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Tag: चीफ

पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ 1962 के चीन युद्ध से पहले मिल सकता था, पर नेहरू अपने ही रक्षा मंत्री के विरोध से पीछे हट गए

पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ 1962 के चीन युद्ध से पहले मिल सकता था, पर नेहरू अपने ही रक्षा मंत्री के विरोध से पीछे हट गए

Delhi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से सैन्य बलों के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) का पद बनाने की घोषणा की है। सीडीएस थल सेना, वायु सेना और नौसेना तीनों काे प्रभावी नेतृत्व प्रदान करेगा और उनके बीच समन्वय बढ़ाने के लिए काम करेगा। विशेषज्ञ और पूर्व सैनिक लंबे समय से कई मौकों पर यह मांग कर चुके थे। सीडीएस बनाने का पहला आधिकारिक प्रस्ताव 1999 में करगिल युद्ध के बाद बनी करगिल रिव्यू कमेटी (केआरसी) ने 2000 में दिया था यानी करीब 20 साल पहले। भारत में अभी सीडीएस का एक बहुत ही कमजाेर विकल्प काम कर रहा है। चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीओएससी) के चेयरमैन के जिम्मे यह काम है। तीनों सेनाओं के प्रमुखों में जो सबसे वरिष्ठ होता है, वह इस पद को संभालता है और उसके रिटायर होते ही यह पद दूसरे को मिल जाता है। अभी वायु सेना प्रमुख बी.एस. धनाेआ इस प
थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की दौड़ में सबसे आगे

थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की दौड़ में सबसे आगे

Delhi
नई दिल्ली (मुकेश कौशिक).रक्षा सेनाओं के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी सीडीएस नियुक्त करने की घाेषणा के साथ ही कयास तेज हो गए हैं कि इतिहास रचने का मौका किसे मिलेगा। इस पद पर पहली नियुक्ति के लिए थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत का नाम सबसे आगे है। फिलहाल वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ तीनों सेना प्रमुखों में सबसे सीनियर हैं। इस हैसियत से वह तीनों सैन्य प्रमुखों की समिति के अध्यक्ष भी हैं।धनाेआसितंबर में रिटायर हाेंगे। इसके बाद जनरल रावत सबसे सीनियर हो जाएंगे। उनका कार्यकाल दिसंबर 2019 तक है। सीडीएस की नियुक्ति की सिफारिश रक्षा मंत्रालय की समिति करेगी। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कैबिनेट की नियुक्ति समिति इस पर अंतिम मुहर लगाएगी। सीडीएस की व्यवस्था बनते ही चेयरमैन चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी का पद खत्म हो जाएगा। अभी तीनों सेना प्रमुखाें में से सबसे सीनियर काे यह पद मिलता है। सीडीएस की रि
तैयारी : चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के अधिकारों पर स्थिति अभी साफ नहीं , कारगिल युद्ध से उठती रही है मांग

तैयारी : चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के अधिकारों पर स्थिति अभी साफ नहीं , कारगिल युद्ध से उठती रही है मांग

India
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की घोषणा तो सरकार ने कर दी है, लेकिन उसके अधिकारों को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। माना जा रहा है कि सीडीएस को संचालनात्मक अधिकार सरकार नहीं देगी। उनकी भूमिका को सेनाओं... Live Hindustan Rss feed
फैसले के खिलाफ दायर अर्जी पर चीफ जस्टिस बोले- आधे घंटे पढ़ी, समझ नहीं आया कहना क्या चाहते हो

फैसले के खिलाफ दायर अर्जी पर चीफ जस्टिस बोले- आधे घंटे पढ़ी, समझ नहीं आया कहना क्या चाहते हो

India
नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि मैंने आधे घंटे याचिका पढ़ी।इसके बावजूद समझ नहीं आया कि आप कहना क्या चाहते हैं।ये किस तरह की याचिका है? यह तो मेंशन के लायक भी नहीं है।इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ‘‘सुरक्षा एजेंसियां रोज कश्मीर के हालात की समीक्षा कर रही हैं। हमें जमीनी हकीकत के बारे में पता है।’’वकील मनोहर लाल शर्मा ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सरकार के फैसले के अगले दिन ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मामले पर तुरंत सुनवाई की मांग की थी। हालांकि, कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया था।कश्मीर को लेकर एक अन्य याचिका पर भी होगी सुनवाईचीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबड़े और जस्टिस एसए नजीर की विशेष बेंच याचिकाकर्ता वक
मोदी ने कहा- तीनों सेनाओं को प्रभावी नेतृत्व देने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की व्यवस्था शुरू होगी

मोदी ने कहा- तीनों सेनाओं को प्रभावी नेतृत्व देने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की व्यवस्था शुरू होगी

India
नई दिल्ली.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश की रक्षा और सेनाओं के लिए बड़ा ऐलान किया। गुरुवार को लालकिले पर छठी बार तिरंगा फहराने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) का नया पद बनेगा। इससे थलसेना, वायुसेना और नौसेना सभी को एक जैसा प्रभावी नेतृत्व मिलेगा। सैन्य सेवाओं में रिफॉर्म्स का हमारा सपना पूरा होगा। 1999 में करगिल जंग के बाद पहली बार एक समिति ने सीडीएस की सिफारिश की थी।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘समय रहते रिफॉर्म्स की बहुत आवश्यकता होती है। सैन्य संसाधनों के रिफॉर्म्स पर काफी चर्चा हुई है। अनेक रिपोर्ट्स आई हैं। सभी रिपोर्ट्स एक ही समस्या को उजागर करती रही हैं। हमारी सेनाओं का जल-थल-नभ, तीनोंं में ही कॉर्डिनेशन है। किसी भी भारतीय को इसमें गर्व है। लेकिन आज जैसे दुनिया बदल रही है। आज जिस तरह तकनीक व्यवस्
प्रस्ताव आने के 19 साल बाद अब भारत में होगा ‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ’

प्रस्ताव आने के 19 साल बाद अब भारत में होगा ‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ’

India
देश में ऐतिहासिक सैन्य सुधार के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऐलान किया कि सेना के तीनों अंगों के प्रमुख के तौर पर 'चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ' (सीडीएस) का पद सृजित किया जाएगा। 1999... Live Hindustan Rss feed
लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान- भारत के पास जल्द होगा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान- भारत के पास जल्द होगा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

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देश में ऐतिहासिक सैन्य सुधार के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को ऐलान किया कि सेना के तीनों अंगों के प्रमुख के तौर पर 'चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (सीडीएस) का पद सृजित किया जाएगा।1999... Live Hindustan Rss feed
लाल किले से पीएम ने किया चीफ ऑफ स्टाफ का ऐलान, जानें क्या है सीडीएस?

लाल किले से पीएम ने किया चीफ ऑफ स्टाफ का ऐलान, जानें क्या है सीडीएस?

India
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आजादी की 72वीं वर्षगांठ के मौके पर लाल किले की प्रचीर से देश के नाम संबोधित करते हुए जहां एक तरफ सरकार की उपलब्धियों को गिनाया तो वहीं दूसरी तरफ उन्होंने सेना... Live Hindustan Rss feed
सब्जी मंडी की सड़क गलत तरीके से बनाने पर चीफ एडमिनिस्ट्रेटर को भेजी शिकायत

सब्जी मंडी की सड़क गलत तरीके से बनाने पर चीफ एडमिनिस्ट्रेटर को भेजी शिकायत

Haryana
यमुनानगर| शहर की सब्जी मंडी में रोड पर जमा पानी। भास्कर न्यूज | यमुनानगर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित सब्जी मंडी में करीब दस लाख की लागत से बनाई गई नई सड़क के कारण पैदा हुए हालात से आढ़ती व सब्जी लेने आने वाले उपभोक्ता भारी परेशान हैं। इस सड़क को दूसरी सड़कों की तुलना में करीब छह इंच नीचा बनाने का आरोप है। इस कारण इस पर से बरसाती पानी की निकासी नहीं हो पा रही। गंदा पानी सड़क पर जमा है और सड़ रहा है। शिकायतों के बाद भी अधिकारी इसे ठीक नहीं करवा रहे हैं। अब कच्ची मंडी आढ़ती एसोसिएशन न्यू सब्जी मंडी फेस-2 ने मार्केटिंग बोर्ड के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर को शिकायत भेजी है। इसमें विभाग के एक्सईएन व जेई पर बाई नेम गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सड़क निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने, ठीक ढंग से निर्माण न करने, निर्माण से पहले बैड लुक वाला पुराना मलबा प्रयोग करने का भी आरोप है। आरोप लग
चीफ जस्टिस गोगोई ने कहा- कुछ समूहों का रवैया आक्रामक, पर ये मजबूत परंपराओं से हार जाएंगे

चीफ जस्टिस गोगोई ने कहा- कुछ समूहों का रवैया आक्रामक, पर ये मजबूत परंपराओं से हार जाएंगे

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गुवाहाटी.सुप्रीम कोर्ट केचीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने रविवार को कहा कि वर्तमान समय में कुछ व्यक्तियों और कुछ समूहों द्वारा हिंसक और आक्रामकव्यवहार देखने को मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की इस तरह की घटनाएं महज अपवाद होंगीऔर देश की मजबूत कानूनी संस्थाओं के आगे हार जाएंगी।जस्टिस गोगोई ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के ऑडिटोरियम के शिलान्यास के मौके पर कहा, “सरकार के विभिन्न कार्यालय और संस्थाओं के होने के बावजूद अदालतें हर रोज लोगों को न्याय दिलाने का काम करतीहैं। कोर्ट में सरकारी कार्यालय की तरह कोई वरिष्ठता क्रम नहीं होता। इसलिए यहां तक सभी की पहुंच होती है।”दो लाख से ज्यादा मामले 25 सालों से लंबित: गोगोईचीफ जस्टिस ने कहा कि देशभर के अदालतों में एक हजार ऐसे मामले हैं जो पिछले 50 सालों से लंबित पड़े हैं। वहीं, दो लाख से ज्यादा वैसे मामले हैं जो पिछले 25 सालों से लंबितहैं। जस्टिस ग