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मंदिर में हत्या कर शव नदी में फेंका, खून की लकीर से पता चला

मंदिर में हत्या कर शव नदी में फेंका, खून की लकीर से पता चला

Rajasthan
कोटड़ा (उदयपुर)। उदयपुर के कोटड़ा में बीती रात अज्ञात व्यक्ति की मंदिर में हत्या कर शव तालाब में फेंक दिया गया। सुबह मंदिर आने पर हत्या का पता चला। पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से नदी से शव को निकाला। मृतक की शिनाख्त नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।पुलिस के अनुसार कोटड़ा के महादेव (पीपलेश्वर) मंदिर में पुजारी ने खून के निशान देखे। यह देख वह घबरा गया तथा ग्रामीणों को सूचना दी। थोड़ी ही देर में वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। खून के निशान पास ही बहने वाली नदी तक गए थे। पुजारी ने इसकी सूचना जिला परिषद सदस्य कैलाश लखारा को दी।कैलाश ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना पर डिप्टी निरंजन चारण तथा एसएचओ देवी सिंह वहां पहुंचे। पुलिस ने आकर ग्रामीणों की सहायता से नदी में शव की आशंका में तलाश की।नदी में पानी कम होने के कारण थोड़ी ही देर में शव मिल गया।मृतक के सिर में
चाय की दुकान से राजकुमारी दीया ने किया अभियान का श्री गणेश, कभी ली चाय की चुस्की तो कभी बीच रास्ते चला सेल्फी का दौर

चाय की दुकान से राजकुमारी दीया ने किया अभियान का श्री गणेश, कभी ली चाय की चुस्की तो कभी बीच रास्ते चला सेल्फी का दौर

Rajasthan
जयपुर (राजस्थान)।पूर्व राजकुमारी और सवाई माधोपुर से विधायक रहीं दीया कुमारी ने बुधवार को जयपुर में चाय की दुकान से भाजपा के अभियान का श्रीगणेश किया। इस दौरानदीया कुमारी ने कभी चाय की चुस्की ली तो कभी चाय पीते-पीते सेल्फी ली। यही नहीं उन्होंने अपने हाथों से घरों और दुकानों पर अभियान से जुड़े स्टीकर भी चिपकाए।दीया कुमारी बोलीं- यहां की चाय बहुत फेमस है- दीया कुमारी गुरुवार कोभाजपा के लिए प्रचार करती दिखीं। उन्होंने शहर में लोगों के बीच बैठकर चाय की चुस्की भी ली। दीया ने गुलाबी शहर में भाजपा के 'मेरा परिवार, भाजपा परिवार' कैंपेन की शुरुआत की। उन्होंने कई घर और दुकानों पर भाजपा के स्टीकर चिपकाए।- इस दौरान उन्होंने कहा कि चाय की दुकान में पहली बार आने का मौके मिला। यहां की चाय बहुत फेमस है। मुझे भाजपा के अभियान का प्रभारी बनाया गया है।उसकी हम यहीं से शुरुआत कर रहे हैं
रोते हुए भाई बोला- भतीजी की शादी से सुबह 5 बजे लौटे थे, वीरेंद्र को कहा था-नींद पूरी कर ले, गाड़ी मत चला

रोते हुए भाई बोला- भतीजी की शादी से सुबह 5 बजे लौटे थे, वीरेंद्र को कहा था-नींद पूरी कर ले, गाड़ी मत चला

Haryana
झज्जर।भतीजी की शादी से लौट रहे परिवार की कार की रईया-डाबला मार्ग पर सुबह 7 बजे ट्रक से सीधी टक्कर में पांच लोगों की मौत हो गई। पति-पत्नी और दो बच्चों समेत 5 लोगों की मौत से कासनी में शोक की लहर है। गांव में घर में ही परचून की छोटी सी दुकान चलाने वाले वीरेंद्र धनखड़ का पूरा परिवार सड़क हादसे में खत्म हो गया। वहीं, गाड़ी में बैठे गांव के सुनील की भी इसी हादसे में मौत हो गई। वीरेंद्र का भाई महेंद्र झज्जर पुरानी तहसील रोड पर अपने परिवार के साथ रहता है।महेंद्र के पास सबसे पहले अपने भाई और उसके परिवार की मौत की सूचना पहुंची। सिविल अस्पताल में बिलखते हुए महेंद्र बोला कि हम सभी लोग बुधवार सुबह 5 बजे के करीब भाई सतीश की बेटी की विदाई करके शादी के बाद झज्जर आ गए थे। झज्जर आकर मैंने वीरेंद्र को बोला था कि यहीं झज्जर में घर पर नींद पूरी कर ले। बच्चे भी थके हुए हैं। सुबह निकल जाना।
रोते हुए भाई बोला-भतीजी की शादी से सुबह 5 बजे लौटे थे, वीरेंद्र को कहा था-नींद पूरी कर ले, गाड़ी मत चला

रोते हुए भाई बोला-भतीजी की शादी से सुबह 5 बजे लौटे थे, वीरेंद्र को कहा था-नींद पूरी कर ले, गाड़ी मत चला

Haryana
झज्जर (राजस्थान). भतीजी की शादी से लौट रहे परिवार की कार की रईया-डाबला मार्ग पर सुबह 7 बजे ट्रक से सीधी टक्कर में पांच लोगों की मौत हो गई। पति-पत्नी और दो बच्चों समेत 5 लोगों की मौत से कासनी में शोक की लहर है। गांव में घर में ही परचून की छोटी सी दुकान चलाने वाले वीरेंद्र धनखड़ का पूरा परिवार सड़क हादसे में खत्म हो गया। वहीं, गाड़ी में बैठे गांव के सुनील की भी इसी हादसे में मौत हो गई।वीरेंद्र का भाई महेंद्र झज्जर पुरानी तहसील रोड पर अपने परिवार के साथ रहता है। महेंद्र के पास सबसे पहले अपने भाई और उसके परिवार की मौत की सूचना पहुंची। सिविल अस्पताल में बिलखते हुए महेंद्र बोला कि हम सभी लोग बुधवार सुबह 5 बजे के करीब भाई सतीश की बेटी की विदाई करके शादी के बाद झज्जर आ गए थे। झज्जर आकर मैंने वीरेंद्र को बोला था कि यहीं झज्जर में घर पर नींद पूरी कर ले। बच्चे भी थके हुए हैं। सुबह
शहीद बेटे का शव देख फूट-फूटकर रोने लगी मां, कहा- मीठी-मीठी बातें करके चला गया, एक बार तो छाती से लगा जाता…पत्नी बेहोश-10 माह के बेटे ने दी मुखाग्नि

शहीद बेटे का शव देख फूट-फूटकर रोने लगी मां, कहा- मीठी-मीठी बातें करके चला गया, एक बार तो छाती से लगा जाता…पत्नी बेहोश-10 माह के बेटे ने दी मुखाग्नि

Haryana
रेवाड़ी। पुलवामा के पिंगलेना में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए रेवाड़ी के राजगढ़ गांव के शहीद हरी सिंह का मंगलवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। हरी सिंह को उनके 10 महीने के बेटे लक्ष्य ने मुखाग्नि दी। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी। भारत माता के जयकारों के साथ राजगढ़ गांव गूंज उठा।दिल्ली से चला था पार्थिव शरीर, जैसे-जैसे आगे बढ़ते गए लोग जुड़ते गएशहीद हरी सिंह के पार्थिव शरीर को हवाई मार्ग से सोमवार शाम को दिल्ली ले आया गया था। वहां से सुबह 6.30 बजे भारतीय सेना के जवान उन्हें राजगढ़ के लिए लेकर निकले। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत गुड़गांव से काफिले के साथ चले थे। जैसे-जैसे काफिला गांव की तरफ बढ़ता गया लोगों का जमावड़ा जुड़ता चला गया। राजगढ़ से लगभग 5 किलोमीटर पहले हजारों की संख्या में लोग भारत माता के जयकारों और हरी सिंह अमर रहे के
आखिरी सहारा भी चला गया…घर में कोई कमाने वाला नहीं था, हालात ऐसे कि गुजारा चलाने मनरेगा में मजदूरी करती है शहीद की पत्नी

आखिरी सहारा भी चला गया…घर में कोई कमाने वाला नहीं था, हालात ऐसे कि गुजारा चलाने मनरेगा में मजदूरी करती है शहीद की पत्नी

Rajasthan
उदयपुर/राजसमंद।राजसमंद जिले ने उड़ी हमले में अपने सपूतपुलवामा में नारायणलाल को न्यौछावर कर दिया। 700 घरों की बस्ती वाले बिनोल गांव में शहीद नारायणलाल गुर्जर को अंतिम विदाई दी गई। गुरुवार देर रात करीब 1 बजे दैनिक भास्कर के फोन से ही परिवार वालों को पता चला कि घर का एकमात्र कमाऊ नारायण शहीद हो गया है। तब से ही घर-परिवार के साथ गांव में मातम पसरा है। शनिवार को शहीद का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।सबसे हैरानी की बात तो ये है कि 4 विधानसभा क्षेत्रों वाले इस जिले से शुक्रवार शाम 7 बजे तक भी परिवार को ढाढ़स बंधाने के लिए ही सही न तो कोई सांसद-विधायक पहुंचा और न ही कोई बड़ा अफसर। कलेक्टर और एसपी भी शाम तक नहीं पहुंचे। जबकि राजसमंद जिला मुख्यालय से यह गांव सिर्फ 15 किमी दूर है। इससे लोगों में भारी रोष भी है। कुछ लोग चर्चा कर रहे हैं- टीवी में तो गुरुवार शाम से ह
पुलवामा हमलाः 78 गाड़ियों के काफिले में रेड फ्लैग की गाड़ी चला रहा था ये जवान, अचानक दो गाड़ी के पीछे हवा में उड़ी एक गाड़ी..उतरकर देखा तो साथियों के चीथड़े उड़ चुके थे

पुलवामा हमलाः 78 गाड़ियों के काफिले में रेड फ्लैग की गाड़ी चला रहा था ये जवान, अचानक दो गाड़ी के पीछे हवा में उड़ी एक गाड़ी..उतरकर देखा तो साथियों के चीथड़े उड़ चुके थे

Rajasthan
सीकर (राजस्थान). कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के जिस काफिले पर फिदायीन हमला हुआ, उसमें थोई कल्याणपुरा के रहने वालेराजकुमार झाझड़िया भी मौजूद थे। हमले के बाद राजकुमार का परिवार चिंतित हो गया। चार घंटे तक उन्हें फोन लगाते रहे, लेकिन बात नहीं हो पाई। बाद में जब राजकुमार ने खुद के सेफ होने की जानकारी दी, तो घरवालों के जान में जान आई। राजकुमार झाझड़िया सीआरपीएफ में ड्राइवर हैं। उनकी तैनाती कश्मीर में है। उन्होंने दैनिक भास्कर से इस घटना की आंखोंदेखी बयां की है।आंखों के सामने 40 साथी शहीद हो गएराजकुमार झाझड़िया ने बताया, फोर्स की 78 गाड़ियां कतार में चल रही थी। मैं काफिले में रेड फ्लैग पार्टी की गाड़ी चला रहा था। मेरी गाड़ी सबसे आगे थी। अचानक दो गाड़ियों के पीछे की गाड़ी जोरदार धमाके के साथ हवा में उछल गई। साथी संभल नहीं सके। अफरा-तफरी मच गई। साथियों ने मोर्चा संभाला और जवानों
आतंकी हमले में उड़ाई सीआरपीएफ की बस को मोगा के जवान जैमल सिंह चला रहे थे

आतंकी हमले में उड़ाई सीआरपीएफ की बस को मोगा के जवान जैमल सिंह चला रहे थे

Punjabi Politics
मोगा.जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर फिदाइन हमले में बस के परखच्चे उड़ गए। आतंकी हमले में 44 जवान शहीद हो गए, इनमें मोगा जिले के कस्बा कोटइसेखां निवासी जवान जैमल सिंह भी शामिल हैं, जो कि बस चला रहे थे। जैमल सिंह ड्राइवर थे। जवान के शहीद होने की खबर जालंधर में रह रही उनकी पत्नी सुखजीत कौर को मिली तो उसकी हालत बिगड़ गई है। उनका रो-रो कर बुरा हाल है, जबकि शहीद जवान का छह साल का एक बेटा भी है। 19 साल की उम्र में सीआरपीएफ में भर्ती हो गए थे जैमल सिंह :जवान जैमल सिंह का जन्म 26 अप्रैल 1974 को हुआ था। 19 साल की आयु में सीआरपीएफ में भर्ती हो गए थे। परिजनों ने बताया कि आतंकी हमला उस समय हुआ जब उनकी यूनिट एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट की जा रही थी और जैमल सिंह बस चला रहे थे। जैसे ही सीआरपीएफ की गाड़ियों का काफिला पुलवामा के निकट पहुंचा।इतने में एक आतंकी ने विस्फोट स

किसी को पता भी नहीं चला और खेलते-खेलते बिजली के खंभे से चिपक गया मासूम, मौत

India
हैदराबाद की एक गेटेड सोसाइटी में रहने वाला एक बच्चा सोसाइटी कॉम्पलेक्स में खेलते हुए एक बिजली के खंभे से चिपक गया और किसी को इस बात का ऐहसास भी नहीं हुआ। Jagran Hindi News - news:national
सड़क हादसा : कैंटर की टक्कर से महिला की मौत, बाइक चला रहा भतीजा हुआ घायल

सड़क हादसा : कैंटर की टक्कर से महिला की मौत, बाइक चला रहा भतीजा हुआ घायल

Haryana
रोहतक | मकड़ौली मोड़ के पास कैंटर की टक्कर से बाइक सवार खानपुर कलां की नीलम की मौत हो गई, जबकि बाइक चालक उसके जेठ का बेटा मोहित घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी कैंटर चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खानपुर कलां के मोहित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह और उसकी चाची नीलम सोमवार को बाइक पर सवार होकर खानपुर से रोहतक जा रहे थे। रास्ते में जब वह मकड़ौली मोड़ के पास पहुंचा तो उसकी बाइक को पीछे से कैंटर ने टक्कर मार दी। उसकी चाचाी की मौत हो गई। उसे भी काफी चोट आई हैं। पुलिस ने आरोपी कैंटर चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dainik Bhaskar