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फोन की बैटरी तय करती है आपका मूड, जानिए फोन में आधी बैटरी का क्या मतलब है

Indian Technology
लंदन यूनिवर्सिटी के शौध से पता चला है कि फोन की बैटरी यूजर्स के मूड को तय करती है। जिन लोगों के फोन की बैटरी फुल है, तो वह सुखद महसूस करते हैं। वही दूसरी ओर जिनकी बैटरी कम है, वह नकारात्मक महसूस करते हैं। Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala

गरीबों की थाली से दूर हुआ प्याज, जानिए- मोदी सरकार ने उठाए ये कदम

India
प्याज की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने अपनी एजेंसी एमएमटीसी से 2000 टन प्याज का निर्यात करने को कहा है जिसका वैश्विक टेंडर जारी हो चुका है।tYn Jagran Hindi News - news:national
Yoga vs Gym For Fitness: याेग से बनेगी सेहत या अच्छा रहेगा जिम, जानिए यहां

Yoga vs Gym For Fitness: याेग से बनेगी सेहत या अच्छा रहेगा जिम, जानिए यहां

Health
Yoga vs Gym For Fitness: आजकल युवाओं में सेहतमंद रहने के लिए जिम जाने का प्रचलन बढ़ गया है। जहां युवा जिमिंग काे सेहत बनाने का एक अच्छा जरिया मानते हैं, वहीं पुराने लाेग सेहतमंद रहने के लिए याेग पर जाेर देते हैंं।देखा जाए ताे योग और जिम में कि जाने वाली शारीरिक गतिविधियाँ दाेनाें ही अच्छे स्वास्थ्य और एक्टिव लाइफस्टाइल को बनाए रखने में मददगार हैं। अगर आप भी इस बात को लेकर कंफ्यूज कि सेहतमंद रहने के लिए याेग और जिमिंग ( Yoga vs Gym For Fitness ) में से क्या बेहतर है, ताे आज हम आपकाे बताते है याेग और जिमिंग से शरीर व मन पर हाेने वाले फायदाें के बारे में : - Yoga vs Gym For Fitness In hindiसेहतमंद रहने के लिए जब याेग या जिमिंग में किसी एक का चुनाव करना हाे ताे यह बात यह बात जानने की जरूरत है कि इनके फायदे क्या हैं। हैल्थ विशेषज्ञाें के अनुसार योग का अभ्यास मन, शरीर और आत्मा को फायदा पहुंचाता
पीएम बर्थडे: जानिए, कैसे आक्रामक अंदाज ने बनाया मोदी को असाधारण नेता

पीएम बर्थडे: जानिए, कैसे आक्रामक अंदाज ने बनाया मोदी को असाधारण नेता

India
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंगलवार को 69वां जन्मदिन है। दूसरी बार प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद उनके जन्मदिन पर सबसे ज्यादा चर्चा हाउडी मोदी कार्यक्रम की है। ह्यूस्टन में इसी माह होने वाले... Live Hindustan Rss feed
Health Tips: जानिए क्या है साइलेंट स्ट्रोक, कारण और इससे बचने के तरीके

Health Tips: जानिए क्या है साइलेंट स्ट्रोक, कारण और इससे बचने के तरीके

Health
स्ट्रोक यानी खून का थक्का जमना। यह भारत में लोगों की अपंगता और मौत का एक बड़ा कारण है। बीते कुछ दशकों में भारत समेत अन्य विकसित देशों में स्ट्रोक के मामले दो गुना हो गए हैं। इंडियन स्ट्रोक एसोसिएशन... Live Hindustan Rss feed
जानिए, क्यों एनसीपी चीफ शरद पवार ने की पाकिस्तानियों की तारीफ

जानिए, क्यों एनसीपी चीफ शरद पवार ने की पाकिस्तानियों की तारीफ

India
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने पाकिस्तान के लोगों की जमकर प्रशंसा की है और आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 'गलत सूचना' फैला रही है। पवार ने शनिवार की शाम... Live Hindustan Rss feed
जानिए छाछ कब और कैसे पीएं, क्या हैं इसके नुकसान

जानिए छाछ कब और कैसे पीएं, क्या हैं इसके नुकसान

Health
पाचनतंत्र के लिहाज से फायदेमंद मानकर हम छाछ पीते हैं। यह शरीर के लिए पौष्टिक तो है लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं इसलिए इसको लेने से पहले कुछ बातें जानना जरूरी हैं- छाछ की तासीर न सिर्फ ठंडी होती है बल्कि यह खट्टी भी होती है। ऐसे में इसे नियमित पीने से भविष्य में आर्थराइटिस होने का खतरा रहता है। हालांकि आसानी से पचने वाली छाछ अपच, भूख न लगने, कब्ज आदि की समस्या में लाभदायक है लेकिन यह हड्डियों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। जोड़ों में अकड़न को बढ़ाती है साथ ही मांसपेशियों व नसों में रक्तसंचार में अवरोधक का काम करती है। सही समय - सर्दियों में दोपहर 2 बजे से पहले एक बार में इसकी 300 मिली. (एक गिलास) की मात्रा ले सकते हैं। इसके बाद न लें। कौन न पीएं -सांस की तकलीफ वाले मरीज इससे परहेज करें क्योंकि इससे उनकी परेशानी बढ़ सकती है। वे गर्मियों में भी इसे सीमित मात्रा में ही लें। इसके अलावा गठिया, जो
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पहली बार विदेशी मीडिया से करेंगे बातचीत, जानिए क्या है कारण

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पहली बार विदेशी मीडिया से करेंगे बातचीत, जानिए क्या है कारण

India
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और इसकी विचारधारा के बारे में ''गलत धारणा'' को स्पष्ट करने के लिए पहली बार संघ प्रमुख मोहन भागवत इस महीने विदेशी मीडिया से बातचीत करेंगे। समाचार एजेंसी भाषआ ने... Live Hindustan Rss feed
child food plan: जानिए तीन साल तक के बच्चे का खानपान कैसा हो, भूलकर भी न खिलाएं ये चीजें

child food plan: जानिए तीन साल तक के बच्चे का खानपान कैसा हो, भूलकर भी न खिलाएं ये चीजें

Health
नवजात को सबसे पहले दिया जाने वाला मां का दूध रोगों से लडऩे की क्षमता को बढ़ाता है। ज्यादातर मांएं बच्चे को सिर्फ दूध देती हैं जबकि उसकी तेजी से होती ग्रोथ के लिए दूध के अलावा भी कई ऐसी चीजों की जरूरत पड़ती है जो उसके संपूर्ण विकास के लिए जरूरी है। जानते हैं कि बच्चों के 0-3 साल तक का खानपान कैसा होना चाहिए- अच्छी आदतों से स्ट्रॉन्ग -एक साल की उम्र के बाद बच्चों को ऐसी बातें सिखाएं जो भविष्य के लिए परेशानी न बने। जैसे- भोजन करने के दौरान उसे किसी बड़े के साथ बिठाएं ताकि वह उन्हें देखकर रोटी तोड़ना, चम्मच पकड़ना और मुंह में निवाला डालना सीखे।बच्चे को खेल-खेल में खाने की आदत डलवाएं। इससे वह खुद से चीजें खाना सीखेगा।किसी गलत गतिविधि पर उसे डांटने, मारने या बोलने की बजाय केवल 'नो या नहीं के शब्दों की पहचान करवाएं। यह शब्द सुनते ही वह धीरे-धीरे समझेगा कि वह जो कर रहा है, वह गलत है। कब पीठ को थपथ
जानिए अलग-अलग अनाजों से बनी रोटी के फायदों के बारे में

जानिए अलग-अलग अनाजों से बनी रोटी के फायदों के बारे में

Health
भोजन में रोटी को संपूर्ण आहार कहा जाता है। खाना चाहे दिन का हो या रात का, रोटियों के बिना अधूरा है। जानते हैं अलग-अलग अनाज से तैयार रोटियों से होने वाले फायदे क बारे में। ज्वार -पोटेशियम, फास्फोरस, कैल्शियम, सोडियम और आयरन से भरपूर ज्वार को रोजाना भोजन में शामिल करने से गर्भवती महिलाओं को जरूरी विटामिन और खनिज पदार्थ मिलते हैं। यह हृदय रोग जैसे आर्टरीज (धमनियां) में होने वाले ब्लॉकेज को रोकने में मददगार है। प्रति 100 ग्राम ज्वार से 25 मिग्रा कैल्शियम मिलता है। जौ -बीटा-ग्लूकेन से भरपूर जौ सॉल्यूबल फाइबर का ही एक प्रकार है। इससे कोलेस्ट्रॉल कम होता है। रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं को अपने भोजन में हफ्ते में कम से कम छह बार जौ की रोटी शामिल करनी चाहिए। साथ ही यह ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है। 100 ग्राम जौ में 3.9 ग्राम फायबर व 11.5 ग्राम प्रोटीन मिलता है। बाजरा - राजस्थान में अधि