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फर्जी सर्टिफिकेट पर नौकरी लेने के 48 मामले, 3 केस लड़कियों के, अमृतसर में सबसे ज्यादा केस

फर्जी सर्टिफिकेट पर नौकरी लेने के 48 मामले, 3 केस लड़कियों के, अमृतसर में सबसे ज्यादा केस

Punjab
रोहित रोहिला, चंडीगढ़.फर्जी सर्टिफिकेट पर सरकारी नौकरी लेने के 48 मामले इस साल अब तक सामने आए हैं। इनमें तीन केस लड़कियों के हैं। पिछले साल ये आंकड़ा 94 था। पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के पास ऐसे मामले हर महीने आ रहे हैं। अब बोर्ड भी ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने जा रहा है।ऐसे लोगों का पता लगाएगा जो बोर्ड के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर रहे हैं। बोर्ड के सचिव कृष्ण कुमार ने अफसरों को ऐसे मामलों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं। इन 48 मामलों में 38 10वीं, 6 मामले 12वीं और 4 मामले 8वीं के हैं। इनकी जांच मुख्य तौर पर आर्मी, पुलिस, रोडवेज, रेलवे और केंद्र के पासपोर्ट महकमों की तरफ से कराई गई थी। इस प्रमाण पत्रों के फर्जी पाए जाने के बाद बोर्ड ने इन सर्टिफिकेट को जब्त कर संबंधित विभाग को सूचित कर दिया है।अमृतसर के 14, होशियारपुर के 4, जालंधर के 3 केस सामने आए :सरकारी महकमों की
भाजपा को अपने से ज्यादा महागठबंधन की चिंता : अजित सिंह

भाजपा को अपने से ज्यादा महागठबंधन की चिंता : अजित सिंह

India
रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह ने कहा कि विपक्ष का महागठबंधन तय है। इसका क्या स्वरूप होगा और कैसे होगा यह सब दिसंबर तक साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा महागठबंधन से डरी है और मोदी एवं शाह अपने बजाय... Live Hindustan Rss feed
घायल-बेसहारा पशुओं की देखभाल के लिए सरकार के पास कोई इंतजाम नहीं, एनजीओ 200 से ज्यादा पशुओं की कर रहा संभाल

घायल-बेसहारा पशुओं की देखभाल के लिए सरकार के पास कोई इंतजाम नहीं, एनजीओ 200 से ज्यादा पशुओं की कर रहा संभाल

Punjabi Politics
जब कोई पशु किसी काम का नहीं रह जाता और मालिक द्वारा छोड़ दिया जाता है। सड़क या किसी अन्य हादसे में घायल होकर आखिरी सांसें गिन रहा होता है तो उसकी देखभाल के लिए निगम, पशुपालन विभाग और जिला प्रशासन किसी के पास न तो उनकी देखभाल के लिए कोई जगह है और न ही कोई विभाग इस पर काम कर रहा है। पूरे जिले में सिर्फ पीएफए (पीपल फॉर एनिमल) का पुलिस लाइन स्थित कंपाउंड ही एक मात्र स्थान है जहां घायल और बेसहारा जानवरों की देखभाल की जा रही है। इसे चलाने वाले चंदर भूषण पूरे जिले के सभी जानवरों को अपने कंपाउंड में नहीं ला सकते। यहां 30 कुत्ते, 50 के करीब गाय भैंस, भेड़, बंदर, तोता, कबूतर, चिड़िया जैसे कई जानवरों की देखभाल दानी लोगों की सहायता से की जा रही है। जिले में 200 से ज्यादा डिस्पेंसरियां और पशु अस्पताल, एक में भी बेसहारा पशु दाखिल नहीं लकवे के मारे पशु हैं भर्ती... पीपल फॉर एनिमल एक ए
B Alert – हर साल 2,633 टन से ज्यादा एंटीबायोटिक खा रहे हैं भारतीय

B Alert – हर साल 2,633 टन से ज्यादा एंटीबायोटिक खा रहे हैं भारतीय

Health
भारत में 2,633 टन से ज्यादा एंटीबायोटिक लोग हर साल प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खा रहे हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, पशु आहार में मिलाए जा रहे एंटीबायोटिक की वजह से मौजूदा एंटीबायोटिक का इंसान पर असर खत्म होने का खतरा पैदा हो गया है। इस समय भारत में ढाई हजार टन से ज्यादा एंटीबायोटिक हर साल जानवरों के चारे में मिलाया जा रहा है, जो अप्रत्यक्ष तरीके से इंसानी शरीर तक पहुंचता है। एंटीबायोटिक की खपत के लिहाज से हम दुनिया में चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। अगले 13 साल में यह उपयोग 80 फीसदी और बढऩे की आशंका है। ये शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल 'साइंस' में प्रकाशित होने वाला है। सितंबर, 2016 में संयुक्त राष्ट्र ने घोषित किया था कि एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस के खतरे का बड़ा कारण जानवरों में एंटीबायोटिक का प्रयोग है। इससे बचने के लिए वैज्ञानिकों ने मांसाहार कम करने, कानूनी रोक व टैक्स बढ़ाने का सुझाव दिया है
पदाधिकारियों की नई सूची में अभय समर्थकों की संख्या ज्यादा, दुष्यंत का ट्वीट; न मैं विचलित न भयभीत हूं

पदाधिकारियों की नई सूची में अभय समर्थकों की संख्या ज्यादा, दुष्यंत का ट्वीट; न मैं विचलित न भयभीत हूं

Haryana
पानीपत/चंडीगढ़। चौटाला परिवार में कलह के बाद दुष्यंत और दिग्विज पर निलंबन की कार्रवाई के चौथे दिन 3 बड़ी गतिविधियां हुईं। इनेलो कार्यकारिणी पदाधिकारियों की एक और सूची जारी की गई। रविवार शाम को सांसद दुष्यंत चौटाला ने ट्वीट कर लिखा- ना मैं विचलित हूं, ना मैं भयभीत हूं। दूसरी ओर विपक्ष के नेता अभय चौटाला के समर्थक और सांसद-विधायक फील्ड में उतरकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं।वहीं सांसद दुष्यंत चौटाला के भी प्रदेश में लोगों से मिलने-जुलने के कार्यक्रम तय हो गए हैं। दिग्विजय छात्रसंघ चुनाव के साथ ही युवाओं से मेलजोल बढ़ा रहे हैं। खास बात यह है कि अब दोनों गुटों की पत्रकारवार्ता होने लगी हैं। सांसद दुष्यंत सोमवार को हिसार में अपने समर्थकों की नब्ज तो टटोलेंगे। पत्रकारवार्ता भी करेंगे। अभय की कोठी में बने जिला कार्यालय पहुंचे सिरसा सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी, सिरसा विधायक मक्ख

राजमार्गों से ज्यादा जानलेवा हैं मुहल्ले की सड़कें, आंकड़े दे रहे हैरान करने वाले सबूत

India
केंद्र और राज्य सरकारों के सारे प्रयास राजमार्गो पर हादसे कम करने को लेकर हैं, जबकि हादसों का असली ठिकाना राजमार्ग नहीं, वरन शहरों, कस्बों और मुहल्लों की सड़कें हैं। Jagran Hindi News - news:national
अपने नाम से ज्यादा रफाल पर भरोसा

अपने नाम से ज्यादा रफाल पर भरोसा

India
कमरे में घुसते ही हाजी पंडित ने होंठों को गोल करते हुए ‘शूंअंअअ...’ की आवाज़ निकाली और कागज़ से बनाए एक हवाई जहाज़ को उड़ा दिया। हाजी की हर अजीब हरकत का कोई न कोई मतलब ज़रूर होता है लेकिन, वो तब तक समझ में नहीं आता जब तक हाजी ख़ुद न बता दें।मैंने पूछा, ‘ये क्या है? बचपन में कौन से फाख़्ते उड़ा रखे थे कि इस उम्र में आकर कागज़ी जहाज़ उड़ाना पड़ रहा है?’ हाजी लगभग चिल्लाए, ‘कागज़ी जहाज़ नहीं गुरु! ये रफाल है रफाल!’ मैंने भी मज़े लिए, ‘अमां हाजी, तुम फ्रांस कब हो आए, जो ये आफ़त उठा लाए?’ हाजी आनंद में थे, ‘गया नहीं, शॉपिंग फेस्टिवल में होम डिलीवरी करवाई है, कैश ऑन डिलीवरी, अब न तो क़ीमत पूछना और न ही कैश कहां से आया जैसे टुच्चे सवाल करना।’मैंने कहा, ‘कीमत जो भी हो हाजी पर इस हवाई जहाज़ की क्षमता पर कोई शक नहीं। अभी इस्तेमाल तक नहीं हुआ और भाई ने कई निपटा भी दिए!’ हाजी भी ऐसा ही कुछ कहना चाह
अल्बानिया: 150 से ज्यादा मिग विमानों का कब्रिस्तान अब नाटो का स्टेशन बनेगा

अल्बानिया: 150 से ज्यादा मिग विमानों का कब्रिस्तान अब नाटो का स्टेशन बनेगा

Delhi
पहली बार बॉल्कन देश में बनने जा रहा है नाटो का ठिकाना कुकोवो | तस्वीर अल्बानिया के कुकोवा एयरबेस की है। यह एयरबेस जंगी लड़ाकू विमानों का कब्रिस्तान है। यहां 150 से ज्यादा विमान हैं। अब इस एयरबेस पर फिर जंगी विमानों का शोर सुनाई देगा। नाटो 8 मिलियन डॉलर खर्च कर अपने स्टेशन में बदलेगा। यह बाल्कन द्वीप नाटो का पहला स्टेशन होगा। नाटो इस बेस का इस्तेमाल सप्लाई, लॉजिस्टिक, ट्रेनिंग और युद्धाभ्यास के लिए करेगा। नाटो का पूरा नाम उत्तरी एटलांटिक संधि संगठन है। इस संगठन में अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन समेत 28 मित्र देश शामिल हैं। 2009 में अल्बानिया इसका सदस्य बना था। नई दिल्ली, रविवार 14 अक्टूबर, 2018 सोवियत संघ से संबंध टूटने के बाद विमान कबाड़ हो गए ये ज्यादातर विमान सोवियत संघ और चीन के दिए हैं। अल्बानिया के 60 से 70 के दशक में इन देश से संबंध खराब हुए तो ये विमान रिपेयर नहीं हो
पराली-फैक्ट्रियों से ज्यादा वाहनों के धुएं ने प्रदूषित की शहर की हवा

पराली-फैक्ट्रियों से ज्यादा वाहनों के धुएं ने प्रदूषित की शहर की हवा

Punjabi Politics
बरसात के मौसम में नमी के चलते सड़कों की धूल शहर की हवा में नहीं घुल पाई थी लेकिन अब शुष्क मौसम शुरू हो गया है तो धूल ने हवा का प्रदूषण बढ़ा दिया है। इसके अलावा वाहनों से निकलने वाला धुआं भी हालात खतरनाक बना रहा है। इससे सिटी का एयर क्वालिटी इंडेक्स 168 यानी बुरी स्थिति में पहुंच गया है। धूल बढ़ने का कारण प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने शहर की टूटी सड़कों से उड़ने वाली धूल और वाहनों के धुएं को माना है। सर्किट हाउस में लगे प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के स्टेशन से हर घंटे हवा के प्रदूषण की रिपोर्ट जारी होती है और यदि इंडेक्स 100 से नीचे रहे तो ही एयर क्वालिटी अच्छी मानी जाती है। पीपीसीबी के मुताबिक इस साल पराली जलाने के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। एयर पॉल्यूशन के लिए धान की कटाई या फैक्ट्रियों का धुआं ज्यादा जिम्मेदार नहीं है। पीपीसीबी की रिपोर्ट सड़कों की धूल से भी हालात बन रहे चिंताज
9% मुस्लिम आबादी, 18% सीटों पर असर, पर जितने टिकट मिले, उनमें आधे से ज्यादा हारे

9% मुस्लिम आबादी, 18% सीटों पर असर, पर जितने टिकट मिले, उनमें आधे से ज्यादा हारे

Rajasthan
उदयपुर। राजस्थान में मुस्लिम आबादी 9 प्रतिशत है, लेकिन मतदाताओं के तौर पर यह समुदाय राज्य की 36 सीटों को प्रभावित करता है। इनमें 15 सीटें मुस्लिम मतदाताओं के वर्चस्व वाली हैं तो 8 से 10 सीटें ऐसी हैं, जहां बड़ा मुस्लिम वोट बैंक है और चुनाव के नतीजे तय करता है।यही वजह है कि इन सीटों पर कांग्रेस और भाजपा अपने मुस्लिम उम्मीदवार उतारती रही हैं। मगर इन सीटों का विश्लेषण करने पर हैरान कर देने वाली बात सामने आई है कि पिछले 4 विधानसभा चुनावों में भाजपा के मुस्लिम उम्मीदवारों का जीत प्रतिशत कांग्रेस से ज्यादा है। गत चार चुनाव में कांग्रेस ने विभिन्न सीटों से 64 उम्मीदवारों को टिकट दिया जिनमें से 26 ने जीत हासिल की।वहीं भाजपा ने 14 को टिकट दिया जिनमें से 6 ने जीत दर्ज की। अगर 1998 से अब तक की राजनीति का विश्लेषण करें तो यह तथ्य दिलचस्प है कि सबसे ज्यादा चुनाव जीतने के मामले में स