ने अपनी ड्राइवर-असिस्ट टेक्नोलॉजी को हाइलाइट करना चाहती है। इस टेक्नोलॉजी से स्टीयरिंग खुद-ब-खुद घुमकर गाड़ी को सही लेन में ले आती है। वीडियो में देखें ये बेड कैसे काम करता है... Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Ford Uses Driver Assist Tech To Keep Bed Hogs On Their Side Dainik Bhaskar
Nokia 9 PureView के बारे में सामने आई ये खास जानकारी

Nokia 9 PureView के बारे में सामने आई ये खास जानकारी

Indian Technology
Nokia 9 PureView इस महीने लॉन्च किया जा सकता है। टेक जगत के मुताबिक, लॉन्च होने से पहले ही नोकिया 9 प्योरव्यू के स्पेसिफिकेशन की जानकारी लीक हो गई है। गूगल एंड्रॉयड एंटरप्राइज कैटलॉग पर नोकिया 9प्योर... Live Hindustan Rss feed

अल्‍पसंख्‍यकों को लेकर तजम्मुल हुसैन ने दिया था ऐतिहासिक भाषण, जानें इसके खास तथ्‍य

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भारत में आखिर कौन अल्‍पसंख्‍यक है, इसको लेकर काफी समय से बहस चल रही है। लेकिन जवाब अब तक नहीं मिला। मगर अब सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद इसका जवाब मिलने की उम्‍मीद है। Jagran Hindi News - news:national