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Tag: गर्भावस्था

गर्भावस्था और जन्म के बाद 1,000 दिन तक उचित पोषण जरूरी

गर्भावस्था और जन्म के बाद 1,000 दिन तक उचित पोषण जरूरी

Health
गर्भावस्था और जन्म के बाद के पहले 1,000 दिन नवजात के शुरुआती जीवन की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है। आरंभिक अवस्था में उचित पोषण नहीं मिलने से बच्चों के मस्तिष्क विकास में भारी नुकसान हो सकता है, जिसकी भरपाई नहीं हो पाती है। शिशु के शरीर का सही विकास नहीं होता तथा उनमें सीखने की क्षमता में कमी, स्कूल में सही प्रदर्शन नहीं करना, संक्रमण और बीमारी का अधिक खतरा होने जैसी कई अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। गर्भावस्था और जन्म के बाद पहले वर्ष का पोषण बच्चों के मस्तिष्क और शरीर के स्वस्थ विकास और प्रतिरोधकता बढ़ाने में बुनियादी भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इंसान की जिंदगीभर का स्वास्थ्य उसके पहले 1000 दिन के पोषण पर निर्भर करता है। इस अवधि में उसे मिले पोषण का संबंध उस पर मोटापा और क्रॉनिक बीमारियों से भी है। नवजात शिशु और बच्चे की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए उसे जन्म के एक घंटे के अंदर
गर्भावस्था के दौरान सही आहार जरूरी

गर्भावस्था के दौरान सही आहार जरूरी

Health
गर्भावस्था ऐसा समय है जब मां को अच्छे पोषण की जरूरत होती है। इस दौरान सही पोषण बच्चे के विकास और मां के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए जरूरी है। माताओं को ध्यान रखना चाहिए कि उनके पोषण में विटामिन और मिनरल्स की कमी न हो। गर्भावस्था के दौरान सही डायट चार्ट बनाना और उसका पालन करना जरूरी है। गर्भवती माताओं के लिए अपने पोषण की जरूरतों का खास ध्यान रखने में मदद करने के लिए हम आपको कुछ सुझाव दे रहे हैं। * गर्भावस्था के दौरान आप जो भी आहार लेती हैं, उससे न केवल आपके शरीर को पोषण मिलता है, बल्कि आपके पेट में पल रहे बच्चे का भी विकास होता है। हर दिन के साथ आपक ी मैक्रो एवं माइक्रो न्यूट्रिएन्ट्स की जरूरत बढ़ती जाती है। * आपको हर ग्रुप का भोजन अपने आहार में शामिल करना चाहिए। इससे आपके लिए यह ध्यान में रखना आसान हो जाता है कि आप क्या खा रही हैं। जरूरी है कि हर भोजन में कम से कम तीन ग्रुप संतुलित मात्र

Drumstick का सेवन डायबिटीज, दमा, पथरी, और गर्भावस्था में फायदेमंद

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सहजन औषधीय गुणों से भरपूर है । इसकी फली के अचार और चटनी कई बीमारियों से मुक्ति दिलाने में सहायक हैं। यह जिस जमीन पर यह लगाया जाता है, उसके लिए भी लाभप्रद है। Jagran Hindi News - news:national
गर्भावस्था में करा सकते हैं दांत का इलाज

गर्भावस्था में करा सकते हैं दांत का इलाज

Health
अक्सर लोग दांतों के बारे में गलत अवधारणा बना लेते हैं। कई बार तो डेंटिस्ट के पास जाने से भी कतराते हैं। ये भ्रम दांतों और मसूड़ों के लिए दिक्कत पैदा करते हैं। जानिए ऐसी 1 0 भ्रातियों के बारे में जिनसे लोग आमतौर पर भ्रमित रहते हैं। भ्रांति-1ऊपर के दांत निकलवाने से आंखें कमजोर हो जाती हैं।सच : दांतों और आंख का अंदरुनी तौर पर कोई जुड़ाव नहीं होता। इसलिए ऊपर के दांत निकलवाने के बाद आंखोंं की रोशनी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। भ्रांति-2छोटे बच्चों के दांतों के लिए ब्रश का प्रयोग न करें।सच : जैसे ही बच्चे के मुंह में पहला दांत दिखना शुरू हो, उसकी सफाई शुरू कर दें। हां, ब्रश छोटे हेड वाला व सॉफ्ट हो। बच्चे को सुबह और रात के समय ब्रश जरूर कराएं। भ्रांति-3 सफाई कराने से दांत कमजोर हो जाते हैं। सच : दांतों को हड्डी से मजबूती मिलती है। ठीक से ब्रश न करने पर दांतों पर परत जमने लगती है, जिसे प्लाक कहते
गर्भावस्था में धूम्रपान करने से बच्चे की सुनने की शक्ति को खतरा

गर्भावस्था में धूम्रपान करने से बच्चे की सुनने की शक्ति को खतरा

Health
शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर आप मां बनने की योजना बना रही हैं, तो धूम्रपान छोड़ दीजिए। गर्भावस्था के दौरान या जन्म के बाद आपके बच्चे के तंबाकू के संपर्क में आने से उसकी श्रवण शक्ति को नुकसान हो सकता... Live Hindustan Rss feed
इन टिप्स की मदद से गर्भावस्था में नहीं होगी जी मिचलाने की समस्या

इन टिप्स की मदद से गर्भावस्था में नहीं होगी जी मिचलाने की समस्या

Health
गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीनों में गर्भवती महिलाओं को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसमें जी मिचलाना, उबकाई आना या उलटी आना सबसे आम दिक्कतें होती हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ वंदना गावड़ी का... Live Hindustan Rss feed
गर्भावस्था में बाएं करवट सोने से शिशु को होता ऐसे फायदा

गर्भावस्था में बाएं करवट सोने से शिशु को होता ऐसे फायदा

Health
गर्भावस्था के दौरान बाएं करवट होकर सोना चाहिए। इससे प्लेसेंटा में प्रचुर मात्रा में ब्लड और दूसरे पोषक तत्त्व जाते हैं। इस दौरान पैरों और घुटनों को मोडकऱ रखना चाहिए और पैरों के बीच में तकिया लगाकर रखना चाहिए। इससे बैक पेन में भी आराम मिलता है। पीठ के बल सोने से पीठ में दर्द के साथ सांस लेने संबंधी समस्या होने के साथ पाचनतंत्र और ब्ल्ड प्रेशर कम होने का खतरा रहता है जिससे गर्भस्थ शिशु को नुकसान हो सकता है। पेट के बल सोने से सांस लेने में तकलीफ होने के साथ उठने और बैठने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। परेशानी को नजरअंदाज न करें गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी किसी भी तरह की परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। छोटी सी तकलीफ को नजरअंदाज करना जच्चा-बच्चा दोनों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान महिला को खानपान के साथ आराम पर ध्यान देना चाहिए जिससे शरीर में ऊर्जा बनी र
गर्भावस्था में मोटापे से शिशु की सेहत पर हो सकता है असर : अध्ययन

गर्भावस्था में मोटापे से शिशु की सेहत पर हो सकता है असर : अध्ययन

Health
यह तो हम सभी जानते हैं कि गर्भावस्था में मां की सेहत का गर्भ में पल रहे शिशु पर भी पड़ता है। फ्रांस में हुए एक अध्ययन में विशेषज्ञों ने कहा है कि इस दौरान मां का वजन बढ़ना सामान्य है, मगर मोटापे... Live Hindustan Rss feed